
शाहपुरा संवाद | पंचायत चुनाव विशेष | रिपोर्ट: मूलचन्द पेसवानी
फूलियाकलां। गांवों की चौपालों से लेकर खेतों की पगडंडियों तक अब पंचायत चुनाव की आहट सुनाई देने लगी है। ग्रामीण विकास की उम्मीदों, स्थानीय समस्याओं और जनप्रतिनिधियों से जुड़ी अपेक्षाओं के बीच नवगठित फूलियाकलां पंचायत समिति का चुनाव इस बार खास महत्व रखता है। इसी राजनीतिक सरगर्मी के बीच कांग्रेस ने पंचायत समिति के 15 वार्डों के लिए अपने अधिकृत प्रत्याशियों की घोषणा कर चुनावी मैदान में कदम बढ़ा दिए हैं। प्रत्याशियों की सूची जारी होने के साथ ही क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी शाहपुरा की ओर से 16 अक्टूबर को जारी अधिकृत सूची में सभी 15 वार्डों के उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं। पार्टी के प्रभारी समन्वयक रामदेव खारोल की अगुवाई में शाहपुरा के कांग्रेस नेता नरेंद्र कुमार एरगर, नगरपालिका अध्यक्ष रमेश सेन सहित अन्य नेताओं ने फूलियाकलां के उपखंड अधिकारी के समक्ष चुनाव चिह्न प्रस्तुत किए। इस प्रक्रिया के साथ कांग्रेस ने नवगठित पंचायत समिति में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
नवगठित पंचायत समिति होने के कारण यहां का चुनाव केवल सीटों की संख्या का गणित नहीं, बल्कि क्षेत्र के भविष्य की दिशा तय करने वाली राजनीतिक परीक्षा भी है। ग्रामीणों की नजरें इस बात पर रहेंगी कि उनके प्रतिनिधि गांवों की बुनियादी जरूरतों को कितनी गंभीरता से उठाते हैं। सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, किसानों की समस्याएं और सरकारी योजनाओं का लाभ जैसे मुद्दे चुनावी चर्चा के केंद्र में रह सकते हैं।
कांग्रेस के 15 अधिकृत प्रत्याशी
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की ओर से जारी सूची के अनुसार वार्डवार प्रत्याशी इस प्रकार हैं—
| वार्ड संख्या | प्रत्याशी का नाम |
|---|---|
| 1 | परवीन बानू |
| 2 | कन्हैया लाल |
| 3 | शिवराज माली |
| 4 | देव किशन |
| 5 | सरोज देवी |
| 6 | सावित्री देवी प्रजापत |
| 7 | मनभर शर्मा |
| 8 | कमला देवी |
| 9 | शाली देवी बावरी |
| 10 | माया गुर्जर |
| 11 | लीला |
| 12 | शिवानी बैरवा |
| 13 | द्वारका प्रसाद जाट |
| 14 | देव प्रकाश |
| 15 | कैलाश चन्द |
वादों से आगे, विश्वास जीतने की चुनौती
पंचायत चुनाव की असली कसौटी गांवों के बीच होगी, जहां मतदाता प्रत्याशियों के व्यक्तित्व, व्यवहार, जनसंपर्क और समस्याओं के समाधान की क्षमता को परखेंगे। ग्रामीण राजनीति में स्थानीय पहचान और सामाजिक समीकरणों के साथ-साथ व्यक्तिगत संपर्क भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में कांग्रेस प्रत्याशियों के सामने मतदाताओं तक पहुंचने और अपने पक्ष में विश्वास कायम करने की चुनौती रहेगी।
पार्टी संगठन के लिए भी यह चुनाव अहम है। सभी 15 वार्डों में घोषित प्रत्याशियों के पक्ष में कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना, स्थानीय स्तर पर समन्वय बनाना और जनता के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाना चुनावी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।
फिलहाल कांग्रेस ने फूलियाकलां पंचायत समिति के सभी 15 वार्डों में अपने उम्मीदवार घोषित कर चुनावी तैयारी का संकेत दे दिया है। अब नजरें अन्य राजनीतिक दलों की रणनीति, प्रत्याशियों के जनसंपर्क और ग्रामीण मतदाताओं के रुझान पर रहेंगी। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि नवगठित पंचायत समिति की पहली चुनावी जंग में जनता किसे अपना प्रतिनिधि चुनकर विकास की जिम्मेदारी सौंपती है।




