
शाहपुरा। आदर्श विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय, शाहपुरा में ‘वन्दे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में संकुल गोष्ठी एवं वक्ता प्रशिक्षण’ कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में ‘वन्दे मातरम्’ के गौरवशाली इतिहास, इसके भावार्थ और राष्ट्रजीवन में इसकी भूमिका पर विस्तार से मंथन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि वन्दे मातरम् भारतीय स्वाधीनता आंदोलन से लेकर आज तक राष्ट्रभक्ति, मातृभूमि के प्रति श्रद्धा और राष्ट्रीय चेतना का सशक्त प्रतीक रहा है।
कार्यक्रम में विद्या भारती चित्तौड़ प्रांत कार्यकारिणी सदस्य अशोक कुमार व्यास, विद्वत परिषद जिला सह-संयोजक भीलवाड़ा सुरेश शर्मा, विद्या भारती शिक्षा संस्थान से जुड़े एवं पूर्व वैज्ञानिक अधिकारी भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र मुंबई तथा विद्या भारती चित्तौड़ प्रांत के उपाध्यक्ष करण सिंह सिंघवी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ चित्तौड़ प्रांत के प्रांत कार्यवाह शंकर लाल माली प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन सांवर लाल प्रजापत ने किया, जबकि अतिथियों का परिचय विद्यालय के प्रधानाचार्य दुर्गा लाल जांगिड़ ने कराया।

पंक्ति-पंक्ति का समझाया भावार्थ
गोष्ठी में सुरेश शर्मा ने वन्दे मातरम् की प्रस्तावना प्रस्तुत करते हुए इसके ऐतिहासिक और राष्ट्रीय संदर्भ पर प्रकाश डाला। करण सिंह सिंघवी ने वन्दे मातरम् की प्रत्येक पंक्ति का भावार्थ समझाते हुए इसके भीतर निहित राष्ट्रभक्ति, मातृभूमि के प्रति श्रद्धा और त्याग की भावना को विस्तार से स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि इसकी पंक्तियां केवल शब्दों का संयोजन नहीं, बल्कि भारतभूमि के प्रति गहरी आस्था और गौरव की अनुभूति कराती हैं।
वहीं अशोक कुमार व्यास ने वन्दे मातरम् की ऐतिहासिक यात्रा का विस्तृत वृत्तांत प्रस्तुत किया। उन्होंने इसके उद्भव से लेकर स्वतंत्रता आंदोलन में इसकी भूमिका और वर्तमान समय में इसकी प्रासंगिकता पर चर्चा करते हुए कार्यक्रम की मुख्य थीम को सामने रखा।
‘जन-जन तक पहुंचे वन्दे मातरम् की भावना’
अशोक कुमार व्यास ने कहा कि “वन्दे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति और मातृभूमि के प्रति समर्पण की भावना का प्रतीक है। इसके 150 वर्ष पूर्ण होना देशवासियों के लिए गौरव का विषय है।”
उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि वन्दे मातरम् के इतिहास और इसके पीछे निहित विचारों को केवल पाठ्यक्रम या औपचारिक आयोजनों तक सीमित नहीं रखा जाए, बल्कि इन्हें जन-जन और विशेष रूप से युवा पीढ़ी तक पहुंचाया जाए। उन्होंने युवाओं में राष्ट्रप्रेम, संस्कार और देशभक्ति की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया।
शिक्षाविदों व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी लिया हिस्सा
कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष कन्हैया लाल वर्मा, सचिव विजय सिंह राणावत, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ शाहपुरा जिला के जिला प्रचारक केशवनारायण, गांधीपुरी विद्यालय के प्रधानाचार्य दुर्गा लाल जांगिड़, कोठार मोहल्ला विद्यालय के प्रधानाचार्य सांवर लाल प्रजापत सहित शाहपुरा संकुल के सभी आचार्य-दीदी उपस्थित रहे।
इसके अलावा नगर के शिक्षाविदों, पूर्व छात्रों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विद्यालय संचालकों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। वक्ता प्रशिक्षण के माध्यम से आचार्य-दीदी को वन्दे मातरम् के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रभाव से जुड़े पक्षों की जानकारी दी गई, ताकि वे इसकी भावना को विद्यार्थियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचा सकें।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने वन्दे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के गौरवपूर्ण अवसर पर राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय चेतना और मातृभूमि के प्रति समर्पण की भावना को समाज तथा युवा पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प लिया।




