
मुलचन्द पेसवानी
शाहपुरा संवाद। पुलिस और आमजन के बीच संवाद, विश्वास और सहभागिता को मजबूत बनाने की दिशा में शाहपुरा थाना पुलिस ने एक नई पहल की शुरुआत की है। अब शाहपुरा थाना क्षेत्र की प्रत्येक ग्राम पंचायत में क्रमवार सीएलजी (कम्युनिटी लाइजन ग्रुप) की बैठकें आयोजित की जाएंगी, ताकि ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर हो सके, अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके तथा पुलिस और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित हो। इस अभियान की शुरुआत मंगलवार को ग्राम पंचायत डाबला कचरा से हुई, जहां आयोजित सीएलजी बैठक में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए नवपदस्थापित थाना प्रभारी (सीआई) लीलाधर मालवीय का साफा पहनाकर एवं पुष्पमालाएं पहनाकर आत्मीय स्वागत किया।
बैठक में शाहपुरा थाना प्रभारी लीलाधर मालवीय के साथ थाना के दीवान महावीर शर्मा, कांस्टेबल अशोक तथा किशन गोपाल खींची सहित पुलिस स्टाफ उपस्थित रहा। वहीं बड़ी संख्या में ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि, सीएलजी सदस्य, प्रबुद्ध नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं ग्रामीणजन मौजूद रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए थाना प्रभारी लीलाधर मालवीय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “पुलिस का उद्देश्य केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि अपराध होने से पहले उसे रोकना भी है। इसके लिए पुलिस और जनता के बीच मजबूत विश्वास और निरंतर संवाद जरूरी है। हमारी प्राथमिकता है कि आमजन के मन में पुलिस के प्रति विश्वास बना रहे और अपराधियों के मन में कानून का भय कायम रहे।”
उन्होंने कहा कि समाज और पुलिस एक-दूसरे के पूरक हैं। जब तक आमजन पुलिस का सहयोग नहीं करेंगे, तब तक अपराधों पर पूरी तरह नियंत्रण संभव नहीं है। इसलिए प्रत्येक नागरिक को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी समझते हुए पुलिस का सहयोग करना चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस तक पहुंचानी चाहिए।

नाबालिगों को वाहन नहीं सौंपें, अभिभावक रहें जिम्मेदार
सीआई मालवीय ने सड़क सुरक्षा को लेकर भी ग्रामीणों को जागरूक करते हुए कहा कि आजकल नाबालिग बच्चों द्वारा बिना लाइसेंस मोटरसाइकिल एवं अन्य वाहन चलाने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने नाबालिग बच्चों को किसी भी परिस्थिति में वाहन न दें। नाबालिग द्वारा वाहन चलाना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे दुर्घटनाओं की आशंका भी कई गुना बढ़ जाती है।
उन्होंने कहा कि मोटरसाइकिल चलाते समय हमेशा हेलमेट पहनना चाहिए। हेलमेट केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा के लिए आवश्यक है। इसके साथ ही दोपहिया वाहन पर तीन सवारी बैठाना भी कानूनन अपराध है। यातायात नियमों का पालन प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है और इसका पालन कर हम स्वयं के साथ-साथ दूसरों का जीवन भी सुरक्षित रख सकते हैं।
गांवों में बढ़ रही चोरी की घटनाओं पर बरतें सतर्कता
बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ रही चोरी की घटनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। थाना प्रभारी ने ग्रामीणों से कहा कि यदि गांव में कोई अपरिचित व्यक्ति घूमता हुआ दिखाई दे, घर-घर जाकर सामान बेचने का प्रयास करे अथवा उसकी गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत हों तो उसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दें। कई बार अपराधी रेकी करने के उद्देश्य से फेरीवाले, कबाड़ी, सर्वे कर्मचारी या अन्य रूप धारण कर गांवों में पहुंचते हैं और बाद में चोरी या अन्य वारदातों को अंजाम देते हैं।
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे ऐसे व्यक्तियों की पहचान, वाहन संख्या अथवा फोटो उपलब्ध हो सके तो पुलिस तक पहुंचाएं, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि छोटी-सी सूचना भी कई बार बड़ी वारदात को रोक सकती है।

पुलिस की योजनाओं और कानूनों की दी जानकारी
सीएलजी बैठक के दौरान थाना प्रभारी ने पुलिस विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, साइबर अपराधों से बचाव, महिला सुरक्षा, आपातकालीन सहायता सेवाओं, यातायात नियमों तथा कानून व्यवस्था से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर ग्रामीणों को विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ अपराधों का स्वरूप भी बदल रहा है। ऐसे में प्रत्येक नागरिक को जागरूक रहना होगा। विशेष रूप से साइबर ठगी, फर्जी कॉल, ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी और सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाले अपराधों से सावधान रहने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि पुलिस आमजन की सुरक्षा के लिए हर समय तत्पर है, लेकिन अपराध रोकने में समाज की भागीदारी भी उतनी ही आवश्यक है। यदि गांव का प्रत्येक व्यक्ति सजग रहेगा तो अपराधियों के लिए किसी भी प्रकार की वारदात को अंजाम देना आसान नहीं होगा।
ग्रामीणों ने रखीं समस्याएं, पुलिस ने दिया समाधान का भरोसा
बैठक के दौरान ग्रामीणों एवं सीएलजी सदस्यों ने गांव की कानून-व्यवस्था, यातायात, रात्रिकालीन गश्त, संदिग्ध व्यक्तियों की आवाजाही तथा अन्य स्थानीय समस्याओं से थाना प्रभारी को अवगत कराया। सीआई मालवीय ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनका प्राथमिकता से समाधान कराने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि थाना आमजन के लिए सदैव खुला है और कोई भी व्यक्ति बिना किसी संकोच के अपनी समस्या पुलिस के समक्ष रख सकता है।
स्वागत से अभिभूत हुए सीआई मालवीय
बैठक प्रारंभ होने से पूर्व ग्राम पंचायत परिसर में ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने नवपदस्थापित थाना प्रभारी लीलाधर मालवीय का राजस्थानी परंपरा के अनुसार साफा पहनाकर तथा पुष्पमालाएं पहनाकर भव्य स्वागत किया। ग्रामीणों ने आशा व्यक्त की कि उनके नेतृत्व में शाहपुरा थाना क्षेत्र में कानून व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा पुलिस-जन सहयोग की नई मिसाल स्थापित होगी।
हर पंचायत में होगी सीएलजी बैठक
थाना प्रभारी ने बताया कि डाबला कचरा से प्रारंभ हुई यह पहल अब पूरे शाहपुरा थाना क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतों तक पहुंचेगी। प्रत्येक पंचायत में सीएलजी बैठक आयोजित कर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया जाएगा, उनकी समस्याएं सुनी जाएंगी तथा अपराध नियंत्रण, यातायात जागरूकता, महिला सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव और सामाजिक समरसता जैसे विषयों पर जनजागरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल कानून लागू करना नहीं, बल्कि समाज के साथ मिलकर सुरक्षित, शांतिपूर्ण और अपराधमुक्त वातावरण का निर्माण करना है।
ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि पुलिस यदि नियमित रूप से गांवों में पहुंचकर लोगों से संवाद करेगी तो अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के साथ-साथ आमजन का पुलिस के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत होगा। बैठक सकारात्मक वातावरण में संपन्न हुई और उपस्थित ग्रामीणों ने भविष्य में भी पुलिस को हरसंभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया।




