
शाहपुरा संवाद के विशेष साप्ताहिक बुलेटिन “शाहपुरा की बात, हर हफ्ते आपके साथ” में आपका स्वागत है।
रविवार, 26 जुलाई 2026, सुबह ठीक 8 बजे हम लेकर आ रहे हैं एक और ऐतिहासिक कड़ी, जिसमें आगे बढ़ेगी रामस्नेही संप्रदाय के आद्याचार्य स्वामी रामचरणजी महाराज की प्रेरणादायी जीवनगाथा।
क्या आप जानते हैं…?
जयपुर राज्य के मंत्री रामकिशन आखिर कैसे सब कुछ छोड़कर वैराग्य के मार्ग पर चल पड़े?
कैसे एक दिव्य स्वप्न ने उनके जीवन की दिशा बदल दी?
क्यों उन्होंने पत्नी की सहमति लेकर राजवैभव त्याग दिया और संत की खोज में निकल पड़े?
जानिए…
शाहपुरा के निकट संत कृपारामजी से उनकी पहली भेंट कैसे हुई?
कैसे मंत्री रामकिशन बने संत रामचरण?
गुरु के आदेश पर उन्होंने श्मशान को ही साधना का स्थान क्यों बनाया?
बीगोद, सदारा और बहादुरपुर की तपस्थलियों पर उनकी कठोर साधना और उनसे जुड़े चमत्कारों की अनसुनी कथा भी इस कड़ी में प्रस्तुत होगी।
क्या वास्तव में तप की शक्ति से एक मृत युवक चतरा जाट पुनर्जीवित हुआ और बाद में संत चत्रदास बना?
जानिए…
गूदड़ पंथ का त्याग क्यों किया?
निर्गुण राम की उपासना का मार्ग कैसे मिला?
और वह कौन-सा दिव्य संत था जिसने पहली बार उन्हें “रामस्नेही” कहकर संबोधित किया, जिससे आगे चलकर रामस्नेही संप्रदाय की पहचान बनी।
इतिहास के इन रोचक और प्रेरणादायी प्रसंगों का विस्तार से विश्लेषण करेंगे हमारे शिक्षाविद तेजपाल उपाध्याय।
तो देखना न भूलें…
“शाहपुरा की बात, हर हफ्ते आपके साथ”
रविवार, 26 जुलाई 2026
सुबह 8:00 बजे
YouTube चैनल – Shahpura Samwad
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