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अहोभाग्य हमारे गुरूदेव पुलकसागर महाराज चातुर्मास के लिए पधारे रहे भीलवाड़ा की पावन धरा पर

भीलवाड़ा में 25 जुलाई को चातुर्मासिक मंगल प्रवेश पर होगा भव्य स्वागत, मंगल कलश स्थापना 2 अगस्त को

भीलवाड़ा, । धर्मनगरी भीलवाड़ा के श्रद्धालुओं का अहोभाग्य है कि ओजस्वी प्रवचनकार प्रख्यात राष्ट्र संत मनोज्ञाचार्य पूज्य गुरूदेव पुलकसागरजी म.सा. पहली बार यहां चातुर्मास करने पधार रहे है। उनके चातुर्मासिक मंगल प्रवेश को लेकर भीलवाड़ावासियों में उत्साह का माहौेल है एवं श्रद्धालुगण आतुरता से गुरूदेव के आगमन की प्रतीक्षा कर रहे है। श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर ट्रस्ट, मैन सेक्टर शास्त्रीनगर के तत्वावधान में होने वाले चातुर्मास के लिए पूज्य पुलकसागरजी म.सा. का मंगल प्रवेश 25 जुलाई को होगा। चातुर्मास के दौेरान धर्म आराधना एवं भक्ति से ओतप्रोत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन होगा। चातुर्मास समिति के अध्यक्ष प्रवीण चौधरी ने बताया कि चातुर्मासिक प्रवचन प्रतिदिन 26 जुलाई से प्रतिदिन सुबह 8.30 से 10 बजे तक शास्त्रीनगर स्थित सूर्यमहल में होंगे। यहां प्रवचन के लिए विशाल वाटरप्रूफ डोम पांडाल तैयार किया जा रहा है। चातुर्मास के दौरान 15 से 30 अगस्त तक चित्रकूटधाम में पूज्य पुलकसागरजी म.सा. के सानिध्य में ज्ञान गंगा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इससे पूर्व चित्रकूटधाम में ही 1 अगस्त को गुरू गुणानुवाद कार्यक्रम होंगा एवं चातुर्मासिक मंगल कलश की स्थापना 2 अगस्त को होगी। चित्रकूटधाम में भी विशाल वाटरप्रूफ पांडाल तैयार किया जा रहा है। मंगलकलश स्थापना कार्यक्रम में देशभर से हजारों श्रद्धालु भी शामिल होने के लिए आएंगे।
 *भीलवाड़ा चातुर्मासिक आगमन पर राजशाही स्वागत की तैयारी*
चातुर्मास संयोजक मनीष शाह ने बताया कि पूज्य गुरूदेव पुलकसागरजी महाराज के भीलवाड़ा चातुर्मासिक प्रवेश पर 25 जुलाई को सर्व समाज द्वारा भव्य राजशाही स्वागत अभिनंदन किया जाएगा। पूज्य गुरूदेव सहित छह संत एवं तीन क्षुल्लिका का चातुर्मास के लिए मंगल प्रवेश शोभायात्रा रामधाम से शाम 4 बजे शुरू होगी। शोभायात्रा रेलवे फाटक, मुरली विलास रोड, स्टेशन चौराहा, गोलप्याउ, नेताजी सुभाष मार्केट, सिंधुनगर, शास्त्रीनगर मेन सेक्टर स्थित पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर होते हुए सूर्यमहल पहुंच सम्पन्न होंगी। चातुर्मास सह संयोजक लोकेश अजमेरा ने बताया कि शोभायात्रा पर ड्रोन से पुष्प वर्षा होगी तो नासिक का प्रसिद्ध ढोल बैण्ड एवं उज्जैन का महाकाल ताशा बैण्ड विशेष आकर्षण रहेगा। पुष्कर के अन्तरराष्ट्रीय नगाड़ा वादक नाथुसिंह सोलंकी टीम के साथ गोल प्याउ चौराहे पर नगाड़ो की दिव्य ध्वनि एवं संगीत के साथ गुरूदेव की अगवानी करेंगे। दिगम्बर जैन महिला मण्डलों द्वारा देशभक्ति एवं धर्म संस्कृति से ओतप्रोत सजीव झांकियों की प्रस्तुति भी शोभायात्रा में होगी।
 *चित्तौड़गढ़ से 18 जुलाई को भीलवाड़ा में दिशा में करेंगे विहार*
पूज्य गुरूदेव पुलकसागर महाराज 18 जुलाई को चित्तौड़गढ़ से भीलवाड़ा की दिशा में विहार करंेंगे तो उनकी अगवानी के लिए भीलवाड़ा से सैकड़ो श्रद्धालु वहां पहुचेंगे ओर विहार यात्रा के दौरान धर्मध्वजा लेकर साथ में चलेंगे। चित्तौड़गढ़ से भीलवाड़ा तक विहार मार्ग की पूरी सेवा भीलवाड़ा के श्रद्धालु संभालेंगे ओर गुरूदेव को पूरे श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ भीलवाड़ा लेकर आएंगे। विहार मार्ग में भी श्रद्धालु गुरूदेव के आगमन की बेसब्री से प्रतीक्षा कर रहे है। जगह-जगह स्वागत एवं अभिनंदन की तैयारी है।
 *अंतिम बार 11 वर्ष पूर्व भीलवाड़ा आए थे*
समसामयिक विषयों एवं समाज के ज्वलंत मुद्दों पर बेबाक विचार रखने वाले प्रख्यात संत पूज्य पुलकसागरजी महाराज 11 वर्ष बाद फिर भीलवाड़ा की पावनधरा पर पधार रहे है। मुनिश्री अंतिम बार वर्ष 2015 में भीलवाड़ा आए थे। उस दौरान भी हजारों लोगों ने उनके दर्शन वंदन कर धर्म लाभ प्राप्त किया था। पूज्य गुरूदेव के चातुर्मास के लिए लंबे समय से भीलवाड़ावासी विनती कर रहे थे जो अब जाकर साकार रूप ले पा रही है।

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