
तीसरी संतान की शिक्षा का खर्च उठाने का प्रस्ताव, हर परिवार की मासिक आय 30 हजार से कम नहीं होने देने का दावा
भीलवाड़ा, 25 अगस्त। मूलचन्द पेसवानी।
समाज केवल रिश्तों और परंपराओं से नहीं, बल्कि एक-दूसरे की जरूरत के समय साथ खड़े होने से मजबूत होता है। बदलते दौर में किसी समाज की असली ताकत उसकी संख्या से ज्यादा इस बात में होती है कि उसके कितने परिवार आर्थिक रूप से सक्षम हैं, कितने बच्चे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, कितने युवा रोजगार और उद्यमिता से जुड़े हैं और समाज के कमजोर व्यक्ति को आगे बढ़ाने के लिए सक्षम लोग कितनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
इसी सोच को केंद्र में रखकर अखिल भारतीय माहेश्वरी महासभा के सितंबर में प्रस्तावित चुनाव में सभापति पद के प्रत्याशी त्रिभुवन काबरा के नेतृत्व वाली टीम ने भीलवाड़ा में अपना विजन और भावी कार्ययोजना समाज के सामने रखी। चित्तौड़गढ़ रोड स्थित रेडियंस होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में टीम त्रिभुवन के प्रत्याशियों ने सामाजिक उत्थान के लिए दीर्घकालीन योजनाओं का खाका पेश किया।
सामाजिक चुनावों में आमतौर पर प्रत्याशी और पैनल अपने समर्थन तथा चुनावी समीकरणों की चर्चा करते नजर आते हैं, लेकिन टीम त्रिभुवन ने चुनाव को समाज के भविष्य की कार्ययोजना और विकास के रोडमैप से जोड़ने का प्रयास किया। यही वजह रही कि यह पत्रकार वार्ता सामाजिक स्तर पर अपने आप में अलग और अनूठी दिखाई दी।
सभापति पद के प्रत्याशी त्रिभुवन काबरा ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति या पूर्व नेतृत्व को कटघरे में खड़ा करना नहीं है। वे यह नहीं कहते कि पिछले 15 वर्षों में कोई काम नहीं हुआ, लेकिन समाज की अपेक्षाओं और बदलते समय की जरूरतों के अनुरूप विकास की गति और तेज होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि समाज ने उनकी टीम को अवसर दिया तो महासभा केवल बैठकों और औपचारिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि हर माहेश्वरी परिवार तक पहुंच बनाने वाली व्यवस्था विकसित की जाएगी।
हर परिवार आर्थिक रूप से मजबूत हो, यही पहला लक्ष्य
त्रिभुवन काबरा ने कहा कि समाज के विकास की पहली सीढ़ी आर्थिक आत्मनिर्भरता है। कोई परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है तो उसके बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य सभी प्रभावित होते हैं। इसलिए उनकी टीम ऐसी व्यवस्था विकसित करने पर काम करेगी, जिससे समाज के जरूरतमंद परिवारों को रोजगार, व्यवसाय और स्वरोजगार के अवसर मिल सकें।
उन्होंने दावा किया कि उनका लक्ष्य होगा कि समाज के किसी भी परिवार की मासिक आय 30 हजार रुपए से कम नहीं रहे। इसके लिए परिवारों की आर्थिक स्थिति का आकलन, रोजगार के अवसरों की पहचान, कौशल विकास, उद्यमिता को बढ़ावा और समाज के सक्षम वर्ग के सहयोग से आर्थिक सहायता जैसी व्यवस्थाओं को एकीकृत करने की योजना बनाई जाएगी।
काबरा ने कहा कि प्रत्येक परिवार के लिए अपना घर होना भी सम्मानजनक जीवन का महत्वपूर्ण आधार है। इसलिए समाज में जरूरतमंद परिवारों को अपना घर उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

घटती आबादी पर चिंता, तीसरी संतान की पढ़ाई का प्रस्ताव
माहेश्वरी समाज की घटती आबादी को गंभीर चिंता का विषय बताते हुए काबरा ने कहा कि समाज की भविष्य की मजबूती के लिए इस विषय पर केवल चर्चा नहीं, बल्कि सकारात्मक सामाजिक वातावरण बनाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि जरूरतमंद माहेश्वरी परिवार में तीसरी संतान होने पर उसकी शिक्षा का पूरा खर्च महासभा द्वारा वहन करने की योजना लागू करने का प्रयास किया जाएगा। इसका उद्देश्य परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ कम करना और समाज में सकारात्मक जनसंख्या संतुलन के प्रति विश्वास पैदा करना है।
