
भीलवाड़ा। सेवा और परमार्थ की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए हरि शेवा धर्मशाला की ओर से राजकीय आदर्श आवासीय वेद विद्यालय, पुष्कर में अध्ययनरत 13 वैदिक छात्रों को सोमवार को कंबल वितरित किए गए। सर्दी के मौसम को देखते हुए विद्यालय की ओर से छात्रों के लिए कंबल उपलब्ध करवाने का आग्रह किया गया था।
विद्यालय के वेद विज्ञ शिक्षक हिमांशु पांड्या ने हरि शेवा धर्मशाला से सहयोग का आग्रह करते हुए बताया कि विद्यालय में वर्तमान में 13 वेदिक छात्र एवं वेदपाठी अध्ययनरत हैं। सर्दी के मौसम में छात्रों को आवश्यक सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए कंबलों की आवश्यकता थी।
उन्होंने कहा कि हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन धर्म की सेवा परंपरा में प्रतिष्ठित संस्थान है तथा आश्रम एवं धर्मशाला की ओर से समय-समय पर सेवा, सहायता और दान-पुण्य के कार्य किए जाते रहे हैं। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए वेद विद्यालय के छात्रों के लिए कंबल उपलब्ध करवाने का आग्रह किया गया था।
विद्यालय की जरूरत को देखते हुए हरि शेवा उदासीन आश्रम के महामंडलेश्वर स्वामी हंसरामजी उदासीन महाराज ने 13 वैदिक छात्रों के लिए कंबल उपलब्ध करवाए और उनका वितरण किया। कंबल मिलने से विद्यार्थियों को सर्दी के मौसम में राहत मिलेगी।
इस अवसर पर संत मायाराम, गोविंदराम, पंडित सत्यनारायण शर्मा, मनमोहन शर्मा, अंकित शर्मा, परमेश्वर शर्मा तथा बालक मिहिर सहित अन्य उपस्थित रहे।
सेवा से संस्कार और संस्कृति को संबल
वेद विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थी वेद एवं वैदिक परंपराओं का अध्ययन कर रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थियों की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए किए गए इस सेवा कार्य को सनातन संस्कृति और वेद परंपरा के संरक्षण से भी जोड़कर देखा जा रहा है। सेवा के माध्यम से विद्यार्थियों को सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ समाज में सहयोग, संवेदना और परमार्थ की भावना को भी मजबूती मिलती है।




