शाहपुरा में श्रद्धापूर्वक मनाया गया भगवान नेमिनाथ का मोक्ष कल्याणक महोत्सव

शाहपुरा, 20 जुलाई। सकल दिगंबर जैन समाज की ओर से सोमवार को 22वें तीर्थंकर भगवान 1008 नेमिनाथ का मोक्ष कल्याणक महोत्सव श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर शहर के वेदों का मंदिर, कालाभाटा मंदिर, ऊपर चंद्रप्रभु मंदिर, नया मंदिर तथा नसियांजी स्थित दिगंबर जैन मंदिरों में विशेष धार्मिक आयोजन हुए।
प्रातःकाल नित्य नियम एवं पूजन-अर्चना के बाद भगवान नेमिनाथ का 108 कलशों से अभिषेक एवं शांतिधारा सम्पन्न हुई। प्रथम शांतिधारा का सौभाग्य यशपाल, मधुदेवी, रितेश, अशोक, विनीत, नवरत्न एवं राजाबाबू परिवार को तथा द्वितीय शांतिधारा का सौभाग्य भागचंद, प्रभाचंद, राजेन्द्र, महेन्द्र, मुकेश एवं पारसमल परिवार को प्राप्त हुआ।
निर्वाण दिवस के उपलक्ष्य में निर्वाण लड्डू चढ़ाने का सौभाग्य मानमल, यशपाल, मधुदेवी एवं रितेश पाटनी परिवार को प्राप्त हुआ। इसके पश्चात उपस्थित सभी श्रावक-श्राविकाओं ने भी भगवान नेमिनाथ के निर्वाण कल्याणक पर श्रद्धापूर्वक निर्वाण लड्डू अर्पित किए। कार्यक्रम का समापन मंगल महाआरती के साथ हुआ।
मंदिर में आयोजित धर्मसभा में पंडित नरेन्द्र जैन एवं मानमल जैन ने भगवान नेमिनाथ के जीवन एवं उनके मोक्ष कल्याणक पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जैन धर्म के 24 तीर्थंकरों में भगवान नेमिनाथ 22वें तीर्थंकर हैं। उनका जन्म श्रावण शुक्ल षष्ठी को राजा समुद्रविजय एवं माता शिवादेवी के यहाँ शौरीपुर में हुआ तथा आषाढ़ शुक्ल सप्तमी को गुजरात स्थित गिरनार पर्वत पर उन्होंने मोक्ष प्राप्त किया।
उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि शांत मन से लिया गया निर्णय सदैव श्रेष्ठ परिणाम देता है। उन्होंने माता-पिता को जीवन का प्रथम गुरु बताते हुए उनकी सेवा एवं सम्मान का संदेश दिया। साथ ही कहा कि सच्चा ज्ञानी वही है, जो समस्या का समाधान होने पर अहंकार नहीं करता।

कार्यक्रम में समाज के आनंद सेठी, अशोक जैन, महेन्द्र जैन, निर्मल अजमेरा, राजाबाबू, हिमांशु जैन, मानमल, प्रभाचंद, अशोक जैन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। महिला मंडल की ओर से रेणु जैन, सरोज जैन, शिखा जैन, कल्पना जैन एवं मधु जैन ने भी धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता निभाई।




