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वंदे मातरम् पर सियासी संग्राम, भीलवाड़ा में भाजयुमो का उग्र प्रदर्शन

‘वंदे मातरम् का अपमान, देश की भावनाओं का अपमान’-सांसद सीपी जोशी

कांग्रेस से माफी की मांग, पोस्टरों पर जूतों की माला-कालिख और सड़े टमाटरों से जताया आक्रोश; भाजपा नेताओं ने साधा कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना

भीलवाड़ा। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम् को लेकर हुए कथित घटनाक्रम ने राजस्थान की सियासत में भी उबाल ला दिया। राष्ट्रगीत के अपमान का आरोप लगाते हुए भाजपा ने कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। भीलवाड़ा में भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने स्थानीय सूचना केंद्र चौराहे पर जोरदार प्रदर्शन कर कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं के पोस्टरों पर जूतों की माला पहनाई गई, सड़े टमाटर मारे गए और कालिख पोतकर आक्रोश जताया गया। वहीं बैनर पर लिखे वंदे मातरम् के शुद्धिकरण के लिए गौमूत्र का छिड़काव भी किया गया।

प्रदर्शन चित्तौड़गढ़ सांसद एवं पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी और भीलवाड़ा सांसद दामोदर अग्रवाल के सान्निध्य तथा भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा के नेतृत्व में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पूर्व महापौर राकेश पाठक और भाजयुमो जिलाध्यक्ष कुलदीप शर्मा सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।

प्रदर्शन के दौरान माहौल पूरी तरह राजनीतिक तेवरों से सराबोर नजर आया। कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कथित रूप से राष्ट्रगीत के अपमान को लेकर सार्वजनिक माफी की मांग उठाई। भाजपा नेताओं ने इसे केवल एक राजनीतिक विवाद नहीं, बल्कि राष्ट्रभावना से जुड़ा विषय बताते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।

‘वंदे मातरम् का अपमान, देश की भावनाओं का अपमान’

सांसद सीपी जोशी ने कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि वंदे मातरम् केवल शब्दों का समूह नहीं, बल्कि देश की स्वतंत्रता की लड़ाई, त्याग और बलिदान की स्मृतियों से जुड़ा राष्ट्रभाव है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान असंख्य क्रांतिकारियों ने वंदे मातरम् का उद्घोष करते हुए देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया।

जोशी ने कांग्रेस और गांधी परिवार से सवाल करते हुए कहा कि क्या उन स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान की कोई कीमत नहीं है, जिन्होंने मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राण तक अर्पित कर दिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्र से जुड़े प्रतीकों के प्रति संवेदनशीलता में कमी देश की जनता की भावनाओं को आहत करती है।

सांसद अग्रवाल बोले—राष्ट्रभावना पर राजनीति नहीं होनी चाहिए

सांसद दामोदर अग्रवाल ने कहा कि वंदे मातरम् को राष्ट्रीय गीत का दर्जा प्राप्त है और इससे करोड़ों भारतीयों की भावनाएं जुड़ी हैं। ऐसे में इसके सम्मान से जुड़े किसी भी प्रसंग को हल्के में नहीं लिया जा सकता। उन्होंने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति के नाम पर राष्ट्रवादी प्रतीकों के प्रति असंवेदनशील रवैया अपनाने का आरोप लगाया।

अग्रवाल ने कहा कि देशभक्ति किसी दल की बपौती नहीं, बल्कि प्रत्येक भारतीय की साझा भावना है। राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन राष्ट्र के सम्मान से जुड़े विषयों पर सभी दलों को मर्यादा और संवेदनशीलता का परिचय देना चाहिए।

मेवाड़ा की चेतावनी—‘माफी नहीं तो जनता देगी जवाब’

भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा ने कांग्रेस से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग करते हुए कहा कि कथित घटनाक्रम से करोड़ों देशवासियों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को इस मामले में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और यदि कोई गलती हुई है तो देश से माफी मांगनी चाहिए।

