
शाहपुरा। नशे की बढ़ती प्रवृत्ति के खिलाफ जागरूकता का संदेश लेकर ब्रह्माकुमारी विश्वविद्यालयालय शाखा शाहपुरा की ओर से आदर्श विद्या मंदिर माध्यमिक विद्यालय, कोठार मोहल्ला में नशामुक्ति प्रतिज्ञा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शाखा संचालिका सुश्री संगीता दीदी ने विद्यार्थियों को नशे के बढ़ते प्रचलन और उसके गंभीर दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया।
संगीता दीदी ने कहा कि आज नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं कर रहा, बल्कि यह उसके लक्ष्य, रास्ते और पूरे जीवन को प्रभावित करने वाली गंभीर समस्या बनता जा रहा है। नशे की आदत व्यक्ति को धीरे-धीरे शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से कमजोर करती है तथा परिवार पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि नशे के कारण शरीर में अनेक प्रकार की बीमारियां जन्म ले सकती हैं। युवा पीढ़ी यदि नशे से दूर रहे और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाए तो वह अपने भविष्य को बेहतर बनाने के साथ-साथ परिवार और समाज के लिए भी सकारात्मक भूमिका निभा सकती है।
‘एक व्यक्ति, 50 लोगों को नशे से दूर करने का संकल्प’
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को नशामुक्त भारत बनाने की प्रतिज्ञा दिलाई गई। विद्यार्थियों को संदेश दिया गया कि नशे के खिलाफ जागरूकता केवल स्वयं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति अपने आसपास के लोगों को भी नशे से दूर करने का प्रयास करे।
इस दौरान यह संकल्प दिलाया गया कि प्रत्येक व्यक्ति वर्ष में कम से कम 50 लोगों को नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करने का प्रयास करेगा। इस पहल का उद्देश्य नशामुक्ति के संदेश को परिवार से लेकर समाज तक व्यापक रूप से पहुंचाना है।

प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों को किया जागरूक
कार्यक्रम में स्थानीय विद्यालय के प्रधानाचार्य कपिल जी निम्बार्क भी उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए नशे से दूर रहने और अपने साथियों को भी इसके दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का भविष्य देश का भविष्य है। यदि युवा पीढ़ी नशे से मुक्त और स्वस्थ रहेगी तो समाज भी मजबूत बनेगा। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे नशे को जीवन में कभी स्थान न दें और अपने आसपास भी नशामुक्त वातावरण बनाने में सहयोग करें।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों में स्वस्थ जीवन, आत्मअनुशासन और नशामुक्त समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का संदेश दिया गया।




