
शाहपुरा। राज्य सरकार एवं शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार शैक्षणिक सत्र 2026-27 के तहत स्थानीय पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय शाहपुरा में यूसीईईओ स्तर पर किशोरी शैक्षिक उत्सव (किशोरी मेला) का आयोजन किया गया। मेले में विद्यालय सहित अधीनस्थ चार विद्यालयों की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए विभिन्न विषयों पर मॉडल, प्रोजेक्ट, चार्ट, शैक्षिक सामग्री एवं गतिविधियों का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य सुरेंद्र सिंह बारेठ ने किया। उन्होंने छात्राओं को किशोरी मेले के उद्देश्य एवं विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों में सीखने, अभिव्यक्ति, रचनात्मकता, तार्किक चिंतन एवं समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने के साथ ही उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर देते हैं।
विषयवार प्रस्तुत किए मॉडल और प्रोजेक्ट
किशोरी मेले में कक्षा 6 से 8 तथा कक्षा 9 से 12 की छात्राओं के लिए अलग-अलग जोन बनाए गए। प्रारंभिक वर्ग में जोन-1 में हिंदी से संबंधित मॉडल एवं गतिविधियों के माध्यम से टेंस, अपोजिट वर्ड, नाउन, प्रोनाउन, पर्यायवाची शब्द सहित हिंदी भाषा की अवधारणाओं को प्रस्तुत किया गया।
जोन-2 में गणित एवं विज्ञान से संबंधित गतिविधियों और मॉडलों के साथ आपदा प्रबंधन, जल चक्र, वाटर हार्वेस्टिंग, प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने तथा पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों को प्रदर्शित किया गया।
जोन-3 में सामाजिक विज्ञान एवं समसामयिक विषयों से जुड़े प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए गए। इनमें छात्रवृत्ति एवं सरकारी योजनाओं, बाल अधिकार, सुरक्षा तथा करियर संबंधी जानकारी को विशेष रूप से शामिल किया गया।

सीनियर वर्ग में भी दिखाया उत्साह
कक्षा 9 से 12 की छात्राओं ने हिंदी, अंग्रेजी, व्याकरण, अलंकार एवं टेंस के साथ दस्तावेजों की समझ तथा करियर संबंधी जानकारी पर आधारित गतिविधियां प्रस्तुत कीं। गणित एवं विज्ञान वर्ग में विभिन्न मॉडल और प्रयोगों के माध्यम से जल चक्र, आपदा प्रबंधन, पर्यावरण प्रदूषण एवं पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों को समझाया गया।
छात्राओं को विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं, सरकारी योजनाओं, बाल अधिकार एवं सुरक्षा तथा भविष्य में करियर निर्माण की संभावनाओं के बारे में भी जानकारी दी गई।

निर्णायक दल के समक्ष समझाई विषय की अवधारणा
मेले में छात्राओं ने अपने द्वारा तैयार किए गए मॉडल एवं प्रोजेक्ट निर्णायक दल तथा उपस्थित विद्यार्थियों के समक्ष प्रस्तुत किए। छात्राओं ने अपने-अपने मॉडल के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कठिन विषयों की अवधारणाओं को सरल और प्रभावी ढंग से समझाया।
इससे छात्राओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, संचार कौशल, तार्किक चिंतन, रचनात्मकता एवं टीम भावना विकसित हुई। विद्यालय स्तर पर विभिन्न मॉडलों एवं गतिविधियों का मूल्यांकन कर उत्कृष्ट प्रस्तुतियों का आगामी स्तर के लिए चयन किया गया।

ये छात्राएं रहीं अव्वल
कक्षा 6 से 8 के जोन-1 हिंदी एवं गणित में कक्षा 7 की योग्यता शर्मा ने प्रथम तथा कक्षा 6 की हिमांशी वैष्णव ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
जोन-2 विज्ञान एवं गणित में कक्षा 8 की बुलबुल तेली प्रथम तथा कक्षा 6 की राशि बासिठा द्वितीय रहीं।
जोन-3 सामाजिक विज्ञान में राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय, कलिंजरी गेट की कक्षा 7 की कोमल कहार प्रथम तथा कक्षा 8 की भूमिका कोली द्वितीय स्थान पर रहीं।
इसी प्रकार सीनियर वर्ग कक्षा 9 से 12 के जोन-1 में कक्षा 11 की कृतिका नाई प्रथम तथा कक्षा 11 की सुमन तेली द्वितीय रहीं।
जोन-2 में कक्षा 10 की लक्ष्मी सेन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। अस्मायरा पठान कक्षा 10 तथा पलक कोली कक्षा 12 द्वितीय स्थान पर रहीं।
जोन-3 में कक्षा 9 की हेजल पठान प्रथम तथा कक्षा 11 की नेहा खटीक द्वितीय स्थान पर रहीं।
सभी विजेता एवं प्रतिभागी छात्राओं को पारितोषिक, मोमेंटो, टिफिन, बोतल एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
चार विद्यालयों की छात्राओं ने लिया भाग
कार्यक्रम में अधीनस्थ चार विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के निर्णायक दल में शिमला पारीक, भगवत सिंह एवं शकुंतला मीणा शामिल रहे। कार्यक्रम की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी कार्यक्रम प्रभारी इंदिरा जैन ने दी, जबकि बालिकाओं को आवश्यक मार्गदर्शन एवं गतिविधियों की जानकारी तबस्सुम खान द्वारा प्रदान की गई।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं छात्राओं का सराहनीय सहयोग रहा। समापन पर प्रधानाचार्य सुरेंद्र सिंह बारेठ ने सभी प्रतिभागी छात्राओं एवं मार्गदर्शक शिक्षकों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
सीखने के साथ प्रतिभा को मिला मंच
किशोरी शैक्षिक उत्सव छात्राओं के लिए ज्ञानवर्धक और उपयोगी साबित हुआ। मॉडल, प्रोजेक्ट और गतिविधियों के माध्यम से छात्राओं को करके सीखने, अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने और अपनी रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करने का अवसर मिला। आयोजन ने विद्यालय में गतिविधि आधारित, आनंदमय एवं समावेशी शिक्षण वातावरण को और मजबूत किया।




