समाज की बैठक में गूंजा बदलाव का बिगुल, शिक्षा, रोजगार और कुरीतियों पर प्रहार का संकल्प

भीलवाड़ा, मूलचन्द पेसवानी
समाज की तरक्की केवल परंपराओं को निभाने से नहीं, बल्कि समय के साथ सोच बदलने और नई पीढ़ी को मजबूत बनाने से होती है। इसी सोच को लेकर अखिल भारतीय गालव पूर्व त्यागी ब्राह्मण महासभा की त्रैमासिक बैठक निकटवर्ती कृष्णा वाटिका, गंगरार में आयोजित हुई। बैठक में समाज के वरिष्ठों के अनुभव और युवाओं की ऊर्जा को एक साथ जोड़कर सामाजिक उत्थान की नई राह तैयार करने पर जोर दिया गया।
बैठक के मुख्य अतिथि आगरा, उत्तर प्रदेश से आए पूर्णकांत त्यागी रहे। उनके मार्गदर्शन में आयोजित बैठक की अध्यक्षता गंगरार के पूर्व प्रधान शिवलाल पुरबिया ने की। कार्यक्रम में राजस्थान के साथ उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से आए राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय पदाधिकारियों ने भाग लेकर समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुलकर मंथन किया। राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष सुमित्रा, महासभा के संरक्षक लक्ष्मीनारायण त्यागी, कार्यवाहक अध्यक्ष महेश शर्मा, लोकेंद्र सिंह त्यागी मेहवा, राष्ट्रीय संयोजक हरेंद्र त्यागी, राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। गंगरार की पूर्व सरपंच रेखा शर्मा की उपस्थिति भी रही।
शिक्षा और रोजगार को बनाया बदलाव का आधार-
बैठक में समाज की वर्तमान चुनौतियों और भविष्य की दिशा पर गंभीर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि समाज की वास्तविक मजबूती तभी संभव है, जब युवा शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ें और रोजगार के नए अवसरों से जुड़ें। आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर युवा ही परिवार और समाज दोनों को मजबूती दे सकता है।
बैठक में शिक्षा, रोजगार, विधवा विवाह तथा सामाजिक कुरीतियों के निवारण को लेकर विशेष चर्चा हुई। वक्ताओं ने सामाजिक रूढ़ियों को समय के साथ बदलने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए केवल बातें पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि सामूहिक स्तर पर ठोस पहल करनी होगी।
बुजुर्गों का अनुभव, युवाओं की ऊर्जा बनेगी ताकत-
बैठक में यह विचार प्रमुखता से सामने आया कि समाज के वरिष्ठजनों के पास वर्षों का अनुभव है, जबकि युवाओं के पास नई सोच, ऊर्जा और तकनीक की समझ। यदि दोनों को एक मंच पर लाया जाए तो समाज विकास की नई ऊंचाइयां छू सकता है।
इसी उद्देश्य से वरिष्ठों के मार्गदर्शन और युवाओं की सक्रिय भागीदारी को समाजहित के कार्यों में लगाने पर जोर दिया गया। सामाजिक संगठन को गांव-गांव और परिवार-परिवार तक मजबूत करने की जरूरत भी बताई गई।
मातृशक्ति की मजबूत मौजूदगी ने खींचा ध्यान-
बैठक में मातृशक्ति की अभूतपूर्व उपस्थिति भी चर्चा का केंद्र रही। राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष सुमित्रा सहित महिला प्रतिनिधियों की भागीदारी ने यह संदेश दिया कि समाज के विकास की जिम्मेदारी केवल पुरुषों तक सीमित नहीं, बल्कि महिलाओं की बराबर की भागीदारी से ही सामाजिक परिवर्तन को गति मिल सकती है।
कार्यक्रम में महासभा के संरक्षक लक्ष्मीनारायण त्यागी, कार्यवाहक अध्यक्ष महेश शर्मा, लोकेंद्र सिंह त्यागी मेहवा, राष्ट्रीय संयोजक हरेंद्र त्यागी, राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। गंगरार की पूर्व सरपंच रेखा शर्मा की उपस्थिति भी रही। बैठक में भेरूलाल बोडिया, गोपाल बरथरिया, बसंतीलाल पंचोली, चंद्रप्रकाश पंचोली, हरीश शर्मा, नरेंद्र बोडिया, अनिल बरिया, विकास शर्मा, लोकेश बोडिया, नारायण पंचोली सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन भूरालाल शर्मा अध्यापक ने किया। बैठक का समापन समाज की एकजुटता, नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ सामूहिक प्रयासों के संकल्प के साथ हुआ। गंगरार की इस बैठक में सिर्फ समाज की समस्याओं पर चर्चा नहीं हुई, बल्कि बदलते समय के साथ कदमताल करने का संदेश भी साफ सुनाई दिया। परंपरा रहे, लेकिन सोच बदले; अनुभव रहे, लेकिन युवाओं को अवसर मिले और समाज की तरक्की में मातृशक्ति की भागीदारी और मजबूत हो।




