
शाहपुरा। चंवलेश्वर पार्श्वनाथ देशनोदय दिगंबर जैन अतिशय तीर्थ क्षेत्र में भव्य वार्षिक कलशाभिषेक, आचार्यश्री 108 सुधा सागर महाराज का 44वां दीक्षा दिवस एवं सामूहिक क्षमावाणी पर्व श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। आश्विन बुदी दूज के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने भाग लेकर धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता की और परस्पर क्षमायाचना करते हुए ‘मिच्छामि दुक्कड़म्’ के भाव के साथ पर्व मनाया।
तीर्थ क्षेत्र अध्यक्ष प्रकाश कासलीवाल, शनिवार मंडल अध्यक्ष महेंद्र जैन एवं कार्याध्यक्ष प्रवीण गोधा ने बताया कि दिनभर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। सुबह से ही तीर्थ क्षेत्र में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। वातावरण धार्मिक जयकारों और भक्ति संगीत से गुंजायमान रहा।
अभिषेक और शांतिधारा से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 7.15 बजे अभिषेक एवं शांतिधारा के साथ हुई। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ भगवान का अभिषेक कर विश्व शांति, सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना की।
इसके बाद सुबह 11.15 बजे पार्श्वनाथ मंडल विधान का आयोजन किया गया। विधानाचार्य पंडित राकेश जैन इंदौर एवं विपिन शास्त्री के निर्देशन में श्रद्धालुओं ने धार्मिक विधान में भाग लिया। संगीतकार नरेंद्र जैन ग्रुप ने भक्ति गीतों की प्रस्तुतियों से वातावरण को भक्तिमय बनाए रखा।

विभिन्न मंडलों ने किया अभिषेक
तीर्थ क्षेत्र पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में क्षेत्र के चौखले के विभिन्न गांवों के श्रद्धालुओं ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की। सबसे पहले मुख्य कार्यकारिणी की ओर से अभिषेक किया गया। इसके बाद नवयुवक मंडल तथा सातों दिवस के सातों अभिषेक मंडलों की ओर से धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए गए।
श्रद्धालुओं में अभिषेक को लेकर विशेष उत्साह नजर आया। बड़ी संख्या में समाजबंधुओं ने परिवार सहित धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया।
सुधा सागर महाराज का 44वां दीक्षा दिवस मनाया
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण 108 सुधा सागर महाराज का 44वां दीक्षा दिवस रहा। वर्तमान में आचार्यश्री दयालबाग, इंदौर में विराजमान हैं। उनके दीक्षा दिवस के अवसर पर श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक अर्ध्य समर्पित कर उनके दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य एवं धर्म प्रभावना की कामना की।
समाजजनों ने कहा कि संतों के त्याग, तप और संयम का जीवन समाज को धर्म, संस्कार और आत्मकल्याण की प्रेरणा देता है। दीक्षा दिवस के आयोजन के माध्यम से श्रद्धालुओं ने संत परंपरा के प्रति अपनी आस्था और श्रद्धा व्यक्त की।
बाकलीवाल परिवार ने किया वार्षिक कलशाभिषेक
वार्षिक कलशाभिषेक के अवसर पर सौधर्म इंद्र के रूप में माणकचंद, राजेंद्र, प्रदीप, ऋषभ, मयंक एवं हार्दिक बाकलीवाल परिवार, जामोली ने धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया। इसी परिवार की ओर से ईशान इंद्र बनकर भी कलशाभिषेक किया गया।
इसके बाद भगवान श्रीजी की माला की बोली हुई, जिसमें तीर्थ क्षेत्र कोषाध्यक्ष भागचंद, प्रमोद कुमार, गणेश, अमित, प्रखर एवं पुलकित बंसल परिवार, रोंपा वाले ने सहभागिता की।
धार्मिक आयोजनों में बोली एवं पुण्यार्जक परंपरा के माध्यम से समाजबंधुओं ने धर्मलाभ लिया।
अजमेरा परिवार रहा भोजन पुण्यार्जक
कार्यक्रम में श्रद्धालुओं के लिए भोजन व्यवस्था का पुण्य लाभ लाभचंद, निर्मलादेवी, देवेंद्र एवं श्रेया अजमेरा परिवार की ओर से लिया गया। दिनभर तीर्थ क्षेत्र में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित की गईं।
क्षमावाणी में एक-दूसरे से मांगी क्षमा
धार्मिक कार्यक्रमों के बाद सामूहिक क्षमावाणी का आयोजन हुआ। उपस्थित सभी श्रावक-श्राविकाओं ने एक-दूसरे से जाने-अनजाने में हुई भूलों के लिए क्षमा मांगी। क्षमावाणी पर्व के संदेश को आत्मसात करते हुए समाजजनों ने आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे के साथ आगे बढ़ने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में क्षमा, संयम और आत्मशुद्धि के संदेश को प्रमुखता दी गई। श्रद्धालुओं ने परस्पर ‘मिच्छामि दुक्कड़म्’ कहकर मन की कटुता दूर करने और सामाजिक सौहार्द मजबूत करने का संदेश दिया।
तपस्वियों और प्रतिभाओं का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान धार्मिक साधना में विशेष तप करने वाले श्रावक-श्राविकाओं का सम्मान किया गया। दस उपवास, पांच उपवास और तीन उपवास करने वाले त्यागीवृत्ति श्रावक-श्राविकाओं को सम्मानित किया गया।
इसके साथ ही क्षेत्र की विभिन्न प्रतिभाओं का भी सम्मान किया गया। आयोजकों ने कहा कि तप, त्याग और प्रतिभा का सम्मान समाज में सकारात्मक प्रेरणा पैदा करता है तथा नई पीढ़ी को संस्कार एवं धर्म के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
विधायक और पूर्व प्रधान का किया स्वागत
कार्यक्रम में जहाजपुर विधायक गोपीचंद मीणा एवं कोटड़ी के निवर्तमान प्रधान कर्णसिंह कानावत भी पहुंचे। तीर्थ क्षेत्र कमेटी की ओर से दोनों अतिथियों का माला, तिलक एवं उपरणा ओढ़ाकर स्वागत किया गया।
अतिथियों ने तीर्थ क्षेत्र में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में सहभागिता की और समाजबंधुओं को पर्व की शुभकामनाएं दीं।
बड़ी संख्या में समाजजन रहे मौजूद
कार्यक्रम में प्रकाश कासलीवाल, भागचंद बंसल, कैलाश सौगाणी, महेंद्र जैन, प्रवीण गोधा, अमित गोधा, अमोलक चंद गोधा, मुकेश अजमेरा, रूपचंद गोधा, राजेंद्र गोधा, गोपाल जैन, संजय चौधरी, अनिल जैन सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे।
इसके अलावा नवयुवक मंडल एवं वामादेवी महिला मंडल के सदस्यों ने भी आयोजन में सक्रिय सहभागिता निभाई। दिनभर चले धार्मिक आयोजनों के दौरान तीर्थ क्षेत्र में श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना रहा।
कार्यक्रम के समापन पर तीर्थ क्षेत्र अध्यक्ष प्रकाश कासलीवाल ने सभी श्रद्धालुओं, पुण्यार्जक परिवारों, अतिथियों, मंडलों एवं आयोजन में सहयोग करने वाले समाजबंधुओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समाज की सामूहिक सहभागिता से धार्मिक आयोजनों की गरिमा और प्रभाव दोनों बढ़ते हैं।



