“हर दिन पढ़ेंगे, हर दिन बढ़ेंगे” के संकल्प के साथ ‘मिशन पढ़ो राजस्थान’ का आगाज
पीएम श्री वीर माता माणिक कँवर बालिका विद्यालय में रीडिंग प्रमोशन अभियान शुरू, छात्राओं ने पुस्तक को बनाया अपना सच्चा मित्र, अतिथियों ने किया पौधारोपण

शाहपुरा। बदलते दौर में जहां मोबाइल और डिजिटल उपकरण बच्चों की दिनचर्या का बड़ा हिस्सा बनते जा रहे हैं, वहीं राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी पहल “मिशन पढ़ो राजस्थान” विद्यार्थियों में पुस्तक पढ़ने की संस्कृति को पुनर्जीवित करने का सार्थक प्रयास बनकर सामने आई है। इसी अभियान के अंतर्गत पीएम श्री वीर माता माणिक कँवर राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, शाहपुरा (भीलवाड़ा) में मंगलवार को रीडिंग प्रमोशन अभियान का उत्साह, उमंग और प्रेरणादायी वातावरण के बीच शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं को नियमित अध्ययन, पुस्तकालय के उपयोग और पुस्तकों से मित्रता करने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय परिसर में मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन, माल्यार्पण एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। विद्यालय के प्राचार्य एवं शिक्षकों ने सभी अतिथियों का तिलक एवं माल्यार्पण कर पारंपरिक भारतीय संस्कृति के अनुरूप आत्मीय स्वागत किया।
कार्यक्रम में एसडीएमसी सदस्य रामेश्वर लाल बसेर मुख्य अतिथि रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में रामप्रसाद पारीक, मुमताज खान कायमखानी एवं स्वराज सिंह शेखावत उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सत्यनारायण कुमावत ने की।
मुख्य अतिथि रामेश्वर लाल बसेर ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि आज के समय में बच्चों के सामने सबसे बड़ी चुनौती मोबाइल की बढ़ती लत है। यदि विद्यार्थी प्रतिदिन कुछ समय पुस्तकों के अध्ययन को दें, तो उनका बौद्धिक, भाषाई और मानसिक विकास स्वतः होने लगेगा। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे मोबाइल पर अनावश्यक समय व्यतीत करने के बजाय विद्यालय पुस्तकालय से पुस्तकें लेकर नियमित अध्ययन करें। उन्होंने कहा कि “पुस्तकें ही सच्ची मित्र होती हैं, जो जीवनभर हमारा मार्गदर्शन करती हैं।”

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सत्यनारायण कुमावत ने राज्य सरकार के “मिशन पढ़ो राजस्थान” अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि इस अभियान का उद्देश्य केवल पढ़ना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत विकसित करना, भाषा दक्षता बढ़ाना, कल्पनाशक्ति को समृद्ध करना तथा आत्मविश्वास का विकास करना है। उन्होंने कहा कि नियमित पठन से बच्चों की अभिव्यक्ति क्षमता, सोचने-समझने की शक्ति और सीखने की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आता है। उन्होंने छात्राओं से प्रतिदिन पढ़ने का संकल्प लेने और पुस्तकालय का अधिकतम उपयोग करने का आग्रह किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय में “मेरी कहानी” गतिविधि का आयोजन भी किया गया, जिसमें छात्राओं ने अपनी पसंदीदा कहानियों का रोचक वाचन एवं प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण किया। छात्राओं के आत्मविश्वास, भाषा शैली और प्रस्तुति कौशल ने उपस्थित अतिथियों एवं शिक्षकों का ध्यान आकर्षित किया। शिक्षकों ने छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि “हर दिन पढ़ेंगे, हर दिन बढ़ेंगे” का संकल्प ही ज्ञान, सफलता और उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है।

विद्यालय प्रशासन ने बताया कि रीडिंग प्रमोशन अभियान के अंतर्गत आगामी दिनों में विद्यालय में सामूहिक पठन, कहानी वाचन, पुस्तक समीक्षा, पुस्तक प्रदर्शनी, पठन प्रतियोगिता, पुस्तकालय भ्रमण तथा रचनात्मक लेखन जैसी विविध गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में पुस्तकों के प्रति रुचि बढ़ाने और अध्ययन को आनंददायक बनाने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा प्रतिदिन नियमित अध्ययन करने का सामूहिक संकल्प लिया। उन्होंने यह भी संकल्प व्यक्त किया कि वे पुस्तकों को अपना सच्चा मित्र बनाएंगी और ज्ञान अर्जन की इस यात्रा को निरंतर जारी रखेंगी।

शिक्षा के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। कार्यक्रम के उपरांत सभी अतिथियों एवं विद्यालय परिवार ने विद्यालय परिसर में पौधारोपण किया। इस अवसर पर अधिक से अधिक पौधे लगाने, उनकी नियमित देखभाल करने तथा विद्यालय परिसर को हराभरा बनाए रखने का संकल्प लिया गया। वक्ताओं ने कहा कि जिस प्रकार पुस्तकें जीवन को ज्ञान से समृद्ध करती हैं, उसी प्रकार वृक्ष पृथ्वी को जीवन प्रदान करते हैं। इसलिए शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण दोनों ही समाज के उज्ज्वल भविष्य के लिए समान रूप से आवश्यक हैं।
कार्यक्रम के समापन पर छात्राओं को नियमित पठन-पाठन की आदत विकसित करने, पुस्तकालय का अधिकाधिक उपयोग करने तथा पुस्तकों को जीवन का अभिन्न साथी बनाने का संदेश दिया गया। विद्यालय परिवार ने विश्वास व्यक्त किया कि “मिशन पढ़ो राजस्थान” अभियान से छात्राओं की भाषा दक्षता, अभिव्यक्ति क्षमता, पठन कौशल और सीखने के स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि होगी तथा उनमें आत्मविश्वास और रचनात्मक सोच का भी विकास होगा।

कार्यक्रम का प्रभावी संचालन इंदिरा जैन ने किया। इस अवसर पर विद्यालय स्टाफ के पीयूष गादिया, सुरेंद्र सिंह बारेठ, शिव प्रसाद, ज्योति, सुमन, रश्मि व्यास, तबस्सुम खान, श्यामलाल शर्मा सहित बड़ी संख्या में अभिभावक तथा कक्षा 1 से 8 तक की छात्राएं उपस्थित रहीं। पूरे आयोजन के दौरान विद्यालय परिसर में शिक्षा, संस्कार, पठन संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश गूंजता रहा।




