
भीलवाड़ा, मूलचन्द पेसवानी
श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर ट्रस्ट, मेन सेक्टर शास्त्रीनगर के तत्वावधान में सकल दिगंबर जैन समाज की ओर से सूर्यमहल, शास्त्रीनगर में आयोजित दशलक्षण (पर्युषण) महापर्व की दस दिवसीय आराधना शुक्रवार को अनंत चतुर्दशी पर उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की आराधना के साथ संपन्न हुई। इस अवसर पर राष्ट्र संत मनोज्ञाचार्य पुलकसागरजी महाराज ससंघ का सानिध्य रहा। भीलवाड़ा में पहली बार चातुर्मास कर रहे आचार्यश्री के सानिध्य में हुए धार्मिक आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने सहभागिता की।
अनंत चतुर्दशी के अवसर पर पर्युषण के दौरान आयोजित पाप नाशनम् शिविर का भी समापन हुआ। अंतिम दिन भगवान का अभिषेक एवं उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म का पूजन किया गया। अभिषेक और भक्ति के दौरान श्रावक-श्राविकाएं भक्ति में झूम उठे तथा भगवान के जयकारों के साथ नाचते-गाते नजर आए।

वासना के पर्दे को हटाए बिना परमात्मा के दर्शन नहीं
आचार्य पुलकसागर महाराज ने उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म का संदेश देते हुए कहा कि जो संसार से विरक्त होकर आत्मा में रमण करता है, वही उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म का पालन करता है। वासना और इच्छाओं के चक्रव्यूह से बाहर निकले बिना परमात्मा के दर्शन संभव नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि प्रकृति और संसार की व्यवस्था के कारण वासना से पैदा होना हमारी मजबूरी हो सकता है, लेकिन वासना में जीना और मरना हमारी मजबूरी नहीं हो सकती। हमारे और परमात्मा के बीच वासना का पर्दा है। जन्म-मरण की श्रृंखला भी वासनाओं का परिणाम है। अधूरी वासनाएं आत्मा को बार-बार जन्म लेने के लिए प्रेरित करती हैं।
आचार्यश्री ने कहा कि आत्मा का कल्याण करना है तो संसार का त्याग करना होगा। इच्छाओं की पूर्ति करते रहने से वे कभी समाप्त नहीं होतीं। जिंदगी पूरी हो जाती है, लेकिन इच्छाएं पूरी नहीं होतीं। इच्छाओं का त्याग किए बिना संसार से विरक्ति संभव नहीं है।
उन्होंने कहा कि एक उम्र के बाद इंद्रियां थक जाती हैं और शरीर जवाब देने लगता है, लेकिन मन की इच्छाएं समाप्त नहीं होतीं। इसलिए मृत्यु का समय निकट आने पर धन-दौलत की बजाय संयम और चरित्र को मजबूती से पकड़ना चाहिए।

समाधिमरण के लिए इच्छाओं पर नियंत्रण जरूरी
आचार्य पुलकसागरजी ने कहा कि समाधिमरण की भावना को साकार करना है तो इच्छाओं को नियंत्रित करना होगा। ऐसा संयमित जीवन जीना चाहिए कि अंतिम यात्रा लेटकर नहीं, बल्कि बैठकर निकले और समाधिमरण प्राप्त हो।
उन्होंने श्रद्धालुओं से ऐसी भावना रखने का आह्वान किया कि जब भी मृत्यु आए, सम्मेदशिखर की पवित्र माटी पर महाप्रयाण हो। अंतिम समय परिवार की चिंताओं के बजाय भगवान का नाम लेते हुए बीते तो जीवन सार्थक माना जा सकता है।
आचार्यश्री ने दस दिवसीय पाप नाशनम् शिविर में प्रतिदिन 16 घंटे धर्म साधना में बिताने वाले श्रावक-श्राविकाओं के प्रति मंगलभावना व्यक्त करते हुए कहा कि पर्युषण पर्व में जो सीखा है, उसे जीवन में उतारने का प्रयास होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सत्संग से मिलने वाला सुख अत्यंत महत्वपूर्ण है और दशलक्षण पर्व ऐसा हो जो व्यक्ति के जीवन में वास्तविक बदलाव लेकर आए।
