
शाहपुरा। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय अरनिया रासा के कक्षा 9 एवं 10 के छात्र-छात्राओं ने व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम के तहत पनोतिया स्थित रुक्मणी बायो फर्टिलाइजर का शैक्षणिक भ्रमण किया। कृषि ट्रेड से जुड़े 65 छात्र-छात्राओं ने भ्रमण में भाग लेकर जैविक खेती, जैविक खाद निर्माण और देशी गाय आधारित पशुपालन की व्यावहारिक जानकारी हासिल की।
विद्यालय की प्राचार्य प्रीति कुमावत ने बताया कि भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को कृषि शिक्षा को कक्षा की चारदीवारी से बाहर ले जाकर उसके व्यावहारिक स्वरूप से रूबरू कराना था। विद्यार्थियों ने जैविक खाद तैयार करने की प्रक्रिया को नजदीक से देखा और कृषि में इसके महत्व को समझा।
रुक्मणी बायो फर्टिलाइजर के विशेषज्ञ गोपाल कुमावत ने विद्यार्थियों को गोबर की सहायता से जैविक खाद तैयार करने की विभिन्न प्रक्रियाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जैविक खाद मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के साथ खेती की गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार की जैविक कृषि पद्धतियों और देशी गाय पालन से जुड़ी उपयोगी जानकारी भी दी गई।
छात्राओं को उद्यमिता के लिए किया प्रेरित
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को कृषि को केवल रोजगार का साधन नहीं, बल्कि स्वरोजगार और उद्यमिता का अवसर बनाने के लिए भी प्रेरित किया गया। विशेष रूप से छात्राओं को महिला उद्यमिता की संभावनाओं से अवगत कराते हुए जैविक खाद निर्माण, जैविक कृषि और पशुपालन जैसे क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
इस अवसर पर प्राचार्या प्रीति कुमावत, मुकेश कुमार यादव, संदीप व्यास एवं वीटी रियाज अली ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने कृषि से संबंधित अपनी जिज्ञासाएं विशेषज्ञों के सामने रखीं और उनके जवाब प्राप्त किए। व्यावसायिक शिक्षा के तहत आयोजित यह भ्रमण विद्यार्थियों के लिए पुस्तकीय ज्ञान को खेत-खलिहान और व्यावहारिक प्रशिक्षण से जोड़ने का उपयोगी माध्यम बना।




