
तेजा दशमी, जल झूलनी ग्यारस व गणेश चतुर्थी को लेकर शाहपुरा थाने में बैठक; पालिका अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव के दौरान आचार संहिता की पालना पर भी दिया जोर
शाहपुरा। शहर में आने वाले धार्मिक त्योहारों की तैयारियों और नगर पालिका अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के चुनाव को देखते हुए शाहपुरा पुलिस प्रशासन ने कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में शाहपुरा पुलिस थाने में सीएलजी सदस्यों, शांति समिति के सदस्यों तथा विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी तेजा दशमी, जल झूलनी ग्यारस और गणेश चतुर्थी के दौरान शांति, सुरक्षा और आपसी भाईचारा बनाए रखने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में डीएसपी नानालाल सालवी, सीआई लीलाधर मालवीय, तहसीलदार रणवीर सिंह तथा नगर पालिका के हंसराज गुर्जर सहित सीएलजी, शांति समिति के सदस्य और विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजक मौजूद रहे। अधिकारियों ने कहा कि शाहपुरा की सामाजिक और सांप्रदायिक सौहार्द की परंपरा को कायम रखते हुए सभी त्योहारों को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में मनाया जाए।
त्योहारों को लेकर पुलिस की नजर, आयोजकों से सहयोग की अपील
बैठक में अधिकारियों ने कहा कि त्योहार केवल धार्मिक आस्था और परंपराओं से जुड़े आयोजन नहीं हैं, बल्कि समाज को आपसी प्रेम और भाईचारे से जोड़ने का अवसर भी हैं। ऐसे में प्रत्येक आयोजन में अनुशासन और जिम्मेदारी जरूरी है।
पुलिस अधिकारियों ने कार्यक्रम आयोजकों से कहा कि धार्मिक जुलूस, शोभायात्रा, झांकी, डीजे अथवा अन्य कार्यक्रमों के दौरान प्रशासन की ओर से निर्धारित नियमों और व्यवस्थाओं का पालन किया जाए। आयोजन स्थल तथा जुलूस के दौरान भीड़ प्रबंधन का विशेष ध्यान रखा जाए। किसी भी प्रकार की ऐसी गतिविधि से बचा जाए, जिससे आमजन को परेशानी हो या कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका हो।
अधिकारियों ने आयोजकों से स्पष्ट कहा कि पुलिस और प्रशासन की ओर से निर्धारित व्यवस्थाओं में सभी का सहयोग आवश्यक है। किसी भी छोटी घटना को लेकर अफवाह या तनाव की स्थिति पैदा नहीं होने दी जाए। किसी प्रकार की समस्या सामने आने पर तत्काल पुलिस अथवा प्रशासन को सूचना देने की अपील की गई।
जल झूलनी ग्यारस और गणेश उत्सव पर विशेष व्यवस्था
शाहपुरा में धार्मिक आयोजनों की अपनी विशिष्ट परंपरा रही है। जल झूलनी ग्यारस और गणेश चतुर्थी जैसे पर्वों पर शहर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में पुलिस प्रशासन ने आयोजकों को भीड़ और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने कहा कि धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। आयोजक स्वयंसेवकों की व्यवस्था करें और पुलिस-प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर कार्यक्रम संचालित करें। संवेदनशील स्थानों तथा भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अनावश्यक अव्यवस्था से बचने की बात भी कही गई।
पालिका अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव को लेकर भी सतर्कता
बैठक में आगामी शाहपुरा नगर पालिका अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के चुनाव को लेकर भी कानून-व्यवस्था पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने कहा कि चुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। चुनाव के दौरान सभी राजनीतिक दलों, प्रत्याशियों, समर्थकों और आम नागरिकों को संयम एवं जिम्मेदारी के साथ अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान आचार संहिता लागू है। ऐसे में प्रत्येक नागरिक और संबंधित पक्ष का दायित्व है कि वह आचार संहिता के प्रावधानों का पालन करे। चुनाव को लेकर किसी प्रकार का विवाद, नारेबाजी, अफवाह या ऐसा कृत्य नहीं किया जाए, जिससे शहर की शांति और कानून-व्यवस्था प्रभावित हो।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाह पर विश्वास न करें और बिना पुष्टि के सोशल मीडिया अथवा अन्य माध्यमों से किसी सूचना को प्रसारित न करें।
पुलिस बोली- अलर्ट मोड पर है पुलिस
बैठक में पुलिस अधिकारियों ने साफ किया कि त्योहारों और चुनाव को देखते हुए पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की ओर से आवश्यक निगरानी और व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
डीएसपी नानालाल सालवी और सीआई लीलाधर मालवीय ने कहा कि पुलिस का उद्देश्य त्योहारों को लेकर भय का माहौल बनाना नहीं, बल्कि नागरिकों को सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराना है। इसके लिए पुलिस प्रशासन समाज के सभी वर्गों के साथ समन्वय बनाकर काम करेगा।
उन्होंने कहा कि शाहपुरा में त्योहारों की वर्षों पुरानी भाईचारे और सद्भाव की परंपरा रही है। इस परंपरा को बनाए रखने में समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है। पुलिस प्रशासन किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए पूरी तरह सजग है, लेकिन कानून-व्यवस्था बनाए रखना केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है। इसमें नागरिकों, आयोजकों और सामाजिक संगठनों का सहयोग भी उतना ही जरूरी है।
संवाद और समन्वय से बनेगा शांतिपूर्ण माहौल
बैठक का मूल संदेश यही रहा कि त्योहार हों या चुनाव—शांति, संयम और संवाद ही सबसे बड़ी ताकत हैं। प्रशासन ने धार्मिक एवं सामाजिक आयोजकों से लेकर आम नागरिकों तक सभी से सहयोग की अपेक्षा की।
अधिकारियों ने कहा कि शाहपुरा की पहचान आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द से है। आने वाले दिनों में धार्मिक पर्वों की आस्था और नगर पालिका चुनाव की लोकतांत्रिक प्रक्रिया साथ-साथ चलेगी। ऐसे में शहर के प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह कानून का सम्मान करते हुए सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में अपनी भूमिका निभाए।
बैठक में मौजूद सीएलजी और शांति समिति के सदस्यों तथा कार्यक्रम आयोजकों ने भी प्रशासन को आवश्यक सहयोग का भरोसा दिलाया। पुलिस और प्रशासन ने उम्मीद जताई कि आने वाले सभी त्योहार शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न होंगे तथा नगर पालिका चुनाव की प्रक्रिया भी शांति और कानून-व्यवस्था के बीच पूरी होगी।