मेवाड़ा ने कहा कि राष्ट्रगीत और राष्ट्रगौरव से जुड़े विषयों पर भाजपा कार्यकर्ता चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि यदि कांग्रेस ने माफी नहीं मांगी तो जनता इस मुद्दे का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी।

गौमूत्र छिड़ककर ‘शुद्धिकरण’—प्रदर्शन का सबसे चर्चित दृश्य

प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपने विरोध को अलग अंदाज दिया। कार्यकर्ताओं ने बैनर पर लिखे वंदे मातरम् पर गौमूत्र का छिड़काव कर ‘शुद्धिकरण’ किया। भाजपा कार्यकर्ताओं का आरोप था कि कांग्रेस नेताओं के कथित रवैये से राष्ट्रगीत का अपमान हुआ है और इसी के प्रतीकात्मक विरोध में यह कदम उठाया गया।

यह दृश्य प्रदर्शन के दौरान सबसे अधिक चर्चा में रहा। कार्यकर्ताओं ने इसे अपनी भावनाओं के प्रतीकात्मक प्रदर्शन के रूप में प्रस्तुत किया और राष्ट्रगीत के सम्मान की रक्षा का संकल्प दोहराया।

पोस्टरों पर जूते, सड़े टमाटर और कालिख—सड़क पर दिखा राजनीतिक गुस्सा

भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेताओं के पोस्टरों पर जूतों की माला पहनाकर, सड़े टमाटर मारकर और कालिख पोतकर विरोध जताया। कई कार्यकर्ता काले कपड़ों में प्रदर्शन करते नजर आए। महिलाओं और युवाओं ने भी नारेबाजी करते हुए कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया।

प्रदर्शन के दौरान यह साफ दिखाई दिया कि वंदे मातरम् का मुद्दा अब केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि स्थानीय स्तर पर भी भाजपा ने इसे राजनीतिक अभियान का मुद्दा बना दिया है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि राष्ट्रगौरव और राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

भीड़ जुटी तो मुद्दा भी गरमाया

सूचना केंद्र चौराहे पर हुए प्रदर्शन ने भीलवाड़ा की राजनीतिक हलचल को एक नया विषय दे दिया। स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व के बीच राष्ट्रगीत को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का नया दौर शुरू होने के संकेत दिखाई दिए। भाजपा ने जहां इसे राष्ट्रसम्मान का प्रश्न बनाया, वहीं इस घटनाक्रम का राजनीतिक असर आने वाले दिनों में स्थानीय राजनीति में भी दिखाई दे सकता है।

कार्यक्रम में पेंटर सूरज, प्रहलाद त्रिपाठी, अर्पित समदानी, लक्ष्यराज सिंह, मुकेश सोनी, किरण सालवी, दीपक पाराशर, शिवराज गुर्जर, कमलेश आचार्य, चेतन सिंह, शुभम शर्मा, सूरज सिंह, गोपाल तेली, मंजू चेचाणी, सुरेंद्र सिंह मोटरास, ललित अग्रवाल, पंकज मानसिंहका, अंकुर बोरदिया, महावीर समदानी, रागिनी गुप्ता, अभिश्रुता सोलंकी, कुलदीप माथुर, महेंद्र नायक, आकाश मालावत, बाबूलाल आचार्य, घनश्याम सिंगीवाल, मंजू पालीवाल, विजय पोखरना, ऋतुशेखर शर्मा सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कुल मिलाकर स्वतंत्रता दिवस के जश्न के बीच वंदे मातरम् को लेकर छिड़ा यह सियासी संग्राम भीलवाड़ा की राजनीति में राष्ट्रवाद बनाम कांग्रेस की कथित असंवेदनशीलता के सवाल को नए सिरे से सामने ले आया है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि कांग्रेस इस आरोप का किस अंदाज में जवाब देती है और क्या यह विवाद आने वाले दिनों में जिले की राजनीति का बड़ा मुद्दा बनता है।

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