Ethanol News: पंपों पर क्यों नहीं मिल रहा शुद्ध पेट्रोल? सरकार ने E20 पर समझाया गणित, कीमत और पुरानी गाड़ियों पर दिए जवाब
E20: पेट्रोल पंपों पर शुद्ध पेट्रोल और एथेनॉल वाले पेट्रोल का विकल्प क्यों नहीं मिल रहा है? इसके जवाब में पेट्रोलियम मंत्रालय ने पूरा गणित समझाया है. साथ ही कीमत और पुरानी गाड़ियों पर भी जवाब दिया है.

Govt on Ethanol Petrol: देशभर में E20 यानी 20 फीसदी एथेनॉल वाले पेट्रोल को लेकर उठ रहे सवालों के बीच पेट्रोलियम मंत्रालय ने सरकार का पक्ष रखा है. इसमें उन सवालों के जवाब दिए गए हैं, जो पिछले कई महीनों से आम गाड़ी मालिक पूछ रहे हैं. जैसे क्या E20 महंगा है, शुद्ध पेट्रोल क्यों नहीं मिल रहा? पुरानी गाड़ियों का क्या होगा और आखिर सरकार इस नीति पर इतनी अड़ी क्यों है?
दिलचस्प बात यह है कि सरकार ने पहली बार माना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड) की कीमत करीब 70 डॉलर प्रति बैरल हो तो E20 तैयार करना शुद्ध पेट्रोल से महंगा पड़ सकता है. इसके बावजूद सरकार का कहना है कि एथेनॉल ब्लेंडिंग का मकसद सिर्फ पेट्रोल सस्ता करना नहीं बल्कि भारत को विदेशी तेल पर कम निर्भर बनाना है.

70 डॉलर के क्रूड पर महंगा पड़ता है E20
मंत्रालय के मुताबिक, मक्के से बनने वाला एथेनॉल करीब 71.86 रुपए प्रति लीटर में खरीदा जाता है. इसके अलावा GST, ट्रांसपोर्ट और स्टोरेज की लागत भी जुड़ती है. ऐसे में जब क्रूड 70 डॉलर के आसपास रहता है तो E20 की लागत सामान्य पेट्रोल से अधिक हो सकती है.

हालांकि सरकार का दावा है कि अगर भविष्य में क्रूड 120 से 130 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचता है तो यही E20 भारत के लिए सस्ता विकल्प साबित होगा और पेट्रोल की कीमतों पर दबाव कम करेगा.
फिर क्यों नहीं मिलेगा शुद्ध पेट्रोल?
यह सबसे बड़ा सवाल है, जिसका मंत्रालय ने विस्तार से जवाब दिया है. सरकार का कहना है कि देशभर में एक लाख से ज्यादा पेट्रोल पंप हैं. अगर हर पंप पर शुद्ध पेट्रोल, E10 और E20 तीनों अलग-अलग उपलब्ध कराए जाएं तो पूरी सप्लाई चेन बेहद जटिल और महंगी हो जाएगी.
सरकार ने यह भी साफ किया कि प्रीमियम पेट्रोल की तुलना E10 या शुद्ध पेट्रोल से नहीं की जा सकती, क्योंकि प्रीमियम पेट्रोल अलग बेस फ्यूल नहीं बल्कि उसी पेट्रोल में अलग एडिटिव मिलाकर तैयार किया जाता है.




