
क्या आप जानते हैं… शाहपुरा की धरती पर एक ऐसे संत ने कदम रखे, जिनकी तपस्या और वैराग्य ने पूरे भारत में एक नए आध्यात्मिक आंदोलन की नींव रखी?
शाहपुरा संवाद के विशेष साप्ताहिक बुलेटिन “शाहपुरा की बात, हर हफ्ते आपके साथ” में इस रविवार हम लेकर आ रहे हैं एक विशेष प्रस्तुति—
“रामस्नेही संप्रदाय के आद्याचार्य स्वामी रामचरणजी महाराज का अद्भुत जीवन और शाहपुरा से उनका ऐतिहासिक संबंध।”
जानिए…
आखिर रामकिशन से रामचरण महाराज बनने की प्रेरणा कैसे मिली?
किस संत की भविष्यवाणी ने उनके जीवन की दिशा बदल दी?
क्यों उन्होंने राजकीय सम्मान को अस्वीकार कर श्मशान भूमि को अपनी तपस्थली बनाया?
निर्गुण भक्ति की ओर उनका झुकाव कैसे हुआ?
दांतड़ा और भीलवाड़ा में उनकी तपस्या के पीछे क्या रहस्य था?
शाहपुरा आने से पहले वे यहां दो बार क्यों आए?
और सबसे बड़ा सवाल… यदि रामकिशन संत नहीं बनते, तो उनका भविष्य क्या होता?
इन सभी ऐतिहासिक तथ्यों और अनसुने प्रसंगों से पर्दा उठाएंगे शिक्षाविद तेजपाल उपाध्याय।
📅 रविवार, 19 जुलाई 2026
🕗 सुबह 8:00 बजे
📺 केवल ShahpuraSamwad YouTube Channel पर

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