
भीलवाड़ा, 24 अगस्त। सावन की भक्ति, शिव आराधना और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प का विराट संगम 30 अगस्त को पुर स्थित श्री रोग मुक्तेश्वर महादेव मंदिर में देखने को मिलेगा। यहां पंचम सावन महोत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। श्री श्री 1008 अवधेशानंद जी महाराज, सूरजकुंड धाम के पावन सानिध्य में होने वाले इस धार्मिक आयोजन में 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। आयोजन को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं और श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है।
पोस्टर विमोचन के साथ महोत्सव का संदेश घर-घर पहुंचाने की तैयारी
पंचम सावन महोत्सव के पोस्टर का विमोचन भाजपा नेता एवं राजस्थान जन मंच अध्यक्ष कैलाश सोनी के मुख्य आतिथ्य में किया गया। पोस्टर विमोचन कार्यक्रम में आयोजन से जुड़े कार्यकर्ताओं ने महोत्सव की तैयारियों, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और व्यवस्थाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की। आयोजकों ने बताया कि इस बार महोत्सव को पहले से अधिक भव्य और व्यापक स्वरूप दिया जा रहा है।
महोत्सव में विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि, प्रबुद्धजन, वरिष्ठ नागरिक, युवा, माताएं-बहनें और बच्चे बड़ी संख्या में भाग लेंगे। धार्मिक आयोजन के साथ सामाजिक सरोकारों को भी जोड़ते हुए इसे जनजागरण का स्वरूप देने की तैयारी है।
शिवभक्ति के साथ पर्यावरण बचाने का लिया जाएगा संकल्प
पंचम सावन महोत्सव की सबसे खास बात यह होगी कि यहां केवल भगवान शिव की आराधना ही नहीं होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने का सामूहिक संकल्प भी दिलाया जाएगा। आयोजन में उपस्थित हजारों श्रद्धालु पर्यावरण को सुरक्षित रखने, प्रकृति के संरक्षण और अधिक से अधिक हरियाली बढ़ाने की शपथ ग्रहण करेंगे।
आयोजकों का कहना है कि भगवान शिव स्वयं प्रकृति और पर्यावरण से जुड़े प्रतीकों के देवता माने जाते हैं। ऐसे में शिवभक्ति के साथ प्रकृति संरक्षण का संदेश समाज तक पहुंचाना इस महोत्सव का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। धार्मिक आस्था को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ते हुए पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करने का प्रयास किया जाएगा।
10 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की व्यवस्था
महोत्सव में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा। 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के लिए प्रसादी एवं भंडारे की व्यवस्था की जा रही है। बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने को देखते हुए आयोजन स्थल पर भोजन, पेयजल, बैठने और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर कार्यकर्ताओं की अलग-अलग जिम्मेदारियां तय की जा रही हैं।
आयोजकों के अनुसार महोत्सव में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो, इसके लिए स्वयंसेवकों की टीम व्यवस्थाओं में जुटी रहेगी। धार्मिक आयोजन में अनुशासन और सेवा भावना को प्राथमिकता दी जाएगी।
तैयारियों में जुटी टीम, व्यवस्था को दिया जा रहा अंतिम रूप
विशाल आयोजन को सफल बनाने के लिए कार्यकर्ताओं ने मोर्चा संभाल लिया है। कुलदीप पारीक, मनोज पारीक, योगेश त्रिवेदी, कालू पारीक, सोनू सेन, शुभम पाठक, मोनू बिश्नोई, राजकुमार माली और प्रिंस पारीक सहित अनेक कार्यकर्ता व्यवस्थाओं में जुटे हुए हैं।
कार्यकर्ता आयोजन स्थल की तैयारियों से लेकर श्रद्धालुओं के स्वागत, भंडारे, पेयजल, बैठने तथा अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में लगे हैं। आयोजकों का प्रयास है कि पंचम सावन महोत्सव धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता और पर्यावरण संरक्षण का भी बड़ा संदेश बने।
सावन की विदाई के दौर में 30 अगस्त को पुर का श्री रोग मुक्तेश्वर महादेव मंदिर हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बनेगा। एक ओर महादेव के जयकारे गूंजेंगे तो दूसरी ओर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया जाएगा। ऐसे में पंचम सावन महोत्सव शिवभक्ति, सेवा और प्रकृति संरक्षण—तीनों को एक सूत्र में पिरोने वाला विराट आयोजन बनने जा रहा है।




