शाहपुरा में जिला बैठक संपन्न, 6 सितंबर को कोटड़ी में जिला किसान सम्मेलन, सदस्यता अभियान और विस्तार योजना पर बनी रणनीति
महिला किसान सशक्तिकरण पर भारतीय किसान संघ का बड़ा दांव, 30 सितंबर को दिल्ली में होगा अखिल भारतीय महिला किसान सम्मेलन

शाहपुरा। भारतीय किसान संघ की जिला बैठक रविवार को श्रीराम सुपर बाजार, उदयभान गेट, शाहपुरा में उत्साह, संगठनात्मक ऊर्जा और भविष्य की व्यापक रणनीति के साथ सम्पन्न हुई। बैठक में जिलेभर से पहुंचे पदाधिकारियों एवं किसानों ने संगठन की आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से मंथन किया तथा किसान हितों से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। बैठक का मुख्य आकर्षण वर्ष 2026 को संयुक्त राष्ट्र द्वारा ‘महिला किसान वर्ष’ के रूप में मनाए जाने की पृष्ठभूमि में भारतीय किसान संघ द्वारा आगामी 30 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित किए जाने वाले अखिल भारतीय महिला किसान सम्मेलन की घोषणा रही। सम्मेलन को महिला किसानों की भूमिका, उनके अधिकारों और कृषि क्षेत्र में उनके बढ़ते योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

बैठक में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित भारतीय किसान संघ के प्रांत उपाध्यक्ष सोहनलाल माली ने कहा कि देश की कृषि व्यवस्था की वास्तविक ताकत खेतों में दिन-रात मेहनत करने वाले किसान परिवार हैं और इनमें महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से महिला किसानों का योगदान अपेक्षित पहचान नहीं पा सका, लेकिन अब समय आ गया है कि उन्हें कृषि विकास की मुख्यधारा में सम्मानजनक स्थान मिले। इसी उद्देश्य से संगठन राष्ट्रीय स्तर पर महिला किसान सम्मेलन आयोजित कर रहा है, जिसमें देशभर से हजारों महिला किसान भाग लेंगी।
उन्होंने संगठन की आगामी कार्ययोजना पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय किसान संघ गांव-गांव तक अपने संगठन को मजबूत करने के लिए व्यापक अभियान चला रहा है। संगठन का लक्ष्य केवल सदस्य संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों को संगठित कर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी जनआंदोलन खड़ा करना है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से आह्वान किया कि वे गांव स्तर तक सक्रिय रहकर किसानों को संगठन से जोड़ें और कृषि, सिंचाई, प्राकृतिक खेती, पशुपालन तथा किसान हितों से जुड़े मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाएं।
बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष सुगनलाल बोहरा ने की। उन्होंने कहा कि किसान संघ सदैव किसानों के हितों की लड़ाई लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से लड़ता आया है। संगठन की मजबूती ही किसानों की आवाज को बुलंद बना सकती है। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से संगठन के कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
संभाग मंत्री ने विगत कार्यक्रमों की समीक्षा प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस वर्ष सदस्यता अभियान को विशेष रूप से प्रभावी बनाया जाएगा। इसके लिए संगठन ने एक नई रणनीति तैयार की है, जिसके तहत पूरे जिले में सदस्यता अभियान एक ही दिन में संचालित किया जाएगा। अभियान को सफल बनाने के लिए प्रत्येक तहसील एवं पंचायत स्तर पर बैठकों का आयोजन किया जाएगा तथा प्रत्येक क्षेत्र के लिए प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। इससे संगठनात्मक कार्यों में गति आएगी और अधिकाधिक किसानों को भारतीय किसान संघ से जोड़ा जा सकेगा।
बैठक में आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तय की गई। निर्णय लिया गया कि 25 से 31 दिसंबर तक ‘विस्तारक योजना’ के अंतर्गत संगठन के पदाधिकारी गांव-गांव पहुंचकर किसानों से संवाद स्थापित करेंगे। इस दौरान नए सदस्यों को जोड़ने, किसान समस्याओं का संकलन करने तथा संगठन की विचारधारा और कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने का अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही आगामी तहसील स्तरीय बैठकों के लिए प्रभारियों की नियुक्ति भी की गई, जिससे संगठनात्मक गतिविधियों को और अधिक व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जा सके।
बैठक में यह भी घोषणा की गई कि जिला किसान सम्मेलन आगामी 6 सितंबर 2026 को कोटड़ी चारभुजा परिसर में आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन में जिलेभर से बड़ी संख्या में किसानों की भागीदारी रहेगी। इसमें कृषि से जुड़े समसामयिक विषयों, किसान हितों, प्राकृतिक खेती, संगठन विस्तार तथा विभिन्न योजनाओं पर विस्तार से चर्चा होगी। सम्मेलन को सफल बनाने के लिए कार्यकर्ताओं को अभी से जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं।
बैठक के दौरान संगठनात्मक अनुशासन, ग्राम स्तर तक सक्रिय इकाइयों के गठन, युवा किसानों और महिला किसानों की भागीदारी बढ़ाने तथा किसान परिवारों तक संगठन की पहुंच मजबूत करने पर भी विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि बदलते समय में किसानों को केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि तकनीकी जानकारी, बाजार व्यवस्था और संगठनात्मक शक्ति के माध्यम से भी स्वयं को मजबूत बनाना होगा।
बैठक में जिला कार्यकारिणी एवं तहसील कार्यकारिणी के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में किसान प्रतिनिधियों ने भाग लेकर अपने सुझाव भी रखे। कार्यक्रम में भंवर जाट, महावीर सेन, लक्ष्मण सिंह राणावत, गोपाललाल बलाई, सरोजिना मीणा, रामप्यारी देवी, राधाकिशन जाट, शंकर वैष्णव, रमेशचंद्र शर्मा, सत्यनारायण सेन, बद्री गुर्जर, प्रभु केवट, गणपत सिंह राणावत, रामेश्वर जाट जावल, भैरू कहार, फौजी भूर लोधा सहित शाहपुरा जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए किसान एवं संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक का समापन किसान एकता, संगठन विस्तार और कृषि हितों की रक्षा के संकल्प के साथ हुआ। पदाधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि आगामी कार्यक्रमों के माध्यम से संगठन गांव-गांव तक अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएगा तथा किसानों की आवाज को और अधिक प्रभावी ढंग से शासन-प्रशासन तक पहुंचाने में सफल होगा।



