
“बचाने दौड़ा तो खुद भी काल के आगोश में समा गया… बल्दरखां के खेत में करंट ने कुछ ही पलों में दो परिवारों की खुशियां छीन लीं।”
शाहपुरा। निकटवर्ती बल्दरखां गांव में गुरुवार को एक ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। खेत पर लगी पानी की मोटर में उतरे करंट ने देखते ही देखते दो जिंदगियां निगल लीं। पहले मोटर ठीक करने पहुंचे एक विद्युत मिस्त्री की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। उसे बचाने के लिए दौड़े दूसरे व्यक्ति ने इंसानियत का फर्ज निभाने की कोशिश की, लेकिन वह भी बिजली के करंट की चपेट में आ गया। दोनों को गंभीर हालत में शाहपुरा के एक निजी चिकित्सालय लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हादसे के बाद बल्दरखां और डागास गांव में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार डागास निवासी विद्युत मिस्त्री रामस्वरूप पुत्र शंकरदास को बल्दरखां गांव स्थित एक खेत पर पानी की मोटर खराब होने की सूचना मिली थी। वह मोटर की खराबी दूर करने के लिए खेत पर पहुंचा और मरम्मत कार्य शुरू किया। इसी दौरान अचानक मोटर में प्रवाहित विद्युत करंट की चपेट में आकर वह उससे चिपक गया। करंट लगने के कारण उसकी चीखें खेतों में गूंज उठीं।
रामस्वरूप की आवाज सुनकर पास ही खेत में मौजूद अमरसिंह पुत्र बुद्धसिंह बिना अपनी जान की परवाह किए उसकी मदद के लिए दौड़ पड़ा। उसने मिस्त्री को बिजली के संपर्क से अलग करने का प्रयास किया, लेकिन करंट इतना तेज था कि अमरसिंह भी उसकी चपेट में आ गया और वह भी वहीं गिर पड़ा। कुछ ही पलों में दोनों बेहोश हो गए।
दोनों की चीखें सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे किसान मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने किसी तरह दोनों को बिजली के संपर्क से अलग किया और तत्काल गंभीर अवस्था में शाहपुरा के एक निजी चिकित्सालय पहुंचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही शाहपुरा थाना पुलिस अस्पताल पहुंची। हालांकि घटनास्थल बनेड़ा थाना क्षेत्र में होने के कारण मामले की सूचना बनेड़ा पुलिस को दी गई। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया गया है। पुलिस के अनुसार बनेड़ा थाना पुलिस की मौजूदगी में पोस्टमार्टम की कार्रवाई कर शव परिजनों को सौंपे जाएंगे।
इस हृदयविदारक हादसे ने कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मोटर में करंट उतरने के कारण हादसा हुआ। अब यह जांच का विषय है कि मोटर में करंट किस कारण आया, क्या विद्युत सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे और क्या बिजली आपूर्ति बंद किए बिना मरम्मत कार्य किया जा रहा था। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
गुरुवार को हुई इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि बिजली से जुड़े किसी भी कार्य में थोड़ी-सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। एक व्यक्ति अपनी रोजी-रोटी के लिए खेत पर पहुंचा था, जबकि दूसरा केवल इंसानियत के नाते उसकी जान बचाने दौड़ा था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। कुछ ही मिनटों में दो घरों के चिराग बुझ गए और बल्दरखां सहित आसपास के गांवों में शोक की लहर फैल गई।




