Welcome to शाहपुरा संवाद   Click to listen highlighted text! Welcome to शाहपुरा संवाद
BHILWARAE-Paperराजस्थानलोकल न्यूज़शाहपुरा

ओबीसी सूची में ‘घांची’ और ‘तेली, हम्माल’ को एक करने की मांग, उपनामों को भी मिले स्पष्ट जगह

ओबीसी सूची में ‘घांची’ और ‘तेली, हम्माल’ को एक करने की मांग, उपनामों को भी मिले स्पष्ट जगह

भीलवाड़ा। राजस्थान प्रांतीय तैलिक साहू महासभा की जिला इकाई ने ओबीसी सूची में दर्ज ‘घांची’ तथा ‘तेली, हम्माल’ की अलग-अलग प्रविष्टियों को एकीकृत करने और तेली समाज में प्रचलित उपनामों को स्पष्ट रूप से जाति प्रविष्टि में शामिल करने की मांग उठाई है। इस संबंध में महासभा के प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

महासभा ने ज्ञापन में बताया कि वर्तमान में राजस्थान की अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) सूची में क्रम संख्या 17 पर ‘घांची’ तथा क्रम संख्या 18 पर ‘तेली, हम्माल’ दर्ज है। महासभा का कहना है कि सामाजिक, सांस्कृतिक, पारंपरिक और व्यावसायिक दृष्टि से दोनों समुदायों के बीच गहरा संबंध है। ऐसे में अलग-अलग प्रविष्टियों और समाज में प्रचलित उपनामों का स्पष्ट उल्लेख नहीं होने से पात्र लोगों को जाति प्रमाण-पत्र बनवाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि इसका सीधा असर विद्यार्थियों और युवाओं पर पड़ रहा है। जाति प्रमाण-पत्र बनवाते समय उपनाम को लेकर उत्पन्न भ्रम के कारण छात्रवृत्ति, सरकारी नौकरी तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभ लेने में प्रशासनिक अड़चनें सामने आती हैं।

एक ही प्रविष्टि बनाने की मांग

महासभा ने राजस्थान राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की अधिसूचना में आवश्यक संशोधन कर क्रम संख्या 17 ‘घांची’ और क्रम संख्या 18 ‘तेली, हम्माल’ को एकीकृत कर एक ही प्रविष्टि बनाए जाने की मांग की। साथ ही तेली समाज में प्रचलित राठौड़, मोदी, भाटी और साहू जैसे उपनामों को तेली जाति की प्रविष्टि के अंतर्गत स्पष्ट रूप से शामिल करने की मांग रखी गई।

महासभा का कहना है कि संशोधित अधिसूचना में जाति और उपनामों की स्थिति स्पष्ट होने से जाति प्रमाण-पत्र जारी करने वाले अधिकारियों तथा ई-मित्र केंद्रों पर किसी प्रकार का भ्रम नहीं रहेगा। इससे पात्र नागरिकों को ओबीसी श्रेणी के तहत मिलने वाले शैक्षणिक, रोजगार एवं अन्य संवैधानिक लाभ आसानी से मिल सकेंगे।

आयोग तक पहुंचाने का आग्रह

महासभा ने जिला कलेक्टर से ज्ञापन को उचित माध्यम से राजस्थान राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष तक पहुंचाकर आवश्यक कार्रवाई करवाने का आग्रह किया। पदाधिकारियों ने कहा कि यह मुद्दा समाज के विद्यार्थियों, युवाओं और पात्र नागरिकों के हित से सीधे जुड़ा है। प्रविष्टियों को स्पष्ट करने से लंबे समय से चली आ रही प्रशासनिक अस्पष्टता दूर होगी और पात्र लोगों को अपने अधिकारों का लाभ लेने में अनावश्यक परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी।

ज्ञापन सौंपने के दौरान महासभा संरक्षक टी.सी. चौधरी, प्रदेशाध्यक्ष देवीलाल साहू, हरीबक्ष गुलांणिया, श्रवण लाल साहू, सुखलाल साहू, देवराज तेली, एडवोकेट कुशल साहू, गोपाल तेली, प्रहलाद राय तेली, मुकेश तेली, एडवोकेट प्रताप तेली, भगवती लाल दिया, भेरूलाल तेली, रामचन्द्र साहू सहित महासभा का प्रतिनिधिमंडल मौजूद रहा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!