आइए सार्वजनिक मंच पर बैठते हैं, दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा
कांग्रेस नेता नरेंद्र रेगर की विधायक डॉ. लालाराम बैरवा को खुली चुनौती

शाहपुरा।
विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी रहे, प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) सदस्य नरेंद्र कुमार रेगर ने भाजपा विधायक डॉ. लालाराम बैरवा को सार्वजनिक मंच पर आमने-सामने बैठकर तथ्यों के आधार पर चर्चा करने की खुली चुनौती दी है। रेगर ने दो टूक कहा कि यदि विधायक अपने आरोपों पर कायम हैं तो वे जनता के बीच खुले मंच पर आने को तैयार हैं, जहां दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।

गौरतलब है कि मंगलवार को शाहपुरा विधायक डॉ. लालाराम बैरवा ने कांग्रेस के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी का नाम लिए बगैर उन पर सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर मकान बनाने का आरोप लगाया। विधायक के इस बयान के बाद शाहपुरा की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया और अब कांग्रेस नेता ने भी पूरे मामले पर विडियो जारी कर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
नरेंद्र कुमार रेगर ने बयान में कहा कि उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन में कभी भी व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति नहीं की। उनका राजनीतिक जीवन सदैव जनहित, विकास और जनसरोकारों के मुद्दों को समर्पित रहा है। वे आज भी उसी सिद्धांत पर कायम हैं, लेकिन जब उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया है तो सच्चाई जनता के सामने रखना उनका दायित्व बन जाता है।
रेगर ने कहा कि उन पर लगाया गया यह आरोप पूरी तरह निराधार, भ्रामक और तथ्यों से परे है कि वे सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर निवास कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि जिस मकान में वे रह रहे हैं, वह पूरी तरह वैधानिक प्रक्रिया के तहत प्राप्त भूमि पर बना हुआ है। संबंधित भूखंड का विधिवत पंजीकृत पट्टा है और उसकी रजिस्ट्री पूरी प्रक्रिया के साथ संपन्न हुई है, जिसे तहसीलदार कार्यालय में विधिवत पंजीकृत भी कराया गया है। ऐसे में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण का आरोप केवल राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताया।
कांग्रेस नेता ने कहा कि जिनकी नीति और नियत साफ होती है, उन्हें सच का सामना करने से कभी भय नहीं होता। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है तथा भविष्य में भी जनता के अधिकारों की लड़ाई उसी मजबूती से लड़ते रहेंगे। सत्य के मार्ग पर चलते हुए हर प्रश्न का तथ्यात्मक और प्रमाणिक जवाब देने के लिए वे सदैव तैयार हैं।
नरेंद्र रेगर ने विधायक डॉ. लालाराम बैरवा को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि यदि विधायक अपने ढाई वर्ष के कार्यकाल में एक भी भ्रष्टाचार नहीं होने का दावा करते हैं तो वे भी जनता के बीच खुले मंच पर बैठने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक मंच पर दोनों पक्ष अपने-अपने दस्तावेज और तथ्य रखें, ताकि जनता स्वयं तय कर सके कि कौन सच बोल रहा है और कौन झूठ। उन्होंने दोहराया कि ऐसे मंच पर दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
शाहपुरा की राजनीति में इस बयान के बाद हलचल और तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दोनों प्रमुख नेताओं के बीच बढ़ती तल्खी आने वाले दिनों में और अधिक चर्चा का विषय बन सकती है।
फिलहाल इतना तय है कि शाहपुरा की सियासत में उठी इस नई राजनीतिक जंग ने माहौल को पूरी तरह गर्मा दिया है। एक ओर भाजपा विधायक के आरोप हैं तो दूसरी ओर कांग्रेस नेता नरेंद्र कुमार रेगर का तथ्यात्मक जवाब और खुली चुनौती। राजनीतिक गलियारों में इसी चर्चा ने जोर पकड़ लिया है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा शाहपुरा की राजनीति का सबसे चर्चित विषय बनने की संभावना जताई जा रही है।




