आईआईटी गांधीनगर की राष्ट्रीय कार्यशाला में शामिल हुए बापूनगर विद्यालय के शिक्षक शुभम खोईवाल
'लर्निंग बाय डूइंग' प्रशिक्षण से विज्ञान शिक्षण को मिलेगा नया आयाम

शाहपुरा। पीएम श्री राजकीय बालक उच्च माध्यमिक विद्यालय, बापूनगर Bhilwara के विज्ञान शिक्षक शुभम खोईवाल ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) गांधीनगर में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला ‘लर्निंग बाय डूइंग’ (Learning by Doing) में सहभागिता कर विद्यालय एवं क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। यह कार्यशाला 23 से 25 जुलाई तक आयोजित की गई, जिसमें देशभर से चयनित विज्ञान शिक्षकों ने भाग लेकर आधुनिक एवं नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
विद्यालय की प्रधानाचार्या सुनीता नानकानी ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य विज्ञान शिक्षा को अधिक व्यावहारिक, रोचक एवं विद्यार्थी-केंद्रित बनाना था। प्रशिक्षण के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (एनईपी-2020) के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण एवं अनुभवात्मक शिक्षण की विभिन्न तकनीकों से शिक्षकों को अवगत कराया गया।
उन्होंने बताया कि कार्यशाला में पारंपरिक रटंत शिक्षा प्रणाली से आगे बढ़ते हुए ‘सीखते हुए करना’ (Learning by Doing) की अवधारणा पर विशेष जोर दिया गया। इसके तहत स्थानीय स्तर पर आसानी से उपलब्ध एवं कम लागत वाली सामग्रियों तथा दैनिक जीवन में उपयोग होने वाली वस्तुओं के माध्यम से विज्ञान की जटिल अवधारणाओं को सरल और प्रभावी ढंग से विद्यार्थियों तक पहुंचाने के तरीके सिखाए गए। साथ ही प्रयोग आधारित शिक्षण, नवाचार, वैज्ञानिक सोच और समस्या समाधान क्षमता विकसित करने पर भी विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
शिक्षक शुभम खोईवाल ने बताया कि कार्यशाला में प्राप्त ज्ञान और अनुभव का उपयोग विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए विज्ञान विषय को अधिक रुचिकर, प्रयोगात्मक और जीवनोपयोगी बनाने में किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित होगा तथा वे विषय को केवल पुस्तक तक सीमित न रखकर व्यवहारिक रूप से भी समझ सकेंगे।
विद्यालय प्रबंधन समिति एवं समस्त स्टाफ सदस्यों ने शुभम खोईवाल की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास जताया कि आईआईटी गांधीनगर से प्राप्त प्रशिक्षण का लाभ विद्यालय के विद्यार्थियों को मिलेगा तथा विज्ञान शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा। विद्यालय परिवार ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए इसे संस्थान के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया।




