सेवा की रोशनी से जगमगाई आंखों की दुनिया, 9 मरीजों का सफल मोतियाबिंद ऑपरेशन
गणेश उत्सव प्रबंध एवं सेवा समिति का चार दिवसीय निशुल्क नेत्र शिविर | 82 रोगियों की जांच, ऑपरेशन के साथ आवास-भोजन व दवाइयां भी निशुल्क

भीलवाड़ा, । आंखों की रोशनी केवल देखने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन को आत्मनिर्भरता और उम्मीद से जोड़ने वाली सबसे अनमोल शक्ति है। इसी भावना को लेकर श्री गणेश उत्सव प्रबंध एवं सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित चार दिवसीय निशुल्क नेत्र जांच एवं मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर में सेवा और चिकित्सा का अनुकरणीय संगम देखने को मिला। शिविर में विभिन्न गांवों से पहुंचे 82 रोगियों की नेत्र जांच एवं परामर्श किया गया, जबकि चयनित 9 रोगियों का मोतियाबिंद ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया।
समिति की ओर से आयोजित इस सेवा अभियान में आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद मरीजों को उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ उनकी अन्य आवश्यकताओं का भी ध्यान रखा गया। ऑपरेशन के लिए चयनित रोगियों को आवास, भोजन, आवश्यक दवाइयां तथा काला चश्मा भी निशुल्क उपलब्ध कराया गया।
विशेषज्ञ चिकित्सक ने की जांच और परामर्श
समिति के मीडिया प्रभारी महावीर समदानी ने बताया कि शिविर के दौरान नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. कृष्णा हेड़ा, डीएनबी ने अपना घर वृद्धाश्रम में मरीजों की नेत्र जांच की और उन्हें आवश्यक परामर्श दिया। जांच के दौरान मोतियाबिंद से पीड़ित पाए गए मरीजों को ऑपरेशन के लिए चयनित किया गया।
इसके बाद अगले दिन 9 मरीजों के मोतियाबिंद ऑपरेशन स्पर्श हॉस्पिटल में सफलतापूर्वक किए गए। ऑपरेशन के बाद मरीजों को आवश्यक सावधानियों एवं दवाइयों के संबंध में भी जानकारी दी गई।
इलाज के साथ मरीजों की पूरी देखभाल
शिविर की खास बात यह रही कि मरीजों को केवल ऑपरेशन तक सीमित सुविधा नहीं दी गई, बल्कि उपचार की पूरी प्रक्रिया के दौरान उनकी जरूरतों का भी ध्यान रखा गया। ऑपरेशन के लिए आए रोगियों के लिए आवास और भोजन की व्यवस्था की गई। साथ ही आवश्यक दवाइयां और काला चश्मा भी निशुल्क उपलब्ध कराया गया।
सेवा समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि ऐसे शिविरों का उद्देश्य उन जरूरतमंद लोगों तक चिकित्सा सुविधा पहुंचाना है, जो आर्थिक कारणों से समय पर उपचार नहीं करा पाते। मोतियाबिंद जैसी सामान्य लेकिन दृष्टि प्रभावित करने वाली समस्या का समय पर उपचार व्यक्ति को फिर से सामान्य जीवन जीने में मदद करता है।
सेवा कार्य में जुटे समिति के कार्यकर्ता
शिविर को सफल बनाने में समिति के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। समिति अध्यक्ष उदयलाल समदानी, डॉ. अतुल हेड़ा, सुभाष अग्रवाल, गणपत जागेटिया, छीतर मल लढ्ड़ा, लादू लाल माली एवं घनश्याम डाड ने अपनी सेवाएं दीं।
शिविर में विभिन्न गांवों से आए मरीजों को एक ही स्थान पर नेत्र जांच, विशेषज्ञ परामर्श और जरूरत के अनुसार ऑपरेशन की सुविधा मिलने से उन्हें काफी राहत मिली। समिति के इस सेवा प्रयास को मरीजों और उनके परिजनों ने सराहनीय बताया।
निशुल्क चिकित्सा शिविरों की ऐसी पहल न केवल जरूरतमंदों के लिए उपचार का रास्ता खोलती है, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और संवेदनशीलता की भावना को भी मजबूत करती है।