उन्होंने कहा कि आज दुनिया तेज गति से बदल रही है। बुलेट ट्रेन के दौर में समाज की विकास गति भी तेज करनी होगी। माहेश्वरी समाज के पास प्रतिभा, उद्यमिता, व्यापारिक अनुभव और आर्थिक क्षमता की कमी नहीं है। आवश्यकता इन सभी क्षमताओं को एक मंच पर लाकर समाज के सामूहिक विकास में लगाने की है।
अपनी यूनिवर्सिटी से लेकर स्कूलों की चेन तक
महामंत्री पद के प्रत्याशी राजकुमार काल्या ने पत्रकार वार्ता में टीम की कार्ययोजना के विभिन्न पहलुओं को विस्तार से सामने रखा। उन्होंने कहा कि चुनाव पूरी तरह लोकतांत्रिक प्रक्रिया है और उनका पैनल किसी व्यक्ति विशेष या किसी समूह के विरोध में चुनाव नहीं लड़ रहा।
उन्होंने कहा कि चुनाव का मूल उद्देश्य व्यवस्थागत कमियों को दूर करना और समय के अनुरूप परिवर्तन लाना है।
काल्या ने बताया कि टीम का लक्ष्य समाज की अपनी यूनिवर्सिटी स्थापित करने का है। इसके साथ ही स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में स्कूलों की चेन विकसित करने और समाज के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराने की योजना है।
उन्होंने कहा कि समाज के प्रतिभावान विद्यार्थियों को केवल डिग्री तक सीमित रखने के बजाय उन्हें भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जाएगा।
अपनी एनबीएफसी से आर्थिक सहयोग की व्यवस्था
टीम त्रिभुवन ने समाज के आर्थिक विकास के लिए अपनी नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी (एनबीएफसी) स्थापित करने की योजना भी सामने रखी।
काल्या ने कहा कि समाज में ऐसे अनेक युवा हैं जिनके पास प्रतिभा और विचार हैं, लेकिन पूंजी के अभाव में वे अपने व्यवसाय या उद्यम को आगे नहीं बढ़ा पाते। इसी तरह जरूरतमंद परिवारों को भी कई बार समय पर वित्तीय सहयोग नहीं मिल पाता।
ऐसे में समाज की अपनी वित्तीय संस्था विकसित कर जरूरतमंदों और समाज की विकास गतिविधियों को वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा। इससे समाज की आर्थिक शक्ति समाज के भीतर ही विकास का माध्यम बन सकेगी।
देशभर में माहेश्वरी अस्पतालों की श्रृंखला
स्वास्थ्य क्षेत्र को भी टीम ने अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है। समाजजनों को विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं वाजिब दरों पर उपलब्ध कराने के लिए देश के विभिन्न बड़े शहरों में माहेश्वरी अस्पतालों की श्रृंखला विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया।
काल्या ने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधा आज हर परिवार की जरूरत है। यदि समाज सामूहिक प्रयास से चिकित्सा क्षेत्र में मजबूत संस्थान खड़े करता है तो इसका लाभ केवल आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को ही नहीं, बल्कि पूरे समाज को मिलेगा।
‘मीटो’ के जरिए व्यापार और उद्योग को मिलेगा मंच
व्यापार और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए टीम ने माहेश्वरी इंडस्ट्री एंड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन—‘मीटो’ स्थापित करने की बात कही। इसका उद्देश्य देशभर के माहेश्वरी व्यापारियों, उद्योगपतियों और उद्यमियों को एक मंच पर लाना होगा।
टीम का मानना है कि समाज के अलग-अलग शहरों में कारोबार कर रहे उद्यमियों की सामूहिक शक्ति का उपयोग नए व्यवसाय, निवेश, रोजगार और व्यापार विस्तार के लिए किया जा सकता है।
