पाइपलाइन बिछी, रास्ते भूल गए! वार्ड 26 में बारिश ने बढ़ाई मुसीबत
6-7 दिन से खुदे पड़े रास्ते, जगह-जगह गड्ढे और फाल्ट; कचरे की गाड़ी तक नहीं पहुंच पा रही, जिम्मेदारों से लोग पूछ रहे—आखिर सुध कौन लेगा?

शाहपुरा। बारिश का मौसम शुरू होते ही शहर में मूलभूत सुविधाओं को लेकर नगर पालिका की व्यवस्थाओं की पोल खुलने लगी है। शाहपुरा के वार्ड नंबर 26 के धूलकोट क्षेत्र में महलों के पीछे इन दिनों लोग बदहाल रास्तों और जगह-जगह खुदी पड़ी सड़कों के कारण परेशान हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पाइपलाइन डालने के लिए सड़कें खोदी गईं, लेकिन काम पूरा होने के बाद उन्हें व्यवस्थित तरीके से वापस नहीं भरा गया। नतीजा यह है कि बारिश के बाद रास्ते कीचड़ और गड्ढों में तब्दील हो गए हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार 6-7 दिन से हालात जस के तस पड़े हैं। जगह-जगह गड्ढे होने के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। नई पाइपलाइन डालने के बाद संबंधित काम करने वाली टीम दोबारा मौके पर नहीं लौटी। पाइपलाइन में भी जगह-जगह फाल्ट बताए जा रहे हैं, जिससे समस्या और गंभीर हो गई है।
कचरे की गाड़ी भी गली में नहीं पहुंच पा रही
हालात इतने बिगड़ गए हैं कि नगर पालिका का ऑटो टीपर यानी कचरा संग्रहण वाहन भी गलियों में आगे नहीं जा पा रहा। इससे सफाई व्यवस्था प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते रास्तों को ठीक नहीं किया गया तो बारिश के दौरान परेशानी और बढ़ सकती है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि पाइपलाइन डालना जरूरी था, लेकिन काम पूरा होने के बाद सड़क को पहले की स्थिति में लाना भी उतना ही जरूरी है। अधूरी मरम्मत के कारण लोगों को रोजाना परेशानी उठानी पड़ रही है।

बारिश में गड्ढे बने मुसीबत
बारिश का पानी गड्ढों में जमा होने से रास्ते और अधिक खराब हो गए हैं। कई जगह जमीन धंसने जैसी स्थिति दिखाई दे रही है। दोपहिया वाहन चालकों के साथ पैदल राहगीरों को भी संभलकर निकलना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों को आशंका है कि लगातार बारिश होने पर ये रास्ते और ज्यादा खराब हो सकते हैं।
लोगों का कहना है कि मूलभूत सुविधाओं के लिए आखिर कब तक इंतजार करना पड़ेगा? छह-सात दिन से समस्या सामने होने के बावजूद यदि कोई जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी मौके पर पहुंचकर स्थिति नहीं देखता है तो यह लापरवाही आमजन पर भारी पड़ सकती है।
लोगों की मांग—जिम्मेदार मौके पर आएं, रास्ते दुरुस्त कराएं
धूलकोट क्षेत्र के निवासियों ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि मौके का तत्काल निरीक्षण कराया जाए। पाइपलाइन में हुए फाल्ट को ठीक कराने के साथ खोदी गई सड़कों और गलियों को व्यवस्थित तरीके से भरकर आवागमन सुचारु कराया जाए।
लोगों का कहना है कि शहर में विकास कार्य के नाम पर सड़क खोदना आसान है, लेकिन काम पूरा होने के बाद सड़क को वापस दुरुस्त करना भी जिम्मेदार एजेंसी की जवाबदेही होनी चाहिए। फिलहाल वार्ड 26 के लोगों को इसी जवाबदेही का इंतजार है।




