बारिश ने बदली तस्वीर: त्रिवेणी से बनास तक उफान, पुलियाओं पर पानी; भीलवाड़ा-चित्तौड़गढ़ में कई मार्ग बाधित

मूलचन्द पेसवानी
भीलवाड़ा। भीलवाड़ा और निकटवर्ती चित्तौड़गढ़ जिले में मंगलवार को हुई झमाझम बारिश ने नदी-नालों में जान फूंक दी। कहीं नदी का पानी पुलिया के ऊपर से बह निकला तो कहीं रास्ते जलमग्न होने से आवागमन ठप हो गया। बीगोद में त्रिवेणी नदी 5.10 मीटर के उफान पर है, जबकि बड़लियास क्षेत्र में बेड़च नदी का पानी पुलिया के ऊपर करीब तीन फीट तक पहुंच गया। काछोला क्षेत्र में बनास नदी की पुलियाओं पर तेज बहाव ने लोगों की आवाजाही रोक दी। उधर, चित्तौड़गढ़ जिले के पारसोली क्षेत्र में रूपारेल नदी और स्थानीय नाले उफान पर आने से कई रास्ते बंद हो गए।
त्रिवेणी का पानी बीसलपुर की ओर बढ़ा
बीगोद में त्रिवेणी नदी 5.10 मीटर पर बह रही है। त्रिवेणी केंद्र बनास, बेड़च और मेनाली नदियों के संगम पर स्थित है। यहां से निकलने वाला पानी करीब 24 घंटे में बीसलपुर बांध तक पहुंचने की संभावना है।
बीसलपुर बांध का जलस्तर वर्तमान में 313.57 आरएल मीटर है। बांध की कुल भराव क्षमता 25.320 टीएमसी है और फिलहाल बांध करीब 65.42 प्रतिशत भरा हुआ है। त्रिवेणी में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने नदी क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
अधिकारियों ने साफ कहा है कि नदी के तेज बहाव और आसपास के क्षेत्रों में जाने से बचें। जिन सड़कों या पुलियाओं पर पानी बह रहा है, उन्हें पार करने का प्रयास नहीं करें। बारिश के दौरान पानी का बहाव अचानक बढ़ सकता है, इसलिए थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।
बड़लियास में तीन फीट पानी, भीलवाड़ा-चित्तौड़ संपर्क प्रभावित
बड़लियास कस्बे के पास से गुजर रही बेड़च नदी मंगलवार देर रात तेज बारिश के बाद अचानक उफान पर आ गई। रात करीब 10.30 बजे पुलिया पर करीब तीन फीट पानी आ जाने से बड़लियास-बरुदनी मार्ग बाधित हो गया। इससे इस रास्ते से भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ जिले के बीच आवागमन प्रभावित हुआ।
बड़लियास थाना प्रभारी जसवंत सिंह ने बताया कि बड़लियास सहित नदी के ऊपरी क्षेत्र में हुई तेज बारिश के बाद बेड़च नदी में पानी का बहाव तेजी से बढ़ा। पुलिया पर पानी आने के बाद पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से बेरिकेडिंग कर रास्ता बंद कर दिया और मौके पर जाप्ता तैनात किया।
रास्ता बंद होने से पुलिया के दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं। हालांकि नदी के उफान पर आने से क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों में खुशी का माहौल भी देखने को मिला। बड़ी संख्या में ग्रामीण नदी का तेज बहाव देखने पुलिया के आसपास पहुंच गए। पुलिस ने लोगों से नदी के पास भीड़ नहीं लगाने की अपील की।
काछोला में बनास का बहाव तेज
लगातार बारिश के चलते काछोला क्षेत्र में बनास नदी का जलस्तर भी बढ़ गया। काछोला थाना क्षेत्र के रड़ा से ककरोलिया घाटी मार्ग पर बनास नदी की पुलिया पर पानी का तेज बहाव देखा गया। पानी बढ़ने के कारण इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों और राहगीरों के लिए खतरा बढ़ गया है।
इसी तरह काछोला-चोहली-ककरोलिया घाटी मार्ग पर भी बनास नदी की पुलिया पर पानी आ गया। चेनपुरा और अमरपुरा के निकट बनी प्रमुख पुलिया पर करीब दो फीट पानी बहने लगा। इससे वाहनों और पैदल यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हुई।
स्थानीय लोगों के अनुसार मंगलवार देर रात हुई तेज बारिश और नदी के ऊपरी हिस्सों से पानी आने के बाद पुलिया का जलस्तर तेजी से बढ़ा। सुबह होते-होते पुलिया पर तेज धार दिखाई देने लगी और कार, मोटरसाइकिल सहित अन्य वाहनों का आवागमन रोकना पड़ा।
पुलिस ने दी सख्त चेतावनी
काछोला थाना प्रभारी नरेश शर्मा ने क्षेत्रवासियों और राहगीरों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पुलिया पर पानी का बहाव तेज हो तो किसी भी हालत में जोखिम उठाकर उसे पार नहीं करें।
बारिश के दौरान नदी और पुलिया पर पानी की गहराई का अनुमान लगाना मुश्किल होता है। ऊपर से कम पानी दिखाई देने के बावजूद नीचे तेज धार हो सकती है, जो वाहन या व्यक्ति को अचानक बहा सकती है। इसलिए पानी पुलिया के ऊपर से बह रहा हो तो सुरक्षित स्थान पर रुककर पानी कम होने का इंतजार करना ही समझदारी है।
थाना प्रभारी ने बच्चों और युवाओं को नदी के आसपास नहीं जाने देने की भी अपील की। बारिश के मौसम में जलस्तर कभी भी अचानक बढ़ सकता है।
पारसोली में रूपारेल नदी उफनी, गांवों का संपर्क टूटा
निकटवर्ती चित्तौड़गढ़ जिले के पारसोली कस्बे और आसपास के क्षेत्रों में मंगलवार को हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। लगातार बारिश के कारण रूपारेल नदी और स्थानीय नाले उफान पर आ गए।
सुखपुरा और बरुदनी मार्ग पर पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ। कई स्थानों पर छोटी पुलियाएं और रास्ते पानी में डूब गए। इससे गांवों के बीच संपर्क टूटने जैसी स्थिति बन गई और ग्रामीणों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा।
लगातार पानी भरने से खेत भी प्रभावित हुए हैं। खरीफ की फसलों में पानी भरने से नुकसान की आशंका बढ़ गई है। नदी-नालों के उफान के कारण कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात नजर आए।
नदियां खुशियों की सौगात, लेकिन सावधानी जरूरी
बारिश के बाद सूखी पड़ी नदियों में आया पानी किसानों के लिए राहत और खुशियों की खबर लेकर आया है। त्रिवेणी, बेड़च और बनास का उफान क्षेत्र में अच्छे जलभराव का संकेत दे रहा है। लेकिन नदी और पुलियाओं पर बढ़ता पानी खतरे की घंटी भी है।
प्रशासन की अपील साफ है—उफनती नदी देखने का रोमांच जिंदगी से बड़ा नहीं है। पुलिया पर पानी हो तो रास्ता बदलें, नदी के किनारे भीड़ न लगाएं और बच्चों को जलधाराओं से दूर रखें। बारिश का पानी राहत तभी है, जब उसके साथ सावधानी भी बरती जाए।




