
शाहपुरा। संवाद ब्यूरो
नगर निकाय चुनाव की सरगर्मियों के बीच शाहपुरा में चोरों ने आस्था के केंद्रों को भी निशाना बनाकर पुलिस व्यवस्था को चुनौती दे दी है। नगर पालिका क्षेत्र के मोड्या बड़ का बालाजी मंदिर परिसर में अज्ञात चोरों ने रात के अंधेरे में धावा बोल दिया। चोरों ने बालाजी मंदिर और पास स्थित देवनारायण मंदिर के दानपात्र तोड़कर नकदी पर हाथ साफ कर दिया। इतना ही नहीं, देवनारायण मंदिर के पुजारी कक्ष को भी खंगालते हुए वहां रखा करीब 3 हजार रुपए नकद, करीब 6 किलो देशी घी और अन्य सामान चुरा ले गए।
वारदात के बाद चोरों ने मंदिर परिसर में सामान अस्त-व्यस्त कर दिया। जाते-जाते वे मंदिर का दानपात्र और एक तलवार सड़क पर फेंक गए। सुबह मंदिर पहुंचे पुजारी और श्रद्धालुओं ने जब यह दृश्य देखा तो हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौके पर पहुंच गए और पुलिस को सूचना दी। इसी दौरान फुलियाकलां थाना क्षेत्र के देवरिया गांव स्थित बालाजी मंदिर में भी दानपात्र तोड़कर नकदी चोरी किए जाने की घटना सामने आई। लगातार दो मंदिरों में चोरी की घटनाओं ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है।
सुबह 4.30 बजे मंदिर पहुंचे पुजारी, टूटा मिला दानपात्र-
मोड्या बड़ का बालाजी मंदिर में सेवा-पूजा करने वाले ढाणी भवसागर निवासी रामगोपाल पुत्र कल्याण धाकड़ ने बताया कि वह रोज की तरह बुधवार रात मंदिर के सभी काम व्यवस्थित कर अपने घर चले गए थे। रात में मंदिर परिसर में सब कुछ सामान्य था।
गुरुवार सुबह करीब 4.30 बजे जब वे मंदिर पहुंचे तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गए। बालाजी मंदिर का दानपात्र टूटा हुआ था और उसमें रखी दान राशि गायब थी। पास ही स्थित देवनारायण मंदिर में भी चोरों ने दानपात्र तोड़ दिया था। पुजारी कक्ष में रखा सामान भी बिखरा पड़ा था।
रामगोपाल के अनुसार कक्ष में रखे करीब 3 हजार रुपए नकद, लगभग 6 किलो देशी घी और अन्य सामान चोर ले गए। मंदिर परिसर और आसपास तलाश करने पर टूटा हुआ दानपात्र तथा मंदिर की तलवार सड़क पर पड़ी मिली। इसके बाद श्रद्धालुओं को सूचना दी गई और शाहपुरा थाना पुलिस को वारदात की जानकारी दी गई।
पुलिस ने किया मौका मुआयना, रिपोर्ट सौंपी-
घटना की सूचना मिलते ही शाहपुरा थाने से पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मंदिर परिसर का निरीक्षण किया। पुलिस ने चोरी के दौरान चोरों द्वारा की गई गतिविधियों और आसपास के स्थानों का जायजा लिया। इसके बाद पुजारी की ओर से तैयार रिपोर्ट पुलिस को सौंपी गई।
मौके पर विश्व हिंदू परिषद के प्रांत गौरक्षा प्रमुख रामेश्वरलाल धाकड़, प्रॉपर्टी एसोसिएशन शाहपुरा के अध्यक्ष सुरेश गुर्जर, कालूराम धाकड़, भंवरलाल मीणा, ओमप्रकाश सेन, अशोक कुमार, राजेंद्र कुमार, देवेंद्र कुमार और एडवोकेट अक्षयराज रेबारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
‘आस्था के केंद्र पर हाथ डालने वालों पर हो कड़ी कार्रवाई’–
विश्व हिंदू परिषद के प्रांत गौरक्षा प्रमुख रामेश्वरलाल धाकड़ और प्रॉपर्टी एसोसिएशन अध्यक्ष सुरेश गुर्जर ने पुलिस के सामने नाराजगी जताते हुए कहा कि मोड्या बड़ का बालाजी मंदिर केवल स्थानीय लोगों का धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि पूरे शाहपुरा क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां चोरी की घटना ने श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत किया है।
उन्होंने पुलिस से मांग की कि मामले को गंभीरता से लेते हुए चोरों की जल्द पहचान की जाए और उन्हें गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाए। क्षेत्रवासियों ने कहा कि मंदिरों में लगातार चोरी की घटनाएं चिंता का विषय हैं। धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर पुलिस को विशेष निगरानी बढ़ानी चाहिए।
निकाय चुनाव से पहले वारदात ने बढ़ाई चिंता-
शाहपुरा में नगर निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। ऐसे समय में मंदिरों में चोरी की घटनाओं ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। क्षेत्र में इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब धार्मिक स्थल भी चोरों से सुरक्षित नहीं हैं तो आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर पुलिस व्यवस्था कितनी प्रभावी है?
इसी बीच कुछ लोगों ने नए डिप्टी के कार्यभार संभालने के बाद हुई पहली बड़ी चोरी को लेकर व्यंग्यात्मक अंदाज में इसे ‘सलामी’ तक करार दिया। हालांकि यह लोगों की प्रतिक्रिया और चर्चा भर है, लेकिन इससे पुलिस के सामने अपराधियों पर जल्द शिकंजा कसने की चुनौती जरूर खड़ी हो गई है।
देवरिया में भी बालाजी मंदिर बना निशाना-
उधर फुलियाकलां थाना क्षेत्र के देवरिया गांव में भी बालाजी मंदिर में चोरी की वारदात सामने आई। यहां भी अज्ञात चोर दानपात्र तोड़कर उसमें रखी नकदी चुरा ले गए। सुबह मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को जब चोरी की जानकारी मिली तो उनमें भी रोष फैल गया। लगातार दो धार्मिक स्थलों पर दानपात्र तोड़कर नकदी चोरी किए जाने की घटनाओं के बाद अब पुलिस के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि कहीं दोनों वारदातों के पीछे एक ही गिरोह तो सक्रिय नहीं है। मंदिरों की गतिविधियों और आसपास आने-जाने वाले संदिग्ध लोगों की जानकारी जुटाना भी जांच का अहम हिस्सा बन सकता है।
सीसीटीवी और पुराने रिकॉर्ड से खुल सकता है राज-
मंदिर परिसर या आसपास यदि सीसीटीवी कैमरे लगे हैं तो उनकी रिकॉर्डिंग पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सुराग साबित हो सकती है। साथ ही आसपास के मार्गों, दुकानों और प्रमुख स्थानों पर लगे कैमरों की फुटेज खंगाली जाए तो चोरों के आने-जाने की दिशा का पता लगाया जा सकता है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि मंदिरों में दानपात्र तोड़ने वाले अपराधियों के हौसले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में पुलिस को केवल इस वारदात तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि पूर्व में मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर हुई चोरी की घटनाओं के रिकॉर्ड भी खंगालने चाहिए।
फिलहाल शाहपुरा में मंदिर चोरी की इस वारदात को लेकर श्रद्धालुओं में गहरा आक्रोश है। चुनावी माहौल के बीच हुई इस घटना ने पुलिस की रात्रिकालीन गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नजर पुलिस की जांच पर है कि आखिर आस्था के इन केंद्रों में सेंध लगाने वाले चोर कब पुलिस की पकड़ में आते हैं।



