शाहपुरा संवाद की खबर का बड़ा असर : प्रधानमंत्री आवास योजना में गड़बड़ी की शिकायत पर हरकत में आया प्रशासन
विकास अधिकारी ने किया प्रतापपुरा ग्राम पंचायत का औचक निरीक्षण, ग्राम विकास अधिकारी को अनुपस्थित मिलने पर थमाया नोटिस

पात्र परिवारों को सूची में शामिल करने का भरोसा, पंजीयन बंद होने से ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी
शाहपुरा। जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने वाले ‘शाहपुरा संवाद’ की खबर का एक बार फिर बड़ा असर देखने को मिला। तीन दिन पूर्व प्रकाशित समाचार में शाहपुरा तहसील की प्रतापपुरा ग्राम पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता सूची तैयार करने में कथित गड़बड़ियों, पात्र परिवारों के नाम सूची से बाहर रहने तथा ग्रामीणों की शिकायतों को प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पंचायत समिति शाहपुरा के विकास अधिकारी प्रकाशचन्द्र स्वर्णकार ने ग्राम पंचायत का औचक निरीक्षण कर मौके की स्थिति का जायजा लिया।
विकास अधिकारी के अचानक ग्राम पंचायत पहुंचने से पंचायत परिसर में हलचल मच गई। निरीक्षण के दौरान कार्यालय में केवल कनिष्ठ सहायक मौजूद मिला, जबकि ग्राम विकास अधिकारी अनुपस्थित पाए गए। इस पर विकास अधिकारी ने तत्काल नाराजगी व्यक्त करते हुए ग्राम विकास अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए तथा अनुपस्थिति का स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जवाब प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान विकास अधिकारी ने पंचायत कार्यालय के अभिलेखों का अवलोकन किया तथा प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता सूची तैयार करने की प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने मौजूद कर्मचारियों से विस्तृत चर्चा कर यह जानने का प्रयास किया कि किन कारणों से अनेक पात्र परिवार सूची से वंचित रह गए तथा ग्रामीणों द्वारा लगातार शिकायतें क्यों की जा रही हैं।
इस दौरान शिकायतकर्ताओं एवं ग्रामीणों से भी विकास अधिकारी ने सीधे संवाद किया। ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची तैयार करने में कई पात्र परिवारों को नजरअंदाज कर दिया गया, जबकि कुछ ऐसे नाम शामिल किए जाने की चर्चा है जो वास्तविक रूप से पात्रता की श्रेणी में नहीं आते। ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच कर पात्र लोगों को योजना का लाभ दिलाने की मांग दोहराई।
विकास अधिकारी प्रकाशचन्द्र स्वर्णकार ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि जिन पात्र व्यक्तियों के नाम किसी कारणवश प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं, उनकी अपील प्राप्त कर नियमानुसार परीक्षण कराया जाएगा। पात्रता सिद्ध होने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई करते हुए उन्हें योजना का लाभ दिलाने का पूरा प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने यह भी दोहराया कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता अथवा उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि जांच में किसी कर्मचारी या अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके विरुद्ध विभागीय नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को आमजन के प्रति संवेदनशील रहकर समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से कार्य करने के निर्देश भी दिए।
इधर, ‘शाहपुरा संवाद’ में समाचार प्रकाशित होने के बाद प्रशासन की त्वरित सक्रियता से ग्रामीणों में संतोष का वातावरण है। ग्रामीणों ने समाचार पत्र का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि जनसमस्याओं को इसी प्रकार प्रमुखता से उठाया जाता रहा तो प्रशासन भी जवाबदेह बना रहेगा और आमजन को न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ेगी। ग्रामीणों का कहना था कि लंबे समय से उनकी शिकायतों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा था, लेकिन समाचार प्रकाशित होने के बाद प्रशासन स्वयं मौके पर पहुंचा, जिससे लोगों का विश्वास मजबूत हुआ है।
हालांकि, ग्रामीणों ने एक और गंभीर समस्या की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। उनका कहना है कि पंजीयन का कार्य समय पर नहीं होने से अनेक पात्र परिवारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोग बार-बार ग्राम पंचायत एवं संबंधित कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं, लेकिन पंजीयन प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित नहीं होने के कारण उनके आवेदन लंबित पड़े हैं। इससे योजना का लाभ मिलने में अनावश्यक विलंब हो रहा है और गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों की उम्मीदें प्रभावित हो रही हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर पंजीयन एवं सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाती तो इतनी बड़ी संख्या में शिकायतें सामने नहीं आतीं। उन्होंने मांग की कि पंजीयन कार्य को शीघ्र शुरू कर नियमित रूप से संचालित किया जाए, ताकि कोई भी पात्र परिवार केवल प्रशासनिक लापरवाही के कारण सरकारी योजना के लाभ से वंचित न रहे।
स्थानीय लोगों ने यह भी अपेक्षा जताई कि निरीक्षण केवल औपचारिकता बनकर न रह जाए, बल्कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर वास्तविक सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। उनका कहना है कि यदि दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई होती है और पात्र लोगों को समय पर योजना का लाभ मिलता है, तभी निरीक्षण का उद्देश्य सार्थक माना जाएगा।
फिलहाल प्रशासन की सक्रियता के बाद ग्रामीणों में नई उम्मीद जगी है। अब सभी की निगाहें विकास अधिकारी द्वारा मांगे गए जवाब, प्रस्तावित जांच और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि शिकायतों का निष्पक्ष निराकरण कर पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाया जाता है तथा लंबित पंजीयन कार्य शीघ्र प्रारंभ कराया जाता है, तो यह न केवल प्रतापपुरा बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक संदेश होगा कि जनहित से जुड़े मामलों में प्रशासन अब अधिक जवाबदेह और संवेदनशील होकर कार्य कर रहा है।




