देवपुरी पंचायत भवन को लेकर ग्रामीणों का आंदोलन तेज, तीन गांवों के लोगों ने शाहपुरा पहुंच सौंपा ज्ञापन
'सभी के लिए सुविधाजनक स्थान पर बने पंचायत भवन', विधायक व प्रशासन से की मांग

शाहपुरा पंचायत समिति की नवसृजित देवपुरी ग्राम पंचायत के पंचायत भवन के स्थान चयन को लेकर ग्रामीणों का आंदोलन अब तेज होता जा रहा है। मंगलवार को मीणा की कोटड़ी, आंटोली और गुरुजी का खेड़ा के बड़ी संख्या में ग्रामीण शाहपुरा पहुंचे और पंचायत भवन के लिए प्रस्तावित भूमि को आरक्षित करने की मांग को लेकर विधायक, उपखंड अधिकारी एवं तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने प्रशासन से पंचायत भवन का निर्माण सभी गांवों के लिए सुविधाजनक एवं सर्वसम्मति से तय स्थान पर कराने की मांग की।

ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि पंचायत भवन के लिए देवपुरी-लसाड़िया मार्ग स्थित खसरा संख्या 1608 में 30 आर भूमि आरक्षित करने का प्रस्ताव ग्रामसभा के कोरम के साथ पारित किया जा चुका है। यह प्रस्ताव प्रशासन को भी भेजा जा चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि उक्त स्थान तीनों गांवों के मध्य स्थित होने के साथ-साथ मुख्य सड़क से जुड़ा हुआ है, जिससे आमजन को पंचायत संबंधी कार्यों के लिए आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि मीणा की कोटड़ी, आंटोली और गुरुजी का खेड़ा के अधिकांश लोग इसी स्थान पर पंचायत भवन निर्माण के पक्ष में हैं। उनका कहना है कि पंचायत भवन ऐसे स्थान पर होना चाहिए जहां सभी ग्रामवासियों को समान सुविधा मिल सके और भविष्य में भी किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो।

इस संबंध में ग्रामीणों ने विधायक डॉ. लालाराम बैरवा, उपखंड अधिकारी तथा तहसीलदार को तीनों गांवों की स्थिति से अवगत कराते हुए मांग पत्र सौंपा। विधायक डॉ. बैरवा ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा तथा सभी पक्षों से चर्चा कर उचित समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन से आग्रह किया कि पंचायत भवन के स्थान चयन में ग्रामसभा के प्रस्ताव और जनभावनाओं का सम्मान किया जाए, ताकि नवगठित पंचायत के विकास कार्य बिना किसी विवाद के आगे बढ़ सकें।
इस अवसर पर महेंद्र मीणा (जिला महामंत्री, एसटी मोर्चा), गणराज सिंह राणावत, पप्पू सिंह राणावत, आकाश शर्मा, जगदीश मीणा (वार्ड पंच) सहित आंटोली, मीणा की कोटड़ी और गुरुजी का खेड़ा के बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने एक स्वर में पंचायत भवन के लिए प्रस्तावित भूमि को स्वीकृति देने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।




