गांवों की सरकार चुनने मतदान, दोपहर 1 बजे तक 29.27% वोटिंग; कई बूथों पर ईवीएम में खराबी

गांवों की सरकार चुनने मतदान, दोपहर 1 बजे तक 29.27% वोटिंग; कई बूथों पर ईवीएम में खराबी
गांवों की सरकार चुनने मतदान, दोपहर 1 बजे तक 29.27 प्रति. वोटिंग
भीलवाड़ा में पहले चरण में जिला परिषद के 28 और 9 पंचायत समितियों के 177 सदस्यों के लिए मतदान, कुछ बूथों पर ईवीएम में खराबी से रुकी वोटिंग
भीलवाड़ा। मूलचन्द पेसवानी
भीलवाड़ा जिले में पंचायतीराज चुनाव के पहले चरण में गुरुवार को गांवों की सरकार चुनने के लिए मतदान जारी है। जिला परिषद के 28 वार्डों और नौ पंचायत समितियों के 177 वार्डों में सदस्य चुनने के लिए सुबह 7 बजे मतदान शुरू हुआ। मतदान शाम 6 बजे तक चलेगा। दोपहर 1 बजे तक जिले में 2,61,987 मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग कर चुके थे। इस दौरान मतदान प्रतिशत 29.27 दर्ज किया गया। मतदान के दौरान कुछ स्थानों पर ईवीएम में तकनीकी खराबी आने से प्रक्रिया प्रभावित हुई, हालांकि मशीन बदलने और तकनीकी समस्या दूर करने के प्रयास किए गए।

जिले के 1110 मतदान केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान कराया जा रहा है। इस चरण में कुल 8,94,918 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे। मतदान केंद्रों पर सुबह मॉक पोल के बाद वास्तविक मतदान शुरू हुआ। कई गांवों में महिलाएं घूंघट में मतदान करने पहुंचीं। ग्रामीण क्षेत्रों में खेती-बाड़ी और मजदूरी के काम के चलते सुबह कुछ केंद्रों पर मतदाताओं की आवाजाही कम रही। दोपहर में मतदान केंद्रों पर मतदाताओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा।
बिजौलियां में सर्वाधिक, मांडलगढ़ में सबसे कम मतदान-
दोपहर 1 बजे तक पंचायत समितिवार मतदान की स्थिति में बिजौलियां सबसे आगे रहा। यहां 34.48 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। वहीं मांडलगढ़ में सबसे कम 24.25 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले। बनेड़ा में 28.17, जहाजपुर में 27.98, करेड़ा में 28.89, कोटड़ी में 30.08, खजूरी में 30.71, मांडल में 31.86 और सुवाणा में 29.16 प्रतिशत मतदान हुआ।
सुबह 10 बजे तक जिले में 11.26 प्रतिशत मतदान हुआ था। उस समय बिजौलियां में सर्वाधिक 17.01 प्रतिशत और सुवाणा में सबसे कम 9.73 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। सुबह से दोपहर तक मतदान प्रतिशत में बढ़ोतरी हुई। अब शाम 6 बजे तक मतदान पूरा होने के बाद अंतिम मतदान प्रतिशत की स्थिति स्पष्ट होगी।
सिंगोली चारभुजा में हाथ के निशान का बटन जाम, मतदान रुका-
मतदान के दौरान कुछ बूथों पर ईवीएम में तकनीकी खराबी की सूचना सामने आई। मांडलगढ़ क्षेत्र के सिंगोली चारभुजा स्थित बूथ नंबर 84 पर ईवीएम में कांग्रेस के चुनाव चिह्न हाथ के निशान का बटन जाम होने की जानकारी मिली। इसके चलते वहां मतदान रोकना पड़ा। मांडल क्षेत्र के केरियां में एक बूथ पर ईवीएम खराब होने के बाद मशीन बदलनी पड़ी। कोटड़ी क्षेत्र के लसाड़िया में भी ईवीएम में खराबी आने की सूचना मिली। नई मशीन पहुंचने के बाद वहां मतदान शुरू कराया गया। इन घटनाओं के कारण संबंधित बूथों पर मतदान प्रक्रिया प्रभावित हुई।
गांव में पानी की समस्या, महिलाओं ने जताई नाराजगी-
भीलवाड़ा के निकटवर्ती पालड़ी गांव में मतदान के दौरान महिलाओं ने गांव में पानी की समस्या को प्रमुख मुद्दा बताया। महिलाओं का कहना था कि चुनाव के समय नेता वोट मांगने आते हैं, लेकिन बाद में ग्रामीणों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जाता। अधिकारियों की ओर से भी समस्या का समाधान नहीं होने से परेशानी बनी हुई है। महिलाओं ने उम्मीद जताई कि गांव की सरकार चुनने के बाद पेयजल जैसी मूलभूत समस्या का समाधान होगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में मतदाता सड़क, पानी, बिजली और अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास की उम्मीद के साथ मतदान कर रहे हैं। कई मतदाताओं का कहना है कि पंचायत स्तर पर समस्याओं का समाधान होने से उन्हें छोटे-छोटे कामों के लिए बार-बार शहर नहीं जाना पड़ेगा।
मतदान केंद्रों के बाहर मोबाइल जमा कराने की व्यवस्था-
पंचायतीराज चुनाव में मतदान केंद्रों के भीतर मोबाइल फोन ले जाने पर रोक के चलते कई केंद्रों के बाहर स्थानीय लोगों ने मोबाइल जमा कराने के लिए काउंटर बनाए हैं। मतदाता अपने मोबाइल फोन जमा कराकर मतदान करने पहुंच रहे हैं। स्थानीय युवकों ने बताया कि मतदाता पर्ची और पहचान पत्र लेकर आते हैं, लेकिन मोबाइल साथ होने के कारण उन्हें उसे सुरक्षित रखने की जरूरत पड़ती है। इसके लिए केंद्रों के बाहर दो-दो काउंटर बनाकर मोबाइल रखने की व्यवस्था की गई है।
72 प्रत्याशी जिला परिषद के मैदान में-
जिला परिषद के 28 वार्डों में भाजपा, कांग्रेस, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी सहित विभिन्न दलों के कुल 72 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इनमें 31 महिलाएं भी अपनी किस्मत आजमा रही हैं। वहीं बिजौलियां, जहाजपुर, खजूरी, कोटड़ी, मांडलगढ़, बनेड़ा, करेड़ा, मांडल और सुवाणा पंचायत समितियों के 177 वार्डों में 466 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं।
अधिकारी कर रहे मतदान केंद्रों का निरीक्षण-
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से नियुक्त पंचायत चुनाव पर्यवेक्षक सोहनलाल, जिला निर्वाचन अधिकारी जसमीत सिंह संधू और पुलिस अधीक्षक सागर राणा मतदान प्रक्रिया पर नजर रखे हुए हैं। अधिकारी विभिन्न मतदान केंद्रों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। जिलेभर में पुलिस और प्रशासन ने शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष मतदान के लिए सुरक्षा के इंतजाम किए हैं। संवेदनशील और क्रिटिकल मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। शाम 6 बजे तक मतदान जारी रहने के कारण अब नजर मतदान प्रतिशत में होने वाली बढ़ोतरी पर है। मतदान समाप्त होने के बाद मतदाताओं के रुझान और अंतिम आंकड़ों से ग्रामीण क्षेत्रों में चुनाव को लेकर भागीदारी की स्थिति सामने आएगी।




