VIDIO हरियाली का महाअभियान: राजकीय बालिका विद्यालय ने रचा नया कीर्तिमान, 16 बीघा परिसर में रोपे 600 पौधे
छात्राओं ने संभाली पौधों की जिम्मेदारी, "पौधा नहीं, भविष्य रोप रहे हैं" का दिया संदेश

फूलियाकलां | प्रकाश तोषनीवाल
धरती को फिर से हरियाली की चादर ओढ़ाने और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण देने के संकल्प के साथ कस्बे के राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय ने गुरुवार को ऐसा प्रेरणादायी पौधरोपण अभियान चलाया, जिसने पूरे क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण का सशक्त संदेश दिया। शाहपुरा रोड स्थित विद्यालय के 16 बीघा विस्तृत खेल मैदान में विद्यालय परिवार ने एक साथ 600 पौधों का सघन रोपण कर हरित भविष्य की मजबूत नींव रखी। अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि पौधरोपण को केवल एक सरकारी कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि प्रत्येक पौधे को जीवन देने का संकल्प लेते हुए उसकी सुरक्षा, सिंचाई और देखभाल की जिम्मेदारी भी छात्राओं एवं शिक्षकों ने स्वयं अपने हाथों में ली।
सुबह से ही विद्यालय परिसर में उत्साह और ऊर्जा का वातावरण था। छात्राओं के हाथों में पौधे थे, चेहरों पर मुस्कान थी और मन में प्रकृति के प्रति समर्पण का भाव। शिक्षकों के मार्गदर्शन में छात्राओं ने व्यवस्थित रूप से पौधरोपण किया और हर पौधे को सुरक्षित भविष्य देने का संकल्प दोहराया। पूरे मैदान में हरियाली की नई शुरुआत का दृश्य देखते ही बन रहा था।
विद्यालय के प्रधानाचार्य शंकरलाल जाट ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिवस या अभियान का विषय नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसी सोच के साथ विद्यालय द्वारा यह सघन पौधरोपण अभियान आयोजित किया गया। अभियान के दौरान शीशम, अमरूद, करंज, फाकल, गुलमोहर, जामुन सहित छायादार, फलदार एवं पर्यावरण की दृष्टि से उपयोगी विभिन्न प्रजातियों के 600 पौधे लगाए गए। इन पौधों का चयन स्थानीय जलवायु, भूमि की प्रकृति और दीर्घकालीन हरित विकास को ध्यान में रखकर किया गया है।
प्रधानाचार्य ने कहा कि “पौधे लगाना आसान है, लेकिन उन्हें वृक्ष बनाना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।” इसी उद्देश्य से प्रत्येक पौधे का संरक्षक निर्धारित किया गया है, जो उसकी नियमित सिंचाई, सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित करेगा। उनका कहना था कि यदि प्रत्येक नागरिक अपने जीवन में कम से कम एक पौधे को वृक्ष बनने तक संरक्षित करने का संकल्प ले, तो पर्यावरण संरक्षण का सपना साकार होने में देर नहीं लगेगी।
अभियान के दौरान छात्राओं ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि वे केवल विद्यालय परिसर तक ही सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि अपने घरों, मोहल्लों और आसपास के क्षेत्रों में भी अधिकाधिक पौधरोपण के लिए लोगों को प्रेरित करेंगी। विद्यालय परिवार ने जल संरक्षण, स्वच्छता और हरित विकास का संदेश देते हुए पर्यावरण बचाने की सामूहिक शपथ भी ली।
आज जब बढ़ता तापमान, घटते वन क्षेत्र और बिगड़ता पर्यावरण वैश्विक चिंता का विषय बने हुए हैं, ऐसे समय में राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय की यह पहल केवल एक पौधरोपण कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति संवेदनशील समाज के निर्माण की दिशा में एक सार्थक अभियान बनकर उभरी है। विद्यालय द्वारा रोपे गए ये 600 पौधे आने वाले वर्षों में न केवल छाया और स्वच्छ हवा देंगे, बल्कि इस बात की भी गवाही देंगे कि जब शिक्षा, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी एक साथ कदम बढ़ाते हैं, तब परिवर्तन की नई इबारत लिखी जाती है।
विद्यालय का यह अभियान क्षेत्र के अन्य शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों और आमजन के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गया है। यदि ऐसे प्रयास निरंतर जारी रहे, तो वह दिन दूर नहीं जब पूरा क्षेत्र हरियाली से आच्छादित होकर पर्यावरण संरक्षण की मिसाल बनेगा।




