
शाहपुरा। शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में शाहपुरा के मूल निवासी डॉ. गुलाम मुस्तफा रशीदी ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय, बांसवाड़ा से फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज में पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की है। उनकी इस उपलब्धि से परिवारजनों, गुरुजनों, मित्रों एवं शाहपुरा क्षेत्र के शुभचिंतकों में हर्ष का माहौल है।
डॉ. गुलाम मुस्तफा रशीदी, हज़रत पीर अब्दुलअज़ीज़ मास्टर साहब के सुपुत्र, ने अपना शोध कार्य “Current Status and Challenges of Virtual Currency Technology: With Special Reference to Udaipur City” विषय पर पूर्ण किया। शोध का हिंदी शीर्षक “आभासी मुद्रा तकनीक की वर्तमान स्थिति एवं चुनौतियां : उदयपुर शहर के विशेष संदर्भ में” है।

उन्होंने यह शोध कार्य डॉ. राजीव गांधी, एसोसिएट प्रोफेसर, वाणिज्य एवं प्रबंधन विभाग, न्यू लुक गर्ल्स पी.जी. कॉलेज, बांसवाड़ा के निर्देशन में पूर्ण किया। शोध के दौरान उन्होंने आभासी मुद्रा तकनीक की वर्तमान स्थिति, इसके उपयोग, संभावनाओं तथा इससे जुड़ी विभिन्न चुनौतियों का विशेष रूप से अध्ययन किया।
वर्तमान दौर में डिजिटल तकनीक और वित्तीय व्यवस्था तेजी से बदल रही है। ऐसे समय में आभासी मुद्रा तकनीक जैसे समकालीन विषय पर शोध करना डॉ. रशीदी की अकादमिक रुचि और बदलते आर्थिक परिदृश्य को समझने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उनका शोध न केवल शैक्षणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि डिजिटल वित्त एवं नई तकनीकों से जुड़े विषयों को समझने में भी उपयोगी माना जा सकता है।
डॉ. गुलाम मुस्तफा रशीदी की इस सफलता को उनके परिश्रम, लगन, अध्ययनशीलता और शोध के प्रति समर्पण का परिणाम बताया जा रहा है। शोध कार्य को निर्धारित मानकों के अनुरूप पूर्ण करने में उनके शोध निर्देशक डॉ. राजीव गांधी का मार्गदर्शन भी महत्वपूर्ण रहा।
पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त करने पर परिवारजनों, गुरुजनों, मित्रों एवं शुभचिंतकों ने डॉ. रशीदी को बधाई दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। शाहपुरा के मूल निवासी के रूप में उनकी इस शैक्षणिक उपलब्धि को क्षेत्र के लिए भी गौरव का विषय माना जा रहा है। शुभचिंतकों ने विश्वास जताया कि डॉ. रशीदी भविष्य में भी शिक्षा, शोध एवं अकादमिक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम फहराते हुए नई उपलब्धियां हासिल करेंगे।




