बेटी की शिक्षा को मिला नया संबल, AU स्मॉल फाइनेंस बैंक ने 200 छात्राओं को वितरित की अध्ययन सामग्री
'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान के तहत बैंक की प्रेरक पहल, शाखा प्रबंधक सुमित गौतम के नेतृत्व में शिक्षा के प्रति निभाई सामाजिक जिम्मेदारी

शाहपुरा।
शिक्षा ही समाज की सबसे बड़ी पूंजी है और जब कोई बैंक केवल वित्तीय सेवाओं तक सीमित न रहकर सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने के लिए आगे आता है, तो उसका प्रभाव आने वाली पीढ़ियों के भविष्य पर भी दिखाई देता है। इसी सोच को साकार करते हुए AU स्मॉल फाइनेंस बैंक, शाहपुरा शाखा ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के अंतर्गत एक प्रेरणादायी पहल करते हुए 200 छात्राओं को पाठ्य सामग्री एवं अध्ययन किट वितरित कर शिक्षा के क्षेत्र में अपनी मजबूत प्रतिबद्धता का परिचय दिया।

कार्यक्रम के अंतर्गत राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, प्रतापपुरा (शाहपुरा) एवं श्रीमद् दयानंद उच्च प्राथमिक विद्यालय, शाहपुरा की छात्राओं को आवश्यक अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई गई। इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से जरूरतमंद छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना तथा बालिका शिक्षा के प्रति समाज में सकारात्मक संदेश देना रहा।

इस अवसर पर AU स्मॉल फाइनेंस बैंक, शाहपुरा शाखा के प्रबंधक सुमित गौतम ने कहा कि बैंक केवल वित्तीय संस्थान नहीं, बल्कि समाज के विकास में सहभागी संस्था के रूप में कार्य करता है। उन्होंने बताया कि AU बैंक समय-समय पर शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाता रहा है। उनका कहना था कि यदि किसी बेटी की शिक्षा में छोटा सा भी सहयोग भविष्य को संवारने में मदद करता है, तो यह बैंक के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि होगी।
कार्यक्रम में उपस्थित छात्राओं ने अध्ययन सामग्री प्राप्त कर उत्साह व्यक्त किया। विद्यालय परिवार ने भी इस पहल को छात्राओं के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि ऐसी सामाजिक भागीदारी से विद्यार्थियों में पढ़ाई के प्रति नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार होता है।

राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, प्रतापपुरा की प्रधानाचार्य श्रीमती ऊमा टेलर ने AU बैंक प्रबंधन एवं शाखा प्रबंधक सुमित गौतम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बैंक द्वारा उपलब्ध कराई गई उच्च गुणवत्ता वाली पाठ्य सामग्री छात्राओं के अध्ययन में महत्वपूर्ण सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में इस प्रकार की पहल अन्य संस्थाओं के लिए भी प्रेरणा बनेगी।
वहीं श्रीमद् दयानंद उच्च प्राथमिक विद्यालय, शाहपुरा के प्रधानाचार्य रामप्रकाश काबरा ने बैंक की कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के अंतर्गत की गई इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जरूरतमंद विद्यार्थियों तक शिक्षा संसाधन पहुंचाना वास्तव में समाज के उज्ज्वल भविष्य में निवेश करने जैसा है। उन्होंने कहा कि जब निजी संस्थाएं शिक्षा के क्षेत्र में आगे आती हैं तो उसका सीधा लाभ बच्चों के भविष्य को मिलता है।

कार्यक्रम के दौरान बैंक के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी अनुभव, लोकेश एवं ऋषभ भी उपस्थित रहे। सभी ने छात्राओं को मन लगाकर अध्ययन करने, बड़े लक्ष्य निर्धारित करने तथा शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया।

AU स्मॉल फाइनेंस बैंक की यह पहल एक बार फिर यह साबित करती है कि सामाजिक विकास केवल सरकारी प्रयासों से ही नहीं, बल्कि निजी संस्थानों की संवेदनशील भागीदारी से भी संभव है। बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने की दिशा में बैंक का यह प्रयास न केवल छात्राओं के चेहरे पर मुस्कान लेकर आया, बल्कि समाज को यह संदेश भी दिया कि जब शिक्षा के लिए समाज और संस्थाएं साथ खड़ी होती हैं, तभी सशक्त भारत का सपना साकार होता है।




