
शाहपुरा। विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय चेतना एवं भारतीय संस्कृति के प्रति गौरव की भावना विकसित करने के उद्देश्य से भारत विकास परिषद शाखा शाहपुरा की ओर से शाखा स्तरीय राष्ट्रीय समूह गान प्रतियोगिता का आयोजन आदर्श विद्या मंदिर, कोठार मोहल्ला में किया गया। “राष्ट्रीय चेतना के स्वर” पुस्तक पर आधारित इस प्रतियोगिता में विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने हिंदी, संस्कृत एवं लोकगीत विधाओं में उत्साहपूर्वक भाग लेकर देशभक्ति के गीतों से वातावरण को राष्ट्रभाव से गुंजायमान कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि शिक्षाविद् बालकृष्ण सोमाणी, शाखा अध्यक्ष पवन कुमार बांगड़ एवं प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य जयदेव जोशी ने मां भारती एवं युगपुरुष स्वामी विवेकानंद के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। तिलक एवं माल्यार्पण के बाद सामूहिक वंदे मातरम् का गायन हुआ।
सुर, लय और ताल पर हुआ मूल्यांकन
प्रतियोगिता में प्रख्यात गीतकार बालकृष्ण ‘बीरा’, सुमधुर गायिका मधुलिका सक्सेना एवं संगीतकार सीए अशोक बोहरा ने निर्णायक की भूमिका निभाई। निर्णायक दल ने विद्यार्थियों की गायन प्रस्तुति, स्वर, लय, ताल एवं सामूहिकता के आधार पर प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया।
हिंदी में इंडियन पब्लिक स्कूल प्रथम
राष्ट्रीय समूह गान हिंदी प्रतियोगिता में इंडियन पब्लिक स्कूल, शाहपुरा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। पीएम श्री वीर माता माणिक कंवर राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, शाहपुरा द्वितीय तथा आदर्श विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय, गांधीपुरी, शाहपुरा तृतीय स्थान पर रहा।
संस्कृत प्रतियोगिता में भी इंडियन पब्लिक स्कूल ने प्रथम स्थान हासिल किया। आदर्श विद्या मंदिर, गांधीपुरी ने द्वितीय तथा आदर्श विद्या मंदिर, कोठार मोहल्ला ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
वहीं लोकगीत प्रतियोगिता में आदर्श विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय, गांधीपुरी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। पीएम श्री वीर माता माणिक कंवर राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय द्वितीय तथा आदर्श विद्या मंदिर, कोठार मोहल्ला तृतीय स्थान पर रहा।
देशभक्ति गीतों से गूंजा विद्यालय परिसर
प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने देशभक्ति से ओत-प्रोत गीतों की सुमधुर एवं प्रभावशाली प्रस्तुतियां दीं। सामूहिक स्वर में प्रस्तुत किए गए गीतों ने विद्यालय परिसर को राष्ट्रभक्ति के भाव से भर दिया। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों में सुर और ताल के साथ सामूहिकता एवं अनुशासन की झलक देखने को मिली।
विजेता एवं पुरस्कार प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को स्मृति चिह्न एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
देशप्रेम और भारतीय संस्कृति से जोड़ना उद्देश्य
भारत विकास परिषद के पदाधिकारियों ने कहा कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य केवल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में देशप्रेम, अनुशासन, सामूहिकता तथा भारतीय संस्कृति के प्रति गौरव की भावना को मजबूत करना है। समूह गान के माध्यम से विद्यार्थी राष्ट्र की विविध भाषाओं, लोक परंपराओं एवं सांस्कृतिक मूल्यों से भी परिचित होते हैं।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में जय सिंह कानावत, पूर्व मैनेजर हिंदुस्तान जिंक, शाखा सचिव सत्यनारायण सेन, संस्कार प्रकल्प प्रभारी द्वारका प्रसाद पारीक, शिक्षाविद् जयशंकर पाराशर सहित भारत विकास परिषद शाखा शाहपुरा के पदाधिकारियों एवं सदस्यों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
कार्यक्रम का संचालन जयदेव जोशी ने किया।




