छात्रवृत्ति योजनाएं बनेंगी बेटियों के सपनों को नई उड़ान, महाविद्यालय में हुआ विशेष आमुखीकरण कार्यक्रम
अजीम प्रेमजी, स्वामी विवेकानंद सहित विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं की दी विस्तृत जानकारी, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया भी समझाई

शाहपुरा। आर्थिक अभाव अब प्रतिभा की राह में बाधा नहीं बने, इसी उद्देश्य को लेकर राजकीय महाविद्यालय शाहपुरा में गुरुवार को छात्राओं के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। महाविद्यालय के महिला प्रकोष्ठ के तत्वावधान में राजस्थान राज्य महिला नीति के अंतर्गत “अजीम प्रेमजी छात्रवृत्ति, स्वामी विवेकानंद छात्रवृत्ति एवं छात्राओं के लिए संचालित अन्य छात्रवृत्ति योजनाओं पर आमुखीकरण एवं व्याख्यान” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पुष्कर राज मीणा ने की।
कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को केंद्र एवं राज्य सरकार तथा विभिन्न संस्थाओं द्वारा संचालित छात्रवृत्ति योजनाओं की विस्तृत जानकारी देकर उन्हें उच्च शिक्षा के लिए उपलब्ध आर्थिक सहायता का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और छात्रवृत्ति से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त की।
मुख्य वक्ता के रूप में चित्तौड़ से आए अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के सदस्य सुरेंद्र दान चारण ने छात्राओं को अजीम प्रेमजी छात्रवृत्ति योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने छात्रवृत्ति की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, आवेदन की समय-सीमा तथा चयन प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया। साथ ही ऑनलाइन आवेदन भरने की पूरी प्रक्रिया का व्यावहारिक मार्गदर्शन देते हुए छात्राओं को आवेदन करते समय बरती जाने वाली सावधानियों और आवश्यक दिशा-निर्देशों से भी अवगत कराया।
कार्यक्रम में छात्रवृत्ति संयोजक प्रो. मूलचंद खटीक ने स्वामी विवेकानंद छात्रवृत्ति, उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति, विभिन्न स्कूटी योजनाओं सहित केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा छात्राओं के लिए संचालित अनेक छात्रवृत्ति योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समय पर सही जानकारी और आवश्यक दस्तावेजों की तैयारी से छात्राएं इन योजनाओं का आसानी से लाभ उठा सकती हैं। उन्होंने छात्राओं से प्रत्येक योजना की पात्रता का अध्ययन कर समय पर आवेदन करने का आग्रह भी किया।
व्याख्यान के दौरान छात्राओं ने छात्रवृत्ति योजनाओं से संबंधित अनेक जिज्ञासाएं व्यक्त कीं। वक्ताओं ने आवेदन प्रक्रिया, दस्तावेजों, पात्रता एवं चयन से जुड़े सभी प्रश्नों के सरल, स्पष्ट और संतोषजनक उत्तर देकर उनकी शंकाओं का समाधान किया। इस संवादात्मक सत्र से छात्राओं में योजनाओं के प्रति विशेष उत्साह देखने को मिला।

अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य डॉ. पुष्कर राज मीणा ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी छात्राओं के लिए छात्रवृत्ति योजनाएं उच्च शिक्षा का मजबूत आधार बन सकती हैं। उन्होंने कहा कि यदि छात्राएं इन योजनाओं का सही समय पर लाभ उठाएं तो आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद वे अपने सपनों को साकार कर सकती हैं। उन्होंने छात्राओं से नियमित रूप से छात्रवृत्ति संबंधी सूचनाओं पर नजर रखने तथा समय पर आवेदन करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में महिला प्रकोष्ठ की संयोजिका डॉ. ऋचा अंगिरा ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं उपस्थित छात्राओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम छात्राओं को न केवल सरकारी योजनाओं से जोड़ते हैं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने और अपने शैक्षणिक एवं व्यावसायिक भविष्य को सुदृढ़ करने की दिशा में भी प्रेरित करते हैं।
इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी संकाय सदस्य एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। पूरे कार्यक्रम के दौरान छात्राओं में छात्रवृत्ति योजनाओं को लेकर उत्साह और जागरूकता का वातावरण देखने को मिला, जो भविष्य में अधिकाधिक छात्राओं को उच्च शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।