30 तपस्वियों ने किए 10 दिन के उपवास
श्री पुलकसागर चातुर्मास समिति के अध्यक्ष प्रवीण चैधरी ने बताया कि पर्युषण पर्व के दौरान 30 तपस्वियों ने दस दिन के उपवास किए, जबकि 40 तपस्वियों ने पांच दिन के उपवास किए हैं।
अंतिम दिन चक्रवर्ती बनकर भगवान का अभिषेक करने का सौभाग्य निर्मल एवं ललिता कासलीवाल (सरवाड़े वाले) तथा शैलेन्द्र, सीमा एवं दर्श पाटनी को प्राप्त हुआ। शांतिधारा का सौभाग्य राजेन्द्र एवं ललिता गंगवाल तथा महावीरप्रसाद एवं संदीप बाकलीवाल को मिला। सांयकालीन महाआरती का सौभाग्य सीमा बत्रा, प्रतापगढ़ ने प्राप्त किया।
शनिवार को होगा तपस्वियों का शाही पारणा महोत्सव
चातुर्मास समिति के संयोजक मनीष शाह एवं सह संयोजक लोकेश अजमेरा ने बताया कि दस दिवसीय तप आराधना करने वाले तपस्वियों की भव्य सामूहिक थालोड़ी शनिवार सुबह 7.30 बजे आयोजित होगी।
इसके बाद आचार्य पुलकसागर महाराज ससंघ के सानिध्य में शाही पारणा महोत्सव आयोजित होगा। इससे पहले सूर्यमहल से शास्त्रीनगर के मूलनायक श्री पार्श्वनाथ भगवान के दर्शन के लिए तपस्वियों की शाही बग्गियों में प्रभावना यात्रा निकाली जाएगी।
अंकिता लोखंडे और विक्की जैन रहेंगे आकर्षण का केंद्र
शाही पारणा महोत्सव में तपस्वियों की अनुमोदना के लिए बिग बॉस फेम टीवी अभिनेत्री अंकिता लोखंडे एवं निर्माता विक्की जैन भी मौजूद रहेंगे। दोनों कार्यक्रम में विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे और तपस्वियों की तप आराधना की अनुमोदना करेंगे।
अंकिता लोखंडे ने ‘पवित्र रिश्ता’ से टीवी जगत में पहचान बनाई। इसके बाद वह ‘स्मार्ट जोड़ी’, ‘झलक दिखला जा’, ‘कॉमेडी सर्कस’, ‘लाफ्टर शेफ’ और ‘बिग बॉस’ सहित विभिन्न कार्यक्रमों में नजर आईं। उन्होंने फिल्मों में भी अभिनय किया है।
वहीं विक्की जैन निर्माण के साथ अभिनय के क्षेत्र में भी सक्रिय रहे हैं और विभिन्न टीवी कार्यक्रमों में नजर आ चुके हैं। सामाजिक गतिविधियों में भी उनकी सहभागिता रही है।
महापौर व उप महापौर ने लिया आशीर्वाद
भीलवाड़ा नगर निगम की नवनिर्वाचित महापौर जसवंत कंवर एवं उप महापौर राधेश्याम सोमानी ने आचार्य पुलकसागर महाराज के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। उनके साथ पार्षद मोहनी माली, सुरेंद्र सिंह मोटरास, रमेश खोईवाल, प्रेमदेवी खोईवाल, नरेंद्र राठौड़ एवं सागर माली सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
आचार्यश्री ने महापौर, उप महापौर एवं पार्षदों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों को घर से बड़ी पीड़ा समाज और शहर के लोगों की पीड़ा को समझना चाहिए। ईश्वर ने उन्हें नर सेवा के रूप में नारायण सेवा का अवसर दिया है। इसलिए समर्पित भाव से शहर के विकास एवं सर्वजन सुख के लिए कार्य करना चाहिए।
इस अवसर पर श्री पुलकसागर चातुर्मास समिति के अध्यक्ष प्रवीण चैधरी एवं अन्य पदाधिकारियों ने महापौर, उप महापौर एवं पार्षदों का स्वागत-अभिनंदन किया।




