Welcome to शाहपुरा संवाद   Click to listen highlighted text! Welcome to शाहपुरा संवाद
BHILWARAE-Paperराजस्थानलोकल न्यूज़शाहपुरा

‘भारत के नारी रत्न’ पुस्तक में पन्नाधाय की पहचान बदलने का आरोप, गुर्जर महासभा ने प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

भीलवाड़ा में पूर्व मंत्री कालूलाल गुर्जर के नेतृत्व में प्रदर्शन, ऐतिहासिक तथ्यों के अनुरूप संशोधन की उठाई मांग

भीलवाड़ा। राजस्थान गुर्जर महासभा ने केंद्र सरकार के प्रकाशन विभाग द्वारा प्रकाशित पुस्तक “भारत के नारी रत्न” में वीरांगना पन्नाधाय के जातीय परिचय को लेकर गंभीर आपत्ति जताई है। महासभा के प्रदेशाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री कालूलाल गुर्जर के नेतृत्व में गुरुवार को संगठन के पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर पुस्तक में प्रकाशित विवरण को ऐतिहासिक तथ्यों के अनुरूप संशोधित करने की मांग की।

ज्ञापन में कहा गया कि प्रकाशन विभाग द्वारा वर्ष 2022 के आठवें पुनर्मुद्रण में प्रकाशित पुस्तक “भारत के नारी रत्न” (संपादक ऋतुश्री, ISBN: 978-93-5409-692-1) के पृष्ठ संख्या 8 पर प्रकाशित पन्नाधाय के जीवन परिचय में उनकी मूल ऐतिहासिक पहचान और जातीय परिचय को बदलकर “खींची राजपूत वंश की क्षत्राणी” अंकित किया गया है। महासभा का आरोप है कि यह प्रस्तुतीकरण ऐतिहासिक तथ्यों के विपरीत एवं भ्रामक है, जिससे गुर्जर समाज की भावनाएं आहत हुई हैं।

प्रदेशाध्यक्ष कालूलाल गुर्जर ने कहा कि पन्नाधाय का बलिदान भारतीय इतिहास का अमर अध्याय है और उनकी वास्तविक ऐतिहासिक पहचान को किसी भी प्रकार से परिवर्तित करना उचित नहीं है। उन्होंने दावा किया कि राजपूत समाज में धाय रखने की परंपरा गुर्जर समाज से जुड़ी रही है तथा इतिहास में उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर पन्नाधाय की पहचान स्थापित है। इसलिए केंद्र सरकार को पुस्तक में प्रकाशित तथ्यों का पुनः परीक्षण कर आवश्यक संशोधन करना चाहिए।

महासभा ने ज्ञापन में यह भी मांग की कि भविष्य में इतिहास से जुड़े महापुरुषों एवं विभूतियों के संबंध में किसी भी सरकारी प्रकाशन में तथ्यात्मक त्रुटियां न हों और प्रकाशन से पहले ऐतिहासिक प्रमाणों का गंभीर परीक्षण कराया जाए। संगठन का कहना है कि इतिहास से जुड़े विषयों पर किसी भी प्रकार का तथ्य परिवर्तन सामाजिक विवाद और भ्रम की स्थिति पैदा कर सकता है।

ज्ञापन सौंपने के दौरान अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के प्रदेशाध्यक्ष रामप्रसाद धाबाई, पन्नाधाय सेवा संस्थान करेड़ा के अध्यक्ष लाखाराम गुर्जर, राजस्थान गुर्जर महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष शंकरलाल गुर्जर, भीलवाड़ा जिलाध्यक्ष मोहनलाल सराधना, अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के जिलाध्यक्ष राधेश्याम भड़ाना, युवा जिलाध्यक्ष नारायणलाल काकड़ा, जिला महामंत्री गोपाल गुर्जर, जिला उपाध्यक्ष भंवरलाल हरल, राधेश्याम गुढ़ा, शांतिलाल जिंदल सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी, तहसील अध्यक्ष एवं बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

महासभा के पदाधिकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी समाज विशेष का विरोध नहीं, बल्कि ऐतिहासिक तथ्यों की प्रामाणिकता बनाए रखना है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि विषय की निष्पक्ष समीक्षा कर इतिहास के प्रमाणों के अनुरूप आवश्यक संशोधन किया जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार के विवाद उत्पन्न न हों।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!