संकटमोचन हनुमान मंदिर में जन्माष्टमी पर सजेगा कृष्ण लोक
25 से अधिक विद्युतचलित झांकियां रहेंगी आकर्षण का केंद्र, महाभारत के प्रसंगों के साथ दिखेगी कृष्ण की बाल लीलाएं; आधी रात गूंजेंगे नंद के घर आनंद भयो के जयकारे

भीलवाड़ा,
भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी पर्व को लेकर भीलवाड़ा में श्रद्धा और उत्साह का माहौल है। मुख्य डाकघर के पास स्थित संकटमोचन हनुमान मंदिर में शुक्रवार को जन्माष्टमी महोत्सव भव्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन के रूप में मनाया जाएगा। महामंडलेश्वर बाबूगिरीजी महाराज के सान्निध्य में होने वाले आयोजन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
जन्माष्टमी पर मंदिर परिसर में 25 से अधिक विद्युतचलित झांकियां सजाई गई हैं। इस बार झांकियों में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन प्रसंगों के साथ महाभारत के विभिन्न प्रसंगों को भी जीवंत रूप में प्रदर्शित किया जाएगा। विद्युत रोशनी और आधुनिक तकनीक से तैयार ये झांकियां श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
कारागृह से गोकुल तक दिखेगी कृष्ण जन्म की कथा
झांकियों के माध्यम से भगवान कृष्ण के जन्म से लेकर उनकी बाल लीलाओं और जीवन के महत्वपूर्ण प्रसंगों को प्रस्तुत किया जाएगा। इनमें कारागृह में कृष्ण जन्म, गोकुल में बाल लीला, पूतना वध, कंस वध और कृष्ण-सुदामा मिलन जैसे प्रसंग प्रमुख रहेंगे।
महाभारत के प्रसंगों को भी झांकियों के जरिए दर्शाया जाएगा। आयोजकों के अनुसार कई झांकियां ऐसी होंगी, जिनमें पात्र और दृश्य हवा में उड़ते हुए दिखाई देंगे। तकनीक और सजावट का यह प्रयोग श्रद्धालुओं, विशेषकर बच्चों के लिए खास आकर्षण रहेगा।
वहीं ‘छोटा योगी’ की जीवंत झांकी भी इस बार आयोजन का विशेष आकर्षण रहेगी।
फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजा मंदिर
संकटमोचन हनुमान मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी सांवरमल बंसल, महावीर अग्रवाल एवं रमेशचंद बंसल ने बताया कि जन्माष्टमी को लेकर मंदिर को फूलों और रंग-बिरंगी विद्युत रोशनी से आकर्षक ढंग से सजाया गया है। मंदिर परिसर में जन्माष्टमी की तैयारियां अंतिम चरण में पूरी कर ली गई हैं।
जन्माष्टमी के अवसर पर हनुमानजी महाराज को डायमंड का चोला चढ़ाया जाएगा। झांकियों को अंतिम रूप देने के लिए आगरा, दिल्ली और मथुरा से कलाकार भीलवाड़ा पहुंचे हैं।
गोलप्याऊ से नगर निगम चौराहे तक रोशनी की छटा
जन्माष्टमी के अवसर पर शहर में भी आकर्षक सजावट की गई है। गोलप्याऊ चौराहे से नगर निगम चौराहे तक विशेष रोशनी एवं सजावट की जाएगी। शाम होते ही यह मार्ग रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाएगा।
मंदिर में शाम 5 बजे से श्रद्धालु झांकियों के दर्शन कर सकेंगे। इसके बाद रात में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का इंतजार रहेगा।
आधी रात जन्मेंगे कान्हा, गूंजेंगे जयकारे
मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव विधि-विधान एवं श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। जैसे ही जन्म का समय होगा, मंदिर परिसर ‘नंद के घर आनंद भयो’ और भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से गूंज उठेगा।
भगवान लड्डू गोपाल का पंचामृत से अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद पंजीरी एवं माखन-मिश्री का भोग लगाया जाएगा। जन्मोत्सव के अवसर पर केक भी काटा जाएगा।
महामंडलेश्वर बाबूगिरीजी महाराज के सान्निध्य में आयोजन
महामंडलेश्वर बाबूगिरीजी महाराज ने बताया कि जन्माष्टमी महोत्सव को भव्य और यादगार बनाने के लिए मंदिर परिसर को फूलों से सजाया गया है। आयोजन में समाज के सभी वर्गों एवं भक्तजनों का सहयोग मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि धर्म, सत्य, कर्म और लोककल्याण का संदेश भी देता है। झांकियों के माध्यम से कृष्ण के जीवन प्रसंगों के साथ सामाजिक संदेश देने का प्रयास भी किया गया है।
शाम से आधी रात तक भक्तिमय रहेगा माहौल
जन्माष्टमी पर शाम 5 बजे से मंदिर में झांकियों के दर्शन शुरू होने के साथ ही श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है। कृष्ण जन्म के समय तक मंदिर परिसर भक्तिभाव से सराबोर रहेगा।
इस बार संकटमोचन हनुमान मंदिर की जन्माष्टमी में भक्ति के साथ तकनीक, झांकियों में कृष्ण कथा के साथ महाभारत के प्रसंग और रोशनी में सजा पूरा शहर—श्रद्धालुओं के लिए यह आयोजन खास आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है।




