
शाहपुरा कॉलेज में हुआ कार्यक्रम, दो इकाइयों में 200 स्वयंसेवक; वक्ताओं ने व्यक्तित्व विकास और युवा शक्ति की भूमिका पर दिया जोर
शाहपुरा। श्री प्रताप सिंह बारहठ राजकीय महाविद्यालय, शाहपुरा में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों को सेवा, सामाजिक जागरूकता और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में वक्ताओं ने एनएसएस की गतिविधियों, स्वयंसेवकों की जिम्मेदारियों और समाज सेवा के माध्यम से व्यक्तित्व विकास के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का संचालन छात्रा सकीना बंजारा ने किया। समारोह के मुख्य वक्ता एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के पूर्व कार्यक्रम प्रभारी अधिकारी प्रो. मुलचन्द खटीक ने बताया कि महाविद्यालय में एनएसएस की दो इकाइयां संचालित हैं, जिनमें प्रत्येक इकाई में 100-100 स्वयंसेवक पंजीकृत हैं। उन्होंने स्वयंसेवकों को एनएसएस की नियमित गतिविधियों और विशेष शिविरों की जानकारी देते हुए सेवा कार्यों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।

प्रो. खटीक ने एनएसएस के आदर्श वाक्य “Not Me But You” की भावना को समझाते हुए कहा कि स्वयंसेवक का उद्देश्य व्यक्तिगत हित से आगे बढ़कर समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना है। उन्होंने एनएसएस के लोगो में मौजूद आठ तीलियों का उल्लेख करते हुए बताया कि ये स्वयंसेवकों को हर समय जागरूक और सक्रिय रहने का संदेश देती हैं। उन्होंने लोगो में लाल रंग को शौर्य तथा नीले रंग को ब्रह्मांड की असीमित ऊर्जा का प्रतीक बताया।
युवा शक्ति से विकसित भारत का संकल्प
रासेयो कार्यक्रम अधिकारी प्रो. दिग्विजय सिंह ने विद्यार्थियों को विकसित भारत के संकल्प, युवा शक्ति की भूमिका तथा राष्ट्र निर्माण में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि युवा केवल देश का भविष्य ही नहीं, बल्कि वर्तमान में भी सामाजिक बदलाव के महत्वपूर्ण वाहक हैं। विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ सामाजिक सरोकारों से जोड़ना एनएसएस की प्रमुख भावना है।
कार्यक्रम में स्वयंसेवक सकीना बंजारा ने एनएसएस का लक्ष्य गीत “उठे समाज के लिए उठे, जगे स्वराष्ट्र के लिए जगे” प्रस्तुत किया। गीत की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में सेवा और राष्ट्रभाव की भावना को और मजबूत किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के संकाय सदस्य प्रो. शशिकांत मीना, प्रो. अतुल जैन सहित स्वयंसेवक खुशबु मीणा, आशा धाकड़, सुमन वैष्णव, लक्ष्मी रेगर, कृष्णा धाकड़ आदि उपस्थित रहे।
अंत में रासेयो कार्यक्रम अधिकारी प्रो. अंकित मीणा ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए अतिथियों, संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि समाज सेवा केवल किसी विशेष अवसर तक सीमित नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिक बनने की निरंतर प्रक्रिया है।




