दशलक्षण पर्व(पर्युषण पर्व)का चौथा दिवस उत्तम शौच धर्म व आज 1008 भगवान पुष्पदंत का मोक्षकल्याणक पर्व भी धूमधाम से मनाया

शाहपुरा।सकल दिगंबर जैन समाज द्वारा दशलक्षण पर्व(पर्युषण पर्व)धूमधाम के साथ मनाये जा रहे है जिसमे आज चौथा दिन उत्तम शौच पर्व का है और आज भाद्रपद शुक्ल पक्ष अष्टमी को सकल दिगंबर जैन समाज द्वारा सभी मंदिरो मे आज 1008 भगवान पुष्पदंत का मोक्ष कल्याणक पर्व के उपलक्ष मे सभी मंदिरो मे निर्वाण लड्डू भी चढाया गया यह जानकारी देते समाज के अध्यक्ष आंनद सेठी व समाज के सदस्य महेन्द्र जैन ने बताया की सकल दिगंबर जैन समाज के वेदो का मंदिर,कालाभाटा मंदिर,ऊपर चन्दाप्रभु मंदिर,नया मंदिर,नसियांजी मंदिर आदि मे पूरे समाज द्वारा प्रा:त नित्य नियम पूजा बाद मे अभिषेक व शांतिधारा व बाद मे सभी मंदिरो मे दशलक्षण विधान मण्डल की पूजा अर्चना तत्तपश्चात 1008 भगवान पुष्पदंत का मोक्षकल्याणक पर्व पर निर्वाण लड्डू भी चढाया गया।आज चंवलेश्वर पार्श्वनाथ दिगंबर देशनोदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र पर शाहपुरा शनिवार मण्ड़ल अध्यक्ष महेन्द्र जैन व संजय चौधरी ने बताया की आज शनिवार मण्ड़ल दल द्वारा अभिषेक व शांतिधारा और 1008 भगवान पुष्पदंत के मोक्षकल्याणक पर निर्वाण लड्ड़ू भी चढाया गया।सांयकाल सभी मंदिरो मे दशलक्षण पर्व की महाआरती व बाद मे जैन भवन मे शास्त्र सभा और प्रश्नोतरी का आयोजन हुआ।शास्त्र सभा मे पण्डित भैयाजी जिनेन्द्र जैन ने कहा की आज भाद्रपद शुक्ल पक्ष अष्टमी को उत्तम शौच धर्म का है और 1008 भगवान पुष्पदंत का मोक्षकल्याणक पर्व भी है और बताया की केवल शरीर की पवित्रता नही आत्मा की पवित्रता से अनुराग रखकर लोभ लालच का कोई अंत नही इसलिऐ लोभ व लालच से मुक्त व त्याग करके ही शुद्धता व पवित्र आत्मा स्वरूप ही उत्तम शौच धर्म है।मनुष्यो को स्वच्छता केवल बाहरी नही बल्कि आंतरिक भी करनी चाहिये।क्योंकी शुद्ध आचरण ही मनुष्य को पवित्र बनाता है।दशलक्षण पर्व का चौथा दिन उत्तम शौच धर्म यही संदेश देता है की यह मनुष्यो की आत्मा को हल्का पवित्र और परमात्मा के समीप ले जाता है शौच धर्म मनुष्यो को लोभ लालच को त्याग कर संतोषी धर्म धारण करना सिखाता है।और आज 1008 भगवान पुष्पदंत का मोक्षकल्याणक पर्व भी है।शास्त्र सभा के बाद प्रश्नोतरी कार्यक्रम हुआ।समाज के आंनद सेठी,लाभचंद सौगाणी,महावीर सौगाणी,महेन्द्र जैन,ओमप्रकाश जैन,संजय जैन,नाथूलाल गदिया,पंकज जैन,लोकेश जैन,पियूष जैन,हिमांशु जैन,महेन्द्र गदिया,प्रभाचंद व महिला मण्डल की लाड़ देवी,रेखा जैन,रेणू जैन,कल्पना जैन,अनिता जैन,सीमा जैन,नीलम जैन,शिखा जैन,कुंती जैन,आदि उपस्थित थे।




