
भीलवाड़ा, । श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर ट्रस्ट, मैन सेक्टर शास्त्रीनगर के तत्वावधान में सकल दिगम्बर जैन समाज की ओर से भीलवाड़ा में पहली बार चातुर्मास कर रहे राष्ट्र संत मनोज्ञाचार्य पुलकसागरजी महाराज ससंघ के सानिध्य में सूर्यमहल में चातुर्मास की धर्म साधना गतिमान है। आचार्य पुलकसागर महाराज ने गुरूवार को धर्म संदेश प्रदान करते हुए कहा कि मनुष्य जीवन अनमोल है जिसे व्यर्थ नहीं गवाएं। मनुष्य जीवन पाकर आत्मकल्याण के लिए पुरूषार्थ कर सिद्धत्व प्राप्ति को अपना लक्ष्य बनाए। जीवन में कषाय कम करेंगे तो भाव निर्मल होंगे। भाव में विशुद्धि आपके चरित्र को उपर उठाएगी ओर गुणस्थान में अभिवृद्धि करेगी। यही गुणस्थान वृद्धि एक दिन आत्मतत्व में लीन कर भगवत्ता प्रकट कराएगी। उन्होंने कहा कि जिनवाणी के माध्यम से भगवान महावीर की वितराग वाणी सुनकर भव्य जीव भगवान बन जाते है। जिनवाणी के रूप में भगवान की देशना सुनकर हमारे मन में भी भगवान बनने की भावना जागृत होनी चाहिए। जो सच्चे मन से जिनवाणी श्रवण करता है वह जीवन के परम लक्ष्य की प्राप्ति कर सकता है। आचार्यश्री ने कहा कि भावों की विशुद्धि हो जाने पर हम जिनवाणी श्रवण के पात्र बन जाते है। सासारिक साधन कषाय वृद्धि करते है। भाव विशुद्ध होने पर कषाय घटेंगे, जीवन में निर्मलता आएगी ओर साधु-संतो ंके प्रति अनुराग बढ़ेगा व घर से मोह कम होगा। मानव भव मिलना दुर्लभ है यह सोच कर वर्तमान को सुधार लेना चाहिए।

आचार्य पुलकसागर महाराज ने कहा कि अपने अंदर भगवान को विराजमान करना चाहते है तो मन को कषाय मुक्त कर जीवन को कोरा कागज समान बनाना होगा। तभी आत्मा के अनंतगण प्रकट होकर भगवान बन सकेंगे। जीवन में वाणी में मधुरता रखने से समता ओर समरसता बढ़ेगी ओर इससे गुणस्थान भी उत्तम होगा। असत्य, माया व अभिमान हमारे गुणस्थान को नीचे ले जाते है। श्री पुलकसागर चातुर्मास समिति के अध्यक्ष प्रवीण चौधरी ने बताया कि शुरू में दीप प्रज्वलन,पाद प्रक्षालन एवं शास्त्र भेंट का सौभाग्य बालचंद सत्यप्रकाश लक्ष्य ठोला परिवार कांस्या बिजौलिया वाले ने प्राप्त किया। धर्म संदेश श्रवण करने के लिए भीलवाड़ा के विभिन्न क्षेत्रों से सैकड़ो श्रावक-श्राविका पहुंचे थे। चातुर्मास समिति के संयोजक मनीष शाह ने बताया कि सूर्यमहल में आचार्यश्री के सानिध्य में 14 अगस्त तक प्रतिदिन सुबह 8.30 से 10 बजे तक प्रवचन होंगे। शाम 7 से 8 बजे तक आनंद यात्रा एवं आरती का आयोजन किया जा रहा है। समिति के सह संयोजक लोकेश अजमेरा ने बताया कि चातुर्मास का प्रमुख आकर्षण सर्व समाज के लिए ज्ञान गंगा महोत्सव 15 से 30 अगस्त तक चित्रकूटधाम में आयोजित किया जाएगा जिसके लिए तैयारियां जारी है। इस महोत्सव में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु आचार्यश्री के मुखारबिंद से प्रवचन सुनने उमड़ेंगे। ज्ञान गंगा महोत्सव में शामिल होने के लिए देश प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से भी श्रद्धालु भीलवाड़ा आएंगे।




