
भीलवाड़ा। सावन के पवित्र महीने में भगवान भोलेनाथ की आराधना और गंगाजल से अभिषेक की सनातन परंपरा एक बार फिर शहर की सड़कों पर आस्था का रंग बिखेरेगी। समस्त तेली समाज की ओर से हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी भव्य कावड़ यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। 23 अगस्त, रविवार को निकलने वाली इस धार्मिक यात्रा को लेकर समाजजनों में खासा उत्साह है। हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर कावड़िए भगवान शिव के दरबार तक पहुंचेंगे और विधि-विधान से जलाभिषेक कर क्षेत्र में सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना करेंगे।
कावड़ यात्रा का शुभारंभ रविवार सुबह 7:15 बजे तेलीपाड़ा स्थित श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर से होगा। यहां पूजा-अर्चना के बाद कावड़ यात्रा विधिवत रवाना की जाएगी। यात्रा में बड़ी संख्या में समाजजन, महिला-पुरुष श्रद्धालु और शिवभक्त कावड़िए शामिल होंगे। यात्रा के दौरान वातावरण भगवान शिव के जयकारों और धार्मिक उद्घोष से गूंजता नजर आएगा।
शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरेगी कावड़ यात्रा
कावड़ यात्रा शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर अपने गंतव्य तक पहुंचेगी। यात्रा का निर्धारित मार्ग पुरानी धानमंडी, बड़ा मंदिर, सराफा बाजार, महाराणा टॉकीज, मंगला चौक, श्रीजी गेस्ट हाउस, रामस्नेही हॉस्पिटल, नेहरू रोड, सांगानेरी गेट होते हुए तिलक नगर तक रहेगा।
यात्रा जैसे-जैसे शहर के प्रमुख बाजारों और मार्गों से होकर आगे बढ़ेगी, वैसे-वैसे शिवभक्ति का माहौल भी गहराता जाएगा। कावड़िए अपने कंधों पर कावड़ में हरिद्वार से लाया गया पवित्र गंगाजल लेकर भगवान भोलेनाथ के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ेंगे। सावन में निकलने वाली इस कावड़ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भी उत्सुकता बनी हुई है।
हरिद्वार के गंगाजल से होगा भोलेनाथ का अभिषेक
कावड़ यात्रा का मुख्य आकर्षण हरिद्वार से लाए गए पवित्र गंगाजल से भगवान शिव का जलाभिषेक रहेगा। यात्रा तिलक नगर स्थित तेली समाज नोहरा के सामने श्री शिव मंदिर पहुंचकर संपन्न होगी। यहां कावड़िए भगवान भोलेनाथ को गंगाजल अर्पित करेंगे और विधि-विधान से पूजा-अर्चना करेंगे।
मान्यता है कि सावन माह में भगवान शिव का गंगाजल से अभिषेक करने से श्रद्धालुओं को विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। इसी धार्मिक भावना के साथ समाजजन हर वर्ष कावड़ यात्रा का आयोजन करते हैं। इस दौरान भगवान शिव से समाज, परिवार और क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की प्रार्थना की जाएगी।
भक्ति के रंग में रंगेगा शहर
सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। मंदिरों में पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक और धार्मिक आयोजनों के साथ कावड़ यात्राओं का भी विशेष महत्व रहता है। ऐसे में समस्त तेली समाज की यह कावड़ यात्रा भी शहर के धार्मिक वातावरण को भक्तिमय बनाने का काम करेगी।
यात्रा में शामिल शिवभक्त धार्मिक जयघोष करते हुए आगे बढ़ेंगे। रास्ते में श्रद्धालुओं द्वारा कावड़ियों का स्वागत किए जाने की भी उम्मीद है। समाजजनों के अनुसार कावड़ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में एकता, भाईचारे और सामूहिक आस्था का प्रतीक भी है।

तैयारियां अंतिम दौर में, समाजजनों से अधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान
कावड़ यात्रा को लेकर समाज की ओर से तैयारियां पूरी की जा रही हैं। आयोजन को सफल बनाने के लिए समाजजन व्यवस्थाओं में जुटे हुए हैं। यात्रा में अधिक से अधिक संख्या में समाजजनों और शिवभक्तों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आह्वान किया गया है।
सावन के अंतिम दौर में निकलने वाली यह भव्य कावड़ यात्रा एक ओर जहां भगवान भोलेनाथ के प्रति समाज की गहरी आस्था को प्रकट करेगी, वहीं दूसरी ओर शहर में धार्मिक उल्लास और भक्तिमय वातावरण का संचार करेगी। हरिद्वार का गंगाजल, कंधों पर कावड़ और जुबां पर भोलेनाथ का नाम—23 अगस्त को भीलवाड़ा शिवभक्ति के रंग में रंगता नजर आएगा।