इस मंच के माध्यम से व्यापारियों की समस्याओं को समझने, उनके समाधान के लिए प्रयास करने और नई पीढ़ी को उद्यमिता की ओर प्रेरित करने की योजना है।
डिग्री नहीं, कौशल के दम पर युवाओं को रोजगार
राजकुमार काल्या ने कहा कि आज का दौर केवल डिग्री का नहीं, बल्कि स्किल का दौर है। डिग्री हासिल करने के बाद भी यदि युवा रोजगारपरक कौशल से वंचित है तो उसकी शिक्षा अधूरी रह जाती है।
इसी सोच के तहत देश के प्रमुख शहरों में माहेश्वरी स्किल डेवलपमेंट सेंटर स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इन केंद्रों में युवाओं को आधुनिक तकनीक, व्यवसाय, रोजगार और उद्यमिता से जुड़े प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि समाज के सक्षम वर्ग को कमजोर वर्ग को ऊपर उठाने में अपनी भूमिका निभानी होगी। केवल आर्थिक मदद देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जरूरतमंद व्यक्ति को अपने पैरों पर खड़ा करना ही वास्तविक सामाजिक सेवा है।
‘समाज के लिए चुनाव, किसी के खिलाफ नहीं’
काल्या ने स्पष्ट किया कि उनका पैनल चुनाव को व्यक्तिगत प्रतिस्पर्धा के बजाय सामाजिक परिवर्तन का माध्यम मानता है। उनका कहना है कि नई पीढ़ी की जरूरतें बदल गई हैं, इसलिए सामाजिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली में भी बदलाव जरूरी है।
“व्यवस्था वही सफल होगी जो समय के साथ बदलेगी और समाज की नई जरूरतों को समझेगी।” उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव माहेश्वरी समाज में व्यापक परिवर्तन का संदेश लेकर आएंगे।
लादूराम बागड़ की सेवाओं को राष्ट्रीय स्तर से जोड़ने की इच्छा
पत्रकार वार्ता में टीम के प्रत्याशियों ने भीलवाड़ा के प्रमुख उद्यमी एवं समाजसेवी लादूराम बागड़ की सामाजिक सेवाओं की सराहना की। त्रिभुवन काबरा और राजकुमार काल्या ने कहा कि बागड़ द्वारा सामाजिक क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों को राष्ट्रीय स्तर से जोड़ने की संभावनाएं हैं।
उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में ऐसी सेवाओं का लाभ देशभर के माहेश्वरी समाज तक पहुंचाया जा सकता है।
पत्रकार वार्ता में अर्थमंत्री पद के प्रत्याशी प्रवीण लक्ष्मीनारायण सोमानी, संगठन मंत्री पद के प्रत्याशी बाबूलालजी मोहता और उपसभापति पश्चिमांचल पद के प्रत्याशी राकेशकुमारजी जाजू भी मंचासीन रहे। अंत में लादूराम बागड़ ने आभार व्यक्त किया। संचालन हरीश पोरवाल ने किया।
समाजजनों ने किया टीम त्रिभुवन का स्वागत
अखिल भारतीय माहेश्वरी महासभा चुनाव के सिलसिले में भीलवाड़ा पहुंचे सभापति पद प्रत्याशी त्रिभुवन काबरा, महामंत्री पद प्रत्याशी राजकुमार काल्या, अर्थमंत्री पद प्रत्याशी प्रवीण लक्ष्मीनारायण सोमानी, संगठन मंत्री पद प्रत्याशी बाबूलालजी मोहता एवं उपसभापति पश्चिमांचल पद प्रत्याशी राकेशकुमारजी जाजू का समाजजनों ने स्वागत-अभिनंदन किया।
इस दौरान श्रीगोपाल राठी, दिलीप तोषनीवाल, श्याम समदानी, अर्चित मूंदड़ा, अरविंद चांडक, अंकित सोमानी, हर्ष राठी, सचिन काबरा, रौनक कोठारी, अंकित लाखोटिया, शंशाक बिरला, श्रीलाल कोगटा, लोकेश आगाल, सुभाष बाहेती सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे।
टीम त्रिभुवन का विजन मूल रूप से एक ऐसे माहेश्वरी समाज की परिकल्पना सामने रखता है, जहां आर्थिक रूप से कमजोर परिवार को सहारा मिले, युवा कौशल और रोजगार से जुड़े, बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिले और व्यापारी-उद्यमी सामूहिक शक्ति के साथ आगे बढ़ें। अब इस विजन को समाज कितना स्वीकार करता है, इसका फैसला आगामी महासभा चुनाव में होगा।




