Welcome to शाहपुरा संवाद   Click to listen highlighted text! Welcome to शाहपुरा संवाद
BHILWARAE-Paperराजस्थानरामस्नेहीलोकल न्यूज़शाहपुरा

शहीदों की याद में 90 पौधे, हर पौधे पर परमवीर का नाम… चेतन वैष्णव का अनूठा नवाचार बना श्रद्धांजलि की मिसाल

शहीदों की याद में 90 पौधे, हर पौधे पर परमवीर का नाम… चेतन वैष्णव का अनूठा नवाचार बना श्रद्धांजलि की मिसाल

शाहपुरा। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभक्ति की भावना को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए शाहपुरा के युवा भाजपा नेता चेतन वैष्णव ने अनूठी पहल की है। उन्होंने देश के परमवीर चक्र से सम्मानित वीर योद्धाओं की वीरता, शौर्य और बलिदान को नमन करते हुए 90 पौधे लगाने का संकल्प लिया और इन्हें वार्ड नंबर 32 एवं 33 सहित कलिंजरी गेट मुख्य चौराहे पर लगाया। खास बात यह रही कि इन पौधों पर परमवीर चक्र से सम्मानित वीर जवानों के नाम अंकित किए गए हैं।

स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर चेतन वैष्णव ने कहा कि देश की आजादी और सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीरों का बलिदान केवल इतिहास के पन्नों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। आने वाली पीढ़ियां भी उनके शौर्य, त्याग और राष्ट्रभक्ति से प्रेरणा लें, इसी उद्देश्य से उन्होंने पौधरोपण को श्रद्धांजलि का माध्यम बनाया है।

शौर्य की याद, हरियाली के साथ

चेतन वैष्णव ने देश के 21 परमवीर चक्र सम्मानित योद्धाओं की वीरगाथाओं को याद करते हुए पौधरोपण किया। उनका प्रयास है कि जब लोग इन पौधों को देखें तो उन्हें केवल हरियाली ही नहीं, बल्कि उस वीरता की कहानी भी याद आए जिसके कारण देश सुरक्षित है।

वार्ड नंबर 32 एवं 33 में लगाए गए पौधों के साथ कलिंजरी गेट मुख्य चौराहे पर भी पौधे लगाए गए। इन पर वीर जवानों के नाम अंकित किए गए हैं। इस तरह सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए पौधे आने वाले समय में श्रद्धांजलि और प्रेरणा के जीवंत प्रतीक बनेंगे।

उन्होंने कहा कि एक पौधा जीवन देता है और एक वीर का नाम राष्ट्रभक्ति की चेतना जगाता है। यदि दोनों को एक साथ जोड़ा जाए तो यह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्थायी माध्यम बन सकता है। पौधे बड़े होंगे, उनकी छांव बढ़ेगी और उनके साथ अंकित वीरों के नाम भी लोगों को देश के लिए किए गए त्याग की याद दिलाते रहेंगे।

स्वतंत्रता दिवस पर दिया देशभक्ति का संदेश

चेतन वैष्णव ने स्वतंत्रता दिवस पर मां भारती के अमर वीर सपूतों को नमन करते हुए कहा कि जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी, उनका ऋण कभी चुकाया नहीं जा सकता। उन्होंने युवाओं से भी शहीदों और वीर सैनिकों के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि देशभक्ति केवल नारों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। पर्यावरण संरक्षण, समाज सेवा और नई पीढ़ी को राष्ट्र के गौरवशाली इतिहास से परिचित कराना भी राष्ट्रसेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसी सोच के साथ पौधरोपण को वीरों की स्मृति से जोड़ा गया है।

 

1971 का युद्ध और 1999 का कारगिल संघर्ष

देश के वीर योद्धाओं की शौर्यगाथाओं को याद करते हुए भारत-पाकिस्तान के 1971 के युद्ध तथा 1999 के कारगिल युद्ध में भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस का भी स्मरण किया गया। विशेष रूप से कारगिल संघर्ष ने देश को भारतीय जवानों के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान की अमिट गाथा दी।

चेतन वैष्णव की इस पहल में देशभक्ति और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संगम दिखाई दिया। सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए पौधों को वीर जवानों के नाम से जोड़ना आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश देगा कि आजादी की हर सांस के पीछे किसी न किसी वीर का बलिदान है।

चेतन वैष्णव ने अपने संदेश के अंत में कहा—“वीरों का बलिदान अमर रहे। भारत माता की जय। जय हिंद।”

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!