
उत्तम आर्जव धर्म पर मंदिरों में गूंजा जिनवाणी का संदेश, श्रद्धालुओं ने की पूजा-अर्चना
शाहपुरा, मूलचन्द पेसवानी।
जैन समाज के पवित्र दशलक्षण पर्युषण पर्व के अंतर्गत शुक्रवार को उत्तम आर्जव धर्म श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर शाहपुरा के विभिन्न जैन मंदिरों में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हुए। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की आवाजाही रही और भगवान जिनेंद्र देव के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।

धर्मावलंबियों ने मंदिरों में विधि-विधानपूर्वक भगवान जिनेंद्र देव का अभिषेक एवं शांतिधारा कराई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव के साथ भगवान की पूजा-अर्चना की। उत्तम आर्जव धर्म के अवसर पर मन, वचन और कर्म में सरलता रखने, कपट का त्याग करने तथा जीवन में सच्चाई एवं सहजता अपनाने का संकल्प लिया गया।
मन-वचन-कर्म में सरलता ही उत्तम आर्जव
धार्मिक आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं को उत्तम आर्जव धर्म के आध्यात्मिक महत्व से अवगत कराया गया। आर्जव का अर्थ सरलता एवं निष्कपटता बताया गया। धार्मिक संदेश में कहा गया कि व्यक्ति के मन में जो भाव हों, वही उसके वचन और कर्म में भी दिखाई देने चाहिए। मन, वचन और कर्म में एकरूपता तथा कपटरहित व्यवहार ही जीवन को धर्ममय बनाता है।
शाम को स्वाध्याय सभा में धर्म की चर्चा
पर्युषण पर्व के तहत शाम को जिनेंद्र भैया के सानिध्य में 10 लक्षण धर्म की स्वाध्याय सभा का आयोजन किया जाता है। इसमें समाज के श्रद्धालु धर्म, दर्शन और आध्यात्मिक विषयों का अध्ययन करते हैं। स्वाध्याय के माध्यम से दशलक्षण धर्म के विभिन्न स्वरूपों और उनके जीवन में महत्व पर चर्चा की जाती है।
स्वाध्याय सभा के दौरान धार्मिक ज्ञानवर्धक प्रश्न मंच भी आयोजित किया जाता है। इसमें समाज के महिला-पुरुष एवं बच्चे उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं। धार्मिक विषयों पर आधारित प्रश्नों के माध्यम से प्रतिभागियों के ज्ञान को परखा जाता है। बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पारितोषिक देकर सम्मानित किया जाता है।
सभी मंदिरों में धार्मिक आयोजनों से भक्तिमय वातावरण
शाहपुरा में पर्युषण पर्व के दौरान विभिन्न जैन मंदिरों में धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। इनमें समाज के वरिष्ठजन, महिलाएं और बच्चे बड़ी संख्या में शामिल होकर धर्म आराधना कर रहे हैं। नियमित धार्मिक आयोजनों के चलते मंदिरों में सुबह से शाम तक भक्तिमय वातावरण बना हुआ है।
कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में आध्यात्मिक चेतना, धार्मिक संस्कार और ज्ञान का प्रसार हो रहा है। श्रद्धालु पर्युषण पर्व के दौरान आत्मचिंतन, संयम और सदाचार को जीवन में उतारने का प्रयास कर रहे हैं।
इस अवसर पर जैन समाज के अध्यक्ष आनंद सेठी, मंत्री पीयूष गदिया एवं कोषाध्यक्ष पंकज पाटनी सहित अशोक गदिया, लोकेश पाटनी, हिमांशु जैन, महावीर सोगानी, लाभचंद जैन, मानचंद गदिया सहित समाज के वरिष्ठजन मौजूद रहे। महिलाओं में लाड देवी, सरोज देवी, भंवर देवी, अंजना, दीपमाला, सरिता, इंदू, रेनू, अमिता, ज्योति सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।




