निजी स्कूलों की मांगों पर गरजे संचालक, विधायक बैरवा को सौंपा ज्ञापन
21 अगस्त को जयपुर में विधानसभा घेराव की चेतावनी, विधायक ने मुख्यमंत्री से चर्चा कर समाधान का दिया भरोसा

शाहपुरा। निजी विद्यालयों से जुड़े विभिन्न मुद्दों और शिक्षा विभाग की कार्रवाई के विरोध में स्कूल शिक्षा परिवार जिला प्रभारी टीम ने शाहपुरा-बनेड़ा विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक डॉ. लालाराम बैरवा को ज्ञापन सौंपा। निजी स्कूल संचालकों ने शिक्षा विभाग की ओर से की जा रही जांच, नोटिस और आरटीई भुगतान सहित कई मुद्दों पर नाराजगी जताते हुए सरकार से तत्काल समाधान की मांग की।
संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि निजी विद्यालय शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, लेकिन विभागीय स्तर पर लगातार जांच और नोटिस की कार्रवाई से विद्यालय संचालकों में असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने अनावश्यक जांचों पर रोक लगाने तथा किसी भी जांच से पहले संगठन को विश्वास में लेने की मांग रखी।
आरटीई भुगतान समय पर करने की मांग
ज्ञापन में प्री-प्राइमरी सहित आरटीई का भुगतान डीबीटी के माध्यम से समय पर करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। संचालकों का कहना था कि आरटीई के तहत विद्यालयों को मिलने वाली राशि में देरी से निजी स्कूलों के संचालन और आर्थिक व्यवस्था पर असर पड़ता है। इसलिए भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए।
इसके अलावा फीस एक्ट में फीस वसूली से जुड़े स्पष्ट प्रावधान शामिल करने की मांग भी की गई। विद्यालय संचालकों ने टीसी जारी करने की प्रक्रिया को सरकारी विद्यालयों की तर्ज पर सरल बनाने तथा पुलिस एवं अधिकारियों के अनावश्यक दबाव को समाप्त करने की मांग विधायक के समक्ष रखी।
लैपटॉप, छात्रवृत्ति और कर्मचारियों के मुद्दे भी उठे
संगठन ने लैपटॉप एवं मेरिट स्कॉलरशिप से जुड़े प्रावधानों में संशोधन की मांग की। साथ ही निजी विद्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा, बीमा और पेंशन योजना लागू करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
पदाधिकारियों ने कहा कि निजी विद्यालयों के कर्मचारियों और संचालकों से जुड़े इन मुद्दों पर सरकार को संवेदनशीलता के साथ विचार करना चाहिए, ताकि निजी शिक्षा क्षेत्र में काम करने वाले हजारों लोगों को राहत मिल सके।
मांगें नहीं मानीं तो 21 अगस्त को जयपुर कूच
संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि मांगों का समाधान नहीं किया गया तो 21 अगस्त को जयपुर में विधानसभा घेराव कर अनिश्चितकालीन पड़ाव किया जाएगा। इसके बाद प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर भी धरने दिए जाएंगे।
हालांकि संगठन पदाधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य सरकार को नुकसान पहुंचाना नहीं है, बल्कि निजी विद्यालयों से जुड़े लंबित मुद्दों का शांतिपूर्ण और सकारात्मक तरीके से समाधान कराना है।
ज्ञापन सौंपने के बाद 21 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा घेराव को सफल बनाने को लेकर निजी विद्यालय संचालकों के साथ चर्चा की गई। संचालकों से अधिक से अधिक संख्या में जयपुर पहुंचकर संगठन की एकजुटता प्रदर्शित करने का आह्वान किया गया।
विधायक ने दिया समाधान का भरोसा
ज्ञापन लेने के बाद भाजपा विधायक डॉ. लालाराम बैरवा ने निजी विद्यालय संचालकों की मांगों को गंभीरता से सुना और सभी मांगों के समाधान के लिए सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया। विधायक ने कहा कि वे इन मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री से चर्चा करेंगे तथा शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई कराने का प्रयास करेंगे।
इस दौरान स्कूल शिक्षा परिवार के जिला प्रभारी वीरेंद्र कुमार व्यास, परमेश्वर सुथार, जगदीश सिंह राणावत, शिवप्रकाश रेगर, विजय राजोरा, अखिल चास्टा, इलियास खान, हेमेन्द्र कुमावत, नरेश चांवला सहित शाहपुरा ब्लॉक के बड़ी संख्या में निजी विद्यालय संचालक उपस्थित रहे।




