#chaturmasbhilwara
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फूटी बाल्टी जैसा मन संतोष से ही भर सकता है, ‘ओर’ नहीं ‘बस’ बोलना सीखो-पुलकसागर महाराज
भीलवाड़ा, मूलचन्द पेसवानी इंसान के तन का पेट तो भोजन से भर सकता है, लेकिन मन का पेट कितना भी भरने…
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दृष्टि ऐसी रखो कि सृष्टि बदल जाए, अंतिम समय आंखें किसी के काम आएं-आचार्य रामदयालजी
नेत्रदान से किसी की अंधेरी दुनिया में लौट सकती है रोशनी | आचार्य रामदयालजी ने कहा—देह राख बनने से बेहतर…
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ज्ञान गंगा में विद्यार्थियों को जीवन की पाठशाला, डिग्री से नहीं, गुणों से बनती है इंसान की पहचान- पुलकसागर
भीलवाड़ा, मूलचन्द पेसवानी जिंदगी की परीक्षा में अच्छे अंक केवल कागज पर नहीं, बल्कि इंसानियत, संस्कार और अच्छे कर्मों से…
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जश्ने आजादी में बही ज्ञान की गंगा, पुलकसागर महाराज ने जगाया राष्ट्रगौरव का भाव
भीलवाड़ा। धर्मनगरी भीलवाड़ा में शनिवार को स्वाधीनता दिवस का पर्व आध्यात्मिक चेतना, राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर नजर आया।…
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भक्ति के मार्ग पर चलकर ही परमात्मा की प्राप्ति हो सकती-आचार्य रामदयालजी महाराज
भीलवाड़ा, । अपना सर्वस्व परमात्मा को समर्पित कर देने से बढ़कर भक्ति नहीं हो सकती। परमात्मा ही हमे जन्म मरण…
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‘सनातन की रीढ़ है संगठन’, महामंडलेश्वर हंसरामजी ने विहिप पदाधिकारियों से कहा—पर्वों में दिखे समाज की एकजुटता
भीलवाड़ा। बदलते वैश्विक हालात के बीच समाजसेवा और सनातन संस्कृति के संरक्षण को लेकर विश्व हिंदू परिषद और राष्ट्रीय स्वयंसेवक…
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कर्मों का पलड़ा भारी तो बदल जाती है जिंदगी, चातुर्मास आत्मनिरीक्षण का पर्व : पुलकसागर महाराज
भीलवाड़ा, मूलचन्द पेसवानी राष्ट्र संत मनोज्ञाचार्य पुलकसागरजी महाराज ससंघ के भीलवाड़ा में पहली बार हो रहे चातुर्मास के दौरान धर्म…
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अपने अवगुणों को पहचानने से ही मिलेगी आत्मकल्याण की राह : आचार्य रामदयालजी महाराज
भीलवाड़ा, मूलचन्द पेसवानी व्यक्ति यदि अपने दोषों को छिपाकर दूसरों की कमियां खोजने में ही जीवन व्यतीत करता है…
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सच्चे मन से जिनवाणी श्रवण करने पर जीवन के परम लक्ष्य की प्राप्ति – आचार्य पुलकसागर महाराज
भीलवाड़ा, । श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर ट्रस्ट, मैन सेक्टर शास्त्रीनगर के तत्वावधान में सकल दिगम्बर जैन समाज की ओर…
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ज्ञान ही मिटाता है अज्ञान का अंधकार, सत्संग जब हृदय में उतरता है तभी खुलते हैं पुण्य के द्वार : जगद्गुरु रामदयालजी महाराज
भीलवाड़ा। मूलचन्द पेसवानी “अपने ज्ञान के द्वारा अपने अज्ञान को समाप्त करना ही जीवन की सबसे बड़ी साधना है। गंगा…
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