
शाहपुरा। कजरी तीज के पावन अवसर पर शाहपुरा की रामनगर कॉलोनी में महिलाओं ने श्रद्धा और उत्साह के साथ तीज पर्व मनाया। महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में सज-धजकर तीज माता की विधिवत पूजा-अर्चना की तथा तीज और चौथ माता की कथा श्रवण की।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने कजरी तीज से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं और पारंपरिक रीति-रिवाजों पर चर्चा की। बारह महीने चौथ माता का व्रत रखने के महत्व को लेकर भी महिलाओं ने अपने विचार साझा किए। महिलाओं ने बताया कि चौथ माता की आराधना और व्रत को परिवार की सुख-समृद्धि, संतान की मंगलकामना तथा पारिवारिक खुशहाली से जोड़कर देखा जाता है।
पूजा-अर्चना के बाद महिलाओं ने पारंपरिक तीज गीतों का गायन किया। गीत-संगीत और सामूहिक पूजा के बीच महिलाओं ने एक-दूसरे को तीज पर्व की शुभकामनाएं दीं। आयोजन में राजस्थान की लोक संस्कृति, धार्मिक आस्था और पारंपरिक रीति-रिवाजों का मनोहारी संगम देखने को मिला।
महिलाओं ने कहा कि कजरी तीज जैसे सामूहिक आयोजन केवल धार्मिक पर्व तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये हमारी लोक संस्कृति और पारंपरिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम भी हैं। ऐसे आयोजनों से महिलाओं को एक साथ मिलकर अपनी परंपराओं को निभाने और नई पीढ़ी को उनसे परिचित कराने का अवसर मिलता है।
कार्यक्रम में कांता देवी अजमेरा, विमला चोबे, विनिता अजमेरा, भागीरथी नामा, मधु अजमेरा, किरण छीपा, समिष्ठा चोबे, गरिमा नामा सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं। महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना कर परिवार और समाज की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की।




