राष्ट्रीय सेवा योजना की नई कार्ययोजना में युवा शक्ति और राजस्थान की विरासत पर फोकस
उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव कुलदीप रांका ने किया 2026-27 की कार्य योजना और यूजर मैन्युअल का विमोचन

जयपुर। राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) से जुड़े युवाओं को सामाजिक सरोकारों, कौशल विकास, खेल, उद्यमिता और राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार ने नई पहल की है। वर्ष 2026-27 के लिए तैयार राष्ट्रीय सेवा योजना कार्य योजना एवं यूजर मैन्युअल का विमोचन उपमुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा तथा अतिरिक्त मुख्य सचिव उच्च शिक्षा कुलदीप रांका ने किया।
राज्य संपर्क अधिकारी, शिक्षा ग्रुप-4 (अ) शासन सचिवालय की ओर से राज्य स्तरीय कमेटी के सुझावों को शामिल करते हुए तैयार इस कार्य योजना में युवाओं की बदलती जरूरतों और सरकार की युवा नीति को केंद्र में रखा गया है। पहली बार कार्य योजना के साथ विस्तृत यूजर मैन्युअल भी तैयार किया गया है, ताकि प्रदेशभर में एनएसएस की गतिविधियों का संचालन एक समान और प्रभावी तरीके से किया जा सके।
इस अवसर पर क्षेत्रीय निदेशक एस.पी. भटनागर, ओएसडी उच्च शिक्षा प्रो. केशव शर्मा, संयुक्त सचिव उच्च शिक्षा प्रो. मुकेश कुमार शर्मा, राज्य संपर्क अधिकारी डॉ. नरेंद्र गुप्ता, राज्य समन्वयक राष्ट्रीय सेवा योजना डॉ. के.के. कुमावत, जिला समन्वयक जयपुर डॉ. गोविंद शरण शर्मा, युवा अधिकारी करिश्मा टांक, कार्यक्रम अधिकारी डॉ. विवेक चूलेट, डॉ. आंचल पुरी, सांख्यिकी अधिकारी दिनेश गुप्ता, मोहित शर्मा और स्वयंसेवक अभिषेक साहू सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

युवा शक्ति को मिलेगी रचनात्मक गतिविधियों की नई उड़ान
राज्य संपर्क अधिकारी डॉ. नरेंद्र गुप्ता ने बताया कि नई कार्य योजना में युवा शक्ति को रचनात्मक और सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया है। इसके तहत शॉर्ट फिल्म और डॉक्यूमेंट्री निर्माण, ‘सेल्फी विद द ट्री’, जन्मदिन पर पौधारोपण, साइकिल रन, स्लोगन लेखन सहित विभिन्न गतिविधियों को शामिल किया गया है।
राजस्थान सरकार की यूथ पॉलिसी-2026 को भी कार्य योजना में स्थान दिया गया है। खेलों से जुड़े स्वयंसेवकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम, स्टेट स्पोर्ट्स वालंटियर कॉर्प्स का गठन, नशा मुक्ति अभियान, व्यावसायिक उद्यमिता और स्टार्टअप आधारित गतिविधियों को एनएसएस से जोड़ा गया है।
नशा मुक्ति से सड़क सुरक्षा तक
युवाओं को नशे की लत से दूर रखने के लिए द्वितीय एकदिवसीय शिविर को नशा मुक्ति विषय पर केंद्रित करने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से सड़क सुरक्षा एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
कार्य योजना में सीपीआर प्रशिक्षण कार्यशालाओं को भी प्राथमिकता दी गई है। इसका उद्देश्य स्वयंसेवकों को आपात स्थिति में प्राथमिक सहायता देने के लिए प्रशिक्षित करना है।
सात दिवसीय विशेष शिविर में दिखेगा राजस्थान का रंग
एनएसएस के सात दिवसीय विशेष शिविर का विषय “राजस्थान को जानो-हमारे पांच गौरव” रखा गया है। इसके तहत स्वयंसेवकों को अपने जिले की विशिष्ट पहचान और स्थानीय विरासत से परिचित कराने की पहल की गई है।
शिविरों में जिले के विशिष्ट उत्पाद, वनस्पति, खानपान एवं वेशभूषा, शिल्प कला, लोक नृत्य-संगीत और सांस्कृतिक रैली जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। शिविरों में मोटे अनाज के उपयोग को बढ़ावा देने तथा आवश्यकता पड़ने पर स्थानीय शिल्प कला से जुड़े प्रतीक चिन्ह उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
नवाचारों से बदलेगा एनएसएस का स्वरूप
नई कार्य योजना में कई नए प्रयोगों को भी शामिल किया गया है। इनमें ‘मेरा संस्थान मेरा स्वाभिमान’, माय भारत पोर्टल पर पंजीयन, वार्षिक स्वच्छता कैलेंडर, अनुभवात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम (ईएलपी), इनक्यूबेशन केंद्रों की विजिट और स्वयंसेवकों द्वारा तैयार सामग्री के स्टॉल प्रमुख हैं।
इसके साथ ही युवा आपदा मित्र योजना के तहत 2,350 स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण, ‘मेरा भारत मेरी जिम्मेदारी’ विषय पर संगोष्ठी, कैंपस प्लास्टिक एकत्रीकरण अभियान, ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के तहत बोहाग बिहू कार्यक्रम तथा स्थानीय सांस्कृतिक धरोहर संरक्षण जैसे कार्यक्रम भी कार्य योजना का हिस्सा बनाए गए हैं।
पहली बार कार्यक्रम अधिकारियों के लिए यूजर मैन्युअल
इस पहल की खास बात यह है कि पहली बार एनएसएस की कार्य योजना के साथ एक विस्तृत यूजर मैन्युअल भी तैयार किया गया है। इसमें राजस्थान में राष्ट्रीय सेवा योजना की स्थिति एवं विस्तार, उद्देश्य, लक्ष्य, संगठनात्मक संरचना, लक्ष्य गीत, हर माह आयोजित की जाने वाली गतिविधियां और उनकी समय अवधि सहित आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
मैन्युअल में लेखा संबंधी जानकारी, सोशल मीडिया हैंडल पर पंजीयन और कार्यक्रमों से जुड़ी आवश्यक जानकारी भी उपलब्ध कराई गई है। इससे कार्यक्रम अधिकारियों को एनएसएस की गतिविधियों के संचालन में व्यावहारिक मार्गदर्शन मिलेगा।
जिला समन्वयक धर्मनारायण वैष्णव ने बताया कि कार्य योजना और यूजर मैन्युअल के माध्यम से जिलों में राष्ट्रीय सेवा योजना की गतिविधियों का अधिक व्यवस्थित और प्रभावी संचालन संभव होगा।
नई पुस्तिका के प्रकाशन पर एनएसएस से जुड़े कार्यक्रम अधिकारियों और स्वयंसेवकों ने खुशी जताई। माना जा रहा है कि नई कार्य योजना के जरिए एनएसएस केवल सेवा गतिविधियों तक सीमित न रहकर युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारी, कौशल, खेल, उद्यमिता, आपदा प्रबंधन और अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का प्रभावी मंच बनेगा।




