एमजीएच में डॉक्टरों की ‘डबल डोज’! 22 नए विशेषज्ञों से इलाज की उम्मीद, कार्डियक सर्जरी को भी मिली ताकत

भीलवाड़ा, 12 अगस्त। लंबे समय से डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे भीलवाड़ा के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल राजकीय महात्मा गांधी चिकित्सालय में अब चिकित्सा व्यवस्था को लेकर उम्मीद की नई किरण दिखाई दी है। विधायक अशोक कुमार कोठारी के प्रयासों से अस्पताल में विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों सहित कुल 22 नए डॉक्टरों की नियुक्ति की गई है। खास बात यह है कि लंबे समय से खाली चल रहे पदों में कार्डियक सर्जरी के दो विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति भी शामिल है।
एमजीएच में डॉक्टरों की कमी का मुद्दा लंबे समय से मरीजों और उनके परिजनों की परेशानी का कारण बना हुआ था। विशेषज्ञ डॉक्टरों के अभाव में मरीजों को कई बार जांच और उपचार के लिए इंतजार करना पड़ता था, वहीं गंभीर मामलों में उन्हें निजी अस्पतालों या बड़े चिकित्सा संस्थानों का रुख करना पड़ता था। ऐसे में नई नियुक्तियां अस्पताल की व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।
कार्डियक सर्जरी से लेकर शिशु रोग तक विशेषज्ञों की एंट्री
नवीन नियुक्तियों में केवल सामान्य चिकित्सा सेवाओं को ही नहीं, बल्कि कई महत्वपूर्ण विशेषज्ञ विभागों को मजबूत किया गया है। कार्डियक सर्जरी के दो विशेषज्ञों के अलावा गैस्ट्रोलॉजी, सर्जरी, जनरल सर्जरी, शिशु रोग, ऑर्थोपेडिक सर्जरी सहित विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञताओं में चिकित्सकों की नियुक्तियां की गई हैं।
सबसे बड़ी उम्मीद उन मरीजों को है, जिन्हें गंभीर बीमारी के उपचार के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की तलाश में भटकना पड़ता था। अब यदि ये विशेषज्ञ नियमित रूप से अस्पताल में सेवाएं देते हैं तो मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर और समयबद्ध उपचार मिल सकेगा।
कतार और इंतजार से मिलेगी कितनी राहत?
एमजीएच में डॉक्टरों की नियुक्ति को लेकर उत्साह जरूर है, लेकिन असली परीक्षा अब अस्पताल की ओपीडी और वार्ड में होगी। वर्षों से डॉक्टरों की कमी झेल रहे मरीजों को अब यह देखना है कि नए विशेषज्ञों की उपलब्धता से लंबी कतारें, जांच की प्रतीक्षा और इलाज के लिए होने वाली भागदौड़ वास्तव में कितनी कम होती है।
सरकार और जनप्रतिनिधियों के सामने चुनौती केवल डॉक्टर नियुक्त करने की नहीं, बल्कि उन्हें अस्पताल में पर्याप्त संसाधन, आवश्यक स्टाफ और सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी है। विशेषज्ञ डॉक्टर हों और उनके पास जांच व उपचार के लिए जरूरी संसाधन नहीं हों, तो नियुक्तियों का पूरा लाभ मरीजों तक पहुंचना मुश्किल होगा।
विधायक बोले—मरीजों को इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा
विधायक अशोक कुमार कोठारी ने कहा कि मरीजों को तत्काल और तत्परता से चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की संख्या बढ़ने से मरीजों को इलाज के लिए अनावश्यक इंतजार नहीं करना पड़ेगा और अस्पताल की चिकित्सा सेवाओं का विस्तार होगा।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी राज्य सरकार के सहयोग से अस्पताल में रिक्त पड़े अन्य पदों पर चिकित्सकों और आवश्यक चिकित्सा स्टाफ की नियुक्ति के प्रयास जारी रहेंगे। लक्ष्य यही है कि भीलवाड़ा के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हों और गंभीर उपचार के लिए उन्हें बाहर नहीं जाना पड़े।
सरकार का आभार, अब काम दिखना चाहिए
विधायक कोठारी ने इन नियुक्तियों के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह का आभार जताते हुए कहा कि राज्य सरकार के सहयोग से भीलवाड़ा की चिकित्सा व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है।
बहरहाल, 22 डॉक्टरों की नियुक्ति निश्चित रूप से एमजीएच के लिए बड़ी खबर है। कार्डियक सर्जरी जैसे संवेदनशील विभाग में दो विशेषज्ञों की नियुक्ति ने उम्मीद और बढ़ा दी है। अब जनता की नजर इस बात पर रहेगी कि नियुक्तियां कागज से निकलकर अस्पताल की जमीन पर कितनी जल्दी और कितने प्रभावी ढंग से मरीजों के काम आती हैं।




